फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

शारदीय नवरात्रि में त्रिरात्र व्रत का क्या है महत्व? जानें 3 दिन के उपवास की परंपरा

Thu, 01 Oct 2026 10:19 PM IST
श्वेता सिंह धर्म डेस्क, अमर उजाला
धर्म डेस्क, अमर उजाला Published by: श्वेता सिंह Updated Thu, 01 Oct 2026 10:19 PM IST
सार

शारदीय नवरात्रि में पूरे 9 दिनों तक व्रत रखने की परंपरा है, लेकिन धार्मिक मान्यताओं में त्रिरात्र व्रत का भी विशेष उल्लेख मिलता है। इसमें तीन दिनों तक उपवास और देवी आराधना की जाती है। जानिए क्या है त्रिरात्र व्रत, इसके नियम और इससे जुड़ी धार्मिक मान्यता।

विज्ञापन
Shardiya Navratri 2026 What Is the Triratra Vrat? Know the Religious Significance of the 3-Day Fast
शारदीय नवरात्रि 2026 - फोटो : amar ujala

हिंदू धर्म में शारदीय नवरात्रि को देवी शक्ति की आराधना के लिए बेहद महत्वपूर्ण पर्व माना जाता है। नौ दिनों तक चलने वाले इस उत्सव में श्रद्धालु मां दुर्गा के अलग-अलग स्वरूपों की पूजा करते हैं, व्रत रखते हैं और कई स्थानों पर कन्या पूजन व हवन जैसे धार्मिक अनुष्ठान भी किए जाते हैं। पंचांग के अनुसार, 2026 में शारदीय नवरात्रि की शुरुआत 11 अक्तूबर, रविवार से होगी। सामान्य तौर पर भक्त पूरे नौ दिनों तक उपवास रखते हैं, लेकिन जो लोग लगातार नौ दिन व्रत नहीं रख पाते, उनके लिए धार्मिक परंपराओं में त्रिरात्र व्रत का भी उल्लेख मिलता है। यह नवरात्रि के अंतिम तीन दिनों में किया जाता है।

Shardiya Navratri 2026 What Is the Triratra Vrat? Know the Religious Significance of the 3-Day Fast
त्रिरात्र व्रत नवरात्रि की अंतिम तीन तिथियों, यानी सप्तमी, अष्टमी और नवमी को रखा जाता है। - फोटो : freepik

कब रखा जाएगा त्रिरात्र व्रत?
त्रिरात्र व्रत नवरात्रि की अंतिम तीन तिथियों, यानी सप्तमी, अष्टमी और नवमी को रखा जाता है। इन तीन दिनों को देवी उपासना की दृष्टि से विशेष माना जाता है। इस दौरान साधक मां दुर्गा की आराधना करते हुए संयम, सात्विकता और नियमों का पालन करता है। अलग-अलग परंपराओं में व्रत के नियमों में अंतर हो सकता है। कहीं फलाहार किया जाता है, तो कहीं दिन में एक बार सात्विक भोजन करने की परंपरा है। इसलिए जिस धार्मिक परंपरा के अनुसार व्रत रखा जा रहा हो, उसी के नियमों का पालन करना उचित माना जाता है।

Shardiya Navratri 2026 What Is the Triratra Vrat? Know the Religious Significance of the 3-Day Fast
भक्त देवी की आराधना, मंत्र जाप, ध्यान और पूजा-पाठ में विशेष रूप से समय लगाते हैं। - फोटो : adobe stock

क्या होता है त्रिरात्र व्रत?
त्रिरात्र यानी तीन रातों से जुड़ा व्रत। नवरात्रि के संदर्भ में इसका संबंध अंतिम तीन दिनों से माना जाता है। इस दौरान भक्त देवी की आराधना, मंत्र जाप, ध्यान और पूजा-पाठ में विशेष रूप से समय लगाते हैं। धार्मिक मान्यता के अनुसार, इन तीन दिनों में साधना और देवी उपासना का विशेष महत्व होता है। इसलिए जो श्रद्धालु किसी कारणवश पूरे नौ दिनों का व्रत नहीं कर पाते, वे सप्तमी से नवमी तक व्रत रखकर नवरात्रि की साधना में शामिल हो सकते हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन
Shardiya Navratri 2026 What Is the Triratra Vrat? Know the Religious Significance of the 3-Day Fast
क्या 3 दिन के व्रत से 9 दिन के व्रत का फल मिलता है - फोटो : adobe stock

क्या 3 दिन के व्रत से 9 दिन के व्रत का फल मिलता है?
त्रिरात्र व्रत से जुड़ी सबसे प्रमुख धार्मिक मान्यता यही है। मान्यता के अनुसार नवरात्रि के अंतिम तीन दिन यानी सप्तमी, अष्टमी और नवमी देवी आराधना के लिए विशेष माने जाते हैं। इन दिनों पूजा, हवन, कन्या पूजन और अन्य धार्मिक अनुष्ठानों की परंपरा कई क्षेत्रों में प्रचलित है। इसी आधार पर धार्मिक मान्यता है कि जो व्यक्ति पूरे नौ दिनों का व्रत रखने में सक्षम नहीं है, वह अंतिम तीन दिनों में श्रद्धा और निर्धारित नियमों के साथ त्रिरात्र व्रत कर सकता है। हालांकि, तीन दिन के व्रत को नौ दिन के व्रत के समान फल मिलने की बात धार्मिक मान्यता के रूप में ही समझी जानी चाहिए।

विज्ञापन
Shardiya Navratri 2026 What Is the Triratra Vrat? Know the Religious Significance of the 3-Day Fast
त्रिरात्र व्रत में किन देवी स्वरूपों की आराधना होती है - फोटो : adobe stock

त्रिरात्र व्रत में किन देवी स्वरूपों की आराधना होती है?
नवरात्रि के दौरान मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की पूजा की जाती है। त्रिरात्र व्रत में भी नवरात्रि की परंपरा के अनुसार देवी आराधना की जाती है। इसके अलावा शक्ति के तीन प्रमुख स्वरूपों महाकाली, महालक्ष्मी और महासरस्वती की उपासना का भी धार्मिक महत्व बताया गया है। महाकाली को शक्ति और संकटों से रक्षा, महालक्ष्मी को सुख-समृद्धि तथा महासरस्वती को ज्ञान और विद्या का प्रतीक माना जाता है। भक्त अपनी श्रद्धा और पारिवारिक परंपरा के अनुसार इन देवी स्वरूपों की पूजा कर सकते हैं।

अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय हिंदी न्यूज़ वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें आस्था समाचार से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। आस्था जगत की अन्य खबरें जैसे पॉज़िटिव लाइफ़ फैक्ट्स,स्वास्थ्य संबंधी सभी धर्म और त्योहार आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed