Krishna Janmasthami 2026 Date: हर साल भाद्रपद मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि पर जन्माष्टमी का पर्व मनाया जाता है। इसे भगवान श्रीकृष्ण के प्राकट्य दिवस के रूप में जाना जाता है, जिसे देशभर में बड़े ही उत्साह और श्रद्धा के साथ मनाया जाता है। इस दिन भगवान कृष्ण की पूजा-अर्चना की जाती है और भक्त उपवास भी रखते हैं। मान्यता है कि, इस तिथि पर निशिता काल में भगवान श्रीकृष्ण के बाल स्वरूप की पूजा करने से साधक के जीवन में सुख-समृद्धि और खुशियों का वास होता है। साथ ही भगवान श्रीकृष्ण की कृपा भी जीवन पर बनी रहती है। जन्माष्टमी के खास अवसर पर देशभर के मंदिरों में विशेष पूजा-पाठ, भजन-कीर्तन और भंडारों का आयोजन किया जाता है। वहीं, कई स्थानों पर भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं को नाटकीय रूप में प्रस्तुत कर विशेष पूजा आयोजन किया जाता है। प्रेम, भक्ति और आस्था का यह पर्व सभी के जीवन में विशेष महत्व रखता है। ऐसे में इस बार लोगों के मन में 3 या 4 सितंबर को लेकर कन्फ्यूजन बना हुआ है। आइए जानते हैं कि, साल 2026 में कृष्ण जन्माष्टमी का व्रत कब रखा जाएगा ?
Krishna Janmasthami 2026: 3 या 4 सितंबर, कब है कृष्ण जन्माष्टमी? दूर करें कन्फ्यूजन और जानें सही तिथि
Krishna Janmasthami 2026 Date: हर साल भाद्रपद मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि पर जन्माष्टमी का पर्व मनाया जाता है। इस बार लोगों के मन में 3 या 4 सितंबर को लेकर कन्फ्यूजन बना हुआ है। आइए जानते हैं कि, साल 2026 में कृष्ण जन्माष्टमी का व्रत कब रखा जाएगा ?
कृष्ण जन्माष्टमी 2026
भाद्रपद कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि की शुरुआत 4 सितंबर 2026 को रात 2 बजकर 25 मिनट पर होगी। इसका समापन 5 सितंबर 2026 को रात 12 बजकर 13 मिनट पर होगा। निशिता काल के अनुसार, 4 सितंबर 2026, शुक्रवार को कृष्ण जन्माष्टमी का पर्व मनाया जाएगा।
पूजा का शुभ मुहूर्त
श्रीकृष्ण जन्मोत्सव की पूजा का शुभ समय 4 सितंबर की रात 11 बजकर 57 मिनट से 5 सितंबर की रात 12 बजकर 43 मिनट तक रहेगा। वहीं, व्रत का पारण 5 सितंबर की सुबह 6 बजकर 01 मिनट पर किया जा सकता है।
- जन्माष्टमी के दिन उपवास रखें और पूरे विधि-विधान से भगवान श्रीकृष्ण की पूजा करें। रात में निशिता काल के दौरान बाल गोपाल की विशेष पूजा और आराधना करें।
- इस दिन भगवान श्रीकृष्ण को माखन-मिश्री का भोग लगाएं। मान्यता है कि कान्हा को माखन अत्यंत प्रिय है और उन्हें इसका भोग लगाने से उनकी विशेष कृपा प्राप्त होती है।
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- जन्माष्टमी के दिन भगवान श्रीकृष्ण के साथ राधा रानी की पूजा करना भी शुभ माना जाता है। श्रद्धापूर्वक उनकी आराधना करने से प्रेम और रिश्तों में मधुरता बनी रहने की मान्यता है।
- जन्माष्टमी के दिन अपनी क्षमता के अनुसार जरूरतमंदों को अन्न व अन्य आवश्यक चीजों का दान करना शुभ माना जाता है। मान्यता है कि इस दिन किया गया दान पुण्य फल प्रदान करता है।
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