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MahaShivratri 2023: इस बार महाशिवरात्रि पर बन रहे हैं कई संयोग, व्रत और पूजा से पूर्ण होंगे सभी मनोरथ

Thu, 09 Feb 2023 12:24 AM IST
आशिकी पटेल पं. मनोज कुमार द्विवेदी ज्योतिषाचार्य
पं. मनोज कुमार द्विवेदी ज्योतिषाचार्य Published by: आशिकी पटेल Updated Thu, 09 Feb 2023 12:24 AM IST
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Mahashivratri 2023 Kab Hai Know Date Tithi Puja Muhurat Shubh sanyog and Importance News in Hindi
इस बार महाशिवरात्रि पर बन रहे हैं कई संयोग, व्रत और पूजा से पूर्ण होंगे सभी मनोरथ - फोटो : अमर उजाला

MahaShivratri 2023: पंचांग के अनुसार, महाशिवरात्रि फाल्गुन माह की कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को मनाई जाती है। इस साल महाशिवरात्रि 18 फरवरी को है। भगवान शिव और माता पार्वती की आराधना का महाशिवरात्रि सबसे बड़ा पर्व है। मान्यता है कि इस तिथि पर ही भगवान शंकर मां पार्वती का विवाह हुआ था। महाशिवरात्रि के दिन भक्त महादेव के लिए उपवास रखते हैं और पूजा करते हैं।



इस दिन सच्ची भक्ति और निष्ठा के साथ व्रत करने वालों से महादेव अवश्य प्रसन्न होते हैं और उनकी समस्त मनोकामना पूरी करते हैं। ज्योतिषाचार्य पं. मनोज कुमार द्विवेदी ने बताया कि महाशिवरात्रि का पावन दिन साधना करने के लिए उत्तम माना जाता है। साथ ही इस बार की महाशिवरात्रि बेहद खास भी मानी जा रही है। इस वर्ष महाशिवरात्रि पर शनि प्रदोष का होना धार्मिक दृष्टि से बहुत शुभ और मंगलकारी है। शनि प्रदोष व्रत पुत्र प्राप्ति की कामना के साथ रखा जाता है।

18 फरवरी को महाशिवरात्रि के दिन शनि प्रदोष होने से भगवान शिव जल्द ही आपकी मनोकामना पूर्ण करते हैं। इसके साथ यह व्रत शनि दोष दूर करने में बहुत ही उत्तम माना गया है। महाशिवरात्रि पर जल में काले तिल डालकर शिवजी का अभिषेक करने से आपको शनि की महादशा से राहत मिलेगी।

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Mahashivratri 2023 Kab Hai Know Date Tithi Puja Muhurat Shubh sanyog and Importance News in Hindi
इस बार महाशिवरात्रि पर बन रहे हैं कई संयोग, व्रत और पूजा से पूर्ण होंगे सभी मनोरथ - फोटो : iStock

महाशिवरात्रि पर शाम 5 बजकर 42 मिनट से 19 फरवरी सूर्योदय तक सर्वार्थ सिद्धि योग बन रहा है। सर्वार्थ सिद्धि योग में शिवजी की पूजा करने से और व्रत रखने से साधक को परमसिद्धि की प्राप्ति होती है। इसके साथ ही सर्वार्थ सिद्धि योग धन लाभ और कार्य सिद्धि के लिए विशेष रूप से शुभ माना जाता है। इस शुभ योग में कोई भी नया कार्य, बिजनेस या फिर नौकरी में नई शुरुआत करना अच्छा परिणाम देने वाली मानी जाती है।

इस बार महाशिवरात्रि पर शनि भी अपनी मूल त्रिकोण राशि कुंभ में रहेंगे और 13 फरवरी को कुंभ में सूर्य का प्रवेश भी होगा। इस तरह महाशिवरात्रि पर पिता-पुत्र, सूर्य और शनि एक ही राशि में होंगे। ज्योतिष में पिता और पुत्र सूर्य-शनि के बीच में विरोधी संबंध माने जाते हैं। इसके बावजूद ये इस राशि में शुभ फलदायी होंगे। इस वक्त में शनि अस्त अवस्था में होंगे। जिससे सूर्य का प्रभाव अधिक रहेगा। करियर और आर्थिक मामलों की दृष्टि से यह स्थिति बहुत ही बेहतर मानी जाती है। इस शुभ योग में शिवजी की पूजा करने और व्रत करने से शनि के सभी दोष दूर हो सकते हैं।

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Mahashivratri 2023 Kab Hai Know Date Tithi Puja Muhurat Shubh sanyog and Importance News in Hindi
इस बार महाशिवरात्रि पर बन रहे हैं कई संयोग, व्रत और पूजा से पूर्ण होंगे सभी मनोरथ - फोटो : iStock

महाशिवरात्रि पर गुरु भी अपनी राशि मीन में होंगे। गुरु मीन राशि में उच्च के होते हैं और स्वराशि में होने पर ये हंस राजयोग बनाएंगे। करियर की दृष्टि से यह स्थिति बहुत ही शुभ मानी जाती है। इस वक्त आप अपने करियर के संबंध में जो भी फैसला लेंगे उसमें आपको लाभ होगा। अगर आप कहीं नए कार्य के लिए जाएं या फिर कहीं नौकरी के सिलसिले में इंटरव्यू देने जाएं तो शिव तांडव स्त्रोत का पाठ करने पर आपको सफलता अवश्य मिलेगी।

महाशिवरात्रि पर गुरु के साथ ही शुक्र भी मीन राशि में होंगे। ज्योतिष में दोनों ही ग्रह विरोधी स्वभाव के माने जाते हैं, लेकिन अच्छी बात यह है कि शुक्र मीन राशि में उच्च के होंगे। जिससे मालव्य नामक शुभ राजयोग बनेगा। इन सभी शुभ स्थिति में भगवान शिव की पूजा करने से आपकी सभी मनोकामनाएं पूर्ण होंगे। आपके जिन कार्यों में अभी तक अड़चन आ रही थी, धीरे-धीरे करके वे सभी कार्य अब पूर्ण होने लगेंगे।


 
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Mahashivratri 2023 Kab Hai Know Date Tithi Puja Muhurat Shubh sanyog and Importance News in Hindi
इस बार महाशिवरात्रि पर बन रहे हैं कई संयोग, व्रत और पूजा से पूर्ण होंगे सभी मनोरथ - फोटो : iStock

महाशिवरात्रि पूजन विधि
महाशिवरात्रि के दिन शिवलिंग को पंचामृत से स्नान कराएं। उसके बाद केसर मिश्रित जल से अभिषेक करें, चंदन का तिलक लगाएं। बेलपत्र, भांग, धतूरा, गन्ने का रस, तुलसी, जायफल, कमल गट्टे, फल, मिष्ठान, मीठा पान, इत्र व दक्षिणा चढ़ाएं। सबसे बाद में केसर युक्त खीर का भोग लगा कर प्रसाद बांटें। ॐ नमो भगवते रूद्राय, ॐ नमः शिवाय रूद्राय् शम्भवाय् भवानीपतये नमो नमः मंत्रों का जाप करें। इस दिन शिव पुराण का पाठ जरूर करें l महाशिवरात्रि के दिन रात्रि जागरण भी किया जाता है, रात्रि जागरण से साधक को परम सिद्धि की प्राप्ति होती हैl

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इस बार महाशिवरात्रि पर बन रहे हैं कई संयोग, व्रत और पूजा से पूर्ण होंगे सभी मनोरथ - फोटो : iStock

महाशिवरात्रि, शनि प्रदोष व्रत और सर्वार्थ सिद्धि योग उपाय

  • ज्योतिष शास्त्र के अनुसार शनि प्रदोष व्रत के दिन भगवान शिव की विधि-विधान से पूजा करें और जल में काला तिल मिलाकर शिवलिंग का अभिषेक करें और 'ॐ नमः शिवाय' का निरंतर जाप करें। मान्यता है कि ऐसा करने से भगवान शिव अति प्रसन्न होते हैं।
  • महाशिवरात्रि के दिन पूजा के समय भोलेनाथ को कुल 21 बेलपत्र एक-एक करके अर्पित करें। इसके बाद शिव चालीसा का पाठ अवश्य करें। इस उपाय का पालन करने से शिव जी प्रसन्न होते हैं और साथ ही शनि देव का अशुभ प्रभाव कम हो जाता है।
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