कार्तिक मास की कृष्णपक्ष की अष्टमी को अहोई अष्टमी मनाई जाती है। इस दिन का सम्बन्ध भगवान शिव की पत्नी मां गौरी से है। अहोई अष्टमी के दिन मां गौरी के अहोई स्वरुप की पूजा की जाती है। इस दिन सभी निसंतान महिलाएं संतान की प्राप्ति के लिए और जिन महिलाओं की संतान है, वे उनकी मंगल कामना हेतु माता अहोई का व्रत कर पूजन आदि करती हैं।
अहोई अष्टमी : संतान की लंबी उम्र के लिए, राशि के अनुसार करें मां अहोई की पूजा
-डॉ. विनय बजरंगी, ज्योतिषाचार्य व कर्म संशोधक
Updated Tue, 30 Oct 2018 11:42 AM IST
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