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Mahashivratri 2021: इस महाशिवरात्रि पर बन रहा है यह योग, जानें पूजा और पारण के लिए शुभ मुहूर्त

Fri, 19 Feb 2021 07:00 AM IST
रुस्तम राणा धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: रुस्तम राणा Updated Fri, 19 Feb 2021 07:00 AM IST
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Mahashivratri 2021 these shubh Yogas form on this Mahashivratri
महाशिवरात्रि 2021 - फोटो : SOCIAL MEDIA

Mahashivratri 2021: महाशिवरात्रि का पर्व 11 मार्च 2021 को है। इस दिन भगवान शिव की विधि-विधान से पूजा की जाती है। उनका आशीर्वाद पाने के लिए महाशिवरात्रि का व्रत किया जाता है। हिन्दू पंचांग के अनुसार, प्रति वर्ष फाल्गुन माह कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को मनाई जाती है। इस बार महाशिवरात्रि के दिन ग्रहों का विशेष संयोग बन रहा है। ज्योतिषीय गणना के अनुसार, महाशिवरात्रि पर शिव योग के साथ घनिष्ठा नक्षत्र होगा और चंद्रमा मकर राशि में विराजमान रहेंगे।

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Mahashivratri 2021 these shubh Yogas form on this Mahashivratri
महाशिवरात्रि 2021 का शुभ मुहूर्त - फोटो : Social media

महाशिवरात्रि का शुभ मुहू्र्त 
महाशिवरात्रि तिथि - 11 मार्च 2021, बृहस्पतिवार
निशिता काल का समय - 11 मार्च, रात 12 बजकर 6 मिनट से 12 बजकर 55 मिनट तक 
पहला प्रहर - 11 मार्च, शाम 06 बजकर 27 मिनट से 09 बजकर 29 मिनट तक 
दूसरा प्रहर - 11 मार्च, रात 9 बजकर 29 मिनट से 12 बजकर 31 मिनट तक 
तीसरा प्रहर - 11 मार्च, रात 12 बजकर 31 मिनट से 03 बजकर 32 मिनट तक 
चौथा प्रहर - 12 मार्च, सुबह 03 बजकर 32 मिनट से सुबह 06 बजकर 34 मिनट तक 
शिवरात्रि पारण का समय - 12 मार्च, सुबह 06 बजकर 34 मिनट से शाम 3 बजकर 02 मिनट तक
पूजा का समय
महाशिवरात्रि के दिन शुभ काल के दौरान ही महादेव और पार्वती की पूजा की जानी चाहिए तभी इसका फल मिलता है। महाशिवरात्रि पर रात्रि में चार बार शिव पूजन की परंपरा है। 

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Mahashivratri 2021 these shubh Yogas form on this Mahashivratri
महाशिवरात्रि 2021 - फोटो : अमर उजाला

पूजा विधि

  • सुबह जल्दी उठें और नित्यकर्मों से निवृत्त हो जाएं। 
  • इसके बाद जिस जगह पूजा करते हैं, वहां साफ कर लें। 
  • फिर महादेव को पंचामृत से स्नान करें। 
  • उन्हें तीन बेलपत्र, भांग धतूरा, जायफल, फल, मिठाई, मीठा पान, इत्र अर्पित करें। 
  • शिवजी को चंदन का तिलक लगाएं, फिर खीर का भोग लगाएं। 
  • दिन भर भगवान शिव का ध्यान करें, उनकी स्तुति करें। 
  • रात के समय प्रसाद रूपी खीर का सेवन कर पारण करें और दूसरों को भी प्रसाद बांटें। 

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Mahashivratri 2021 these shubh Yogas form on this Mahashivratri
महाशिवरात्रि 2021 - फोटो : अमर उजाला

महाशिवरात्रि का महत्व
माना जाता है कि इस दिन विधि-विधान से पूजा करने पर भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूर्ण हो जाती हैं। दांपत्य जीवन में खुशियां लाने के लिए, मनचाहा जीवनसाथी प्राप्त करने के लिए भक्त इस दिन व्रत करते हैं। ईशान संहिता के अनुसार ‘फाल्गुनकृष्णचर्तुदश्याम् आदि देवो महानिशि। शिवलिंगतयोद्भुत: कोटिसूर्यसमप्रभ:। तत्कालव्यापिनी ग्राह्या शिवरात्रिव्रते तिथि:।’ अर्थात् फाल्गुन चतुर्दशी की मध्यरात्रि में आदिदेव भगवान शिव लिंगरूप में अमिट प्रभा के साथ उद्भूत हुए। इस रात को कालरात्रि और सिद्धि की रात भी कहते हैं। जो भक्त महाशिवरात्रि का व्रत रखते हैं, भगवान शिव सदैव उनपर अपनी कृपादृष्टि बनाए रखते हैं। महादेव के आशीर्वाद से घरों में सुख-समृद्धि बनी रहती है। 

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