Mahashivratri Puja Vidhi: आज भगवान शिव की उपासना और पूजा का सबसे बड़ा पर्व महाशिवरात्रि है। फाल्गुन मास कृष्ण चतुर्दशी को महाशिवरात्रि वह महारात्रि है जिसका शिव तत्व से घनिष्ठ सम्बन्ध है। यह पर्व शिव के दिव्य अवतरण का मंगल सूचक पर्व है। उनके निराकार से साकार रूप में अवतरण की रात्रि ही महाशिवरात्रि कहलाती है। शास्त्रों का कथन है कि 'शिवः अभिषेक प्रियः'अर्थात कल्याणकारी शिव को अभिषेक अत्यंत प्रिय है। समस्त मनोरथों को पूर्ण करने की शक्ति शिवलिंग के अभिषेक में समाहित है। ब्रह्म का विग्रह रूप ही शिव हैं। ''रुतम -दुःखम द्रावयति-नाशयतीति रुद्रः' यानि भगवान शिव सभी दुखों को नष्ट कर देते हैं। शिवलिंग का पूजन-अभिषेक करने से सभी देवी-देवताओं के अभिषेक का फल उसी क्षण प्राप्त हो जाता है। ज्योतिष शास्त्र का भी शिव की उपासना से सीधा संबंध है इसलिए शिवपूजा में काम आने वाली सभी चीजों के अलावा आप कुछ चीजें अपनी राशि के अनुरूप भोलेनाथ पर अर्पित करते हैं तो भोले नाथ की कृपा के साथ-साथ आपके ग्रह भी मजबूत होकर अच्छा फल प्रदान करते हैं।
महाशिवरात्रि आज: राशि के अनुसार करें शिवजी की पूजा,भोलेनाथ की प्रसन्नता के साथ ग्रह भी हो जाएंगे अनुकूल
अनीता जैन ,वास्तुविद
Published by: विनोद शुक्ला
Updated Tue, 01 Mar 2022 01:19 PM IST
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