Kharmas 2024: ज्योतिष गणना के अनुसार सूर्यदेव के धनु और मीन राशि में प्रवेश करने पर खरमास लगता है। यह साल में दो बार लगता है, जिसकी अवधि 30 दिन की होती हैं। मान्यता है कि खरमास में सूर्यदेव अपने तेज को देवगुरु बृहस्पति के घर पहुंचते ही कम कर लेते हैं। इसलिए पृथ्वी पर भी सूर्य का तेज कम पड़ता है। ऐसे में सूर्य के कमजोर होने के कारण विवाह, सगाई, गृह प्रवेश और मुंडन करना वर्जित होता है। पंचांग के इस साल 15 दिसंबर 2024 को खरमास लग रहा है। इस दिन रात 10 बजकर 19 मिनट पर सूर्य देव धनु राशि में प्रवेश करेंगे। इसका समापन मकर संक्रांति के दिन होगा। मान्यता है कि खरमास के दिनों में कुछ खास कार्य करने से सूर्य देव की कृपा प्राप्त होती हैं। ऐसे में आइए इन विशेष कार्यों के बारे में जानते हैं।
Kharmas 2024: दिसंबर में कब लगेगा खरमास ? यहां जानें शुरुआत और समापन की सही डेट
Kharmas 2024: ज्योतिष गणना के अनुसार सूर्यदेव के धनु और मीन राशि में प्रवेश करने पर खरमास लगता है। यह साल में दो बार लगता है, जिसकी अवधि 30 दिन की होती हैं।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
खरमास में क्या करें
- धार्मिक मान्यताओं के अनुसार खरमास के समय सूर्यदेव और भगवान विष्णु की पूजा करनी चाहिए। इससे वह प्रसन्न होते हैं।
- खरमास की अवधि में जरूरतमंदों को अन्न और धन का दान करना चाहिए। इससे भाग्य में वृद्धि होती हैं।
- इस दौरान ध्यान करने से मानसिक शांति की प्राप्ति होती हैं।
ऊँ आकृष्णेनेति मंत्रस्य हिरण्यस्तूपऋषि, त्रिष्टुप छनद:
सविता देवता, श्री सूर्य प्रीत्यर्थ जपे विनियोग: ।
मंत्र : ऊँ आ कृष्णेन राजसा वत्र्तमानों निवेशयन्नमृतं मत्र्य च ।
हिरण्ययेन सविता रथेना देवो याति भुवनानि पश्यन् ।
1.ऊँ आदित्याय विदमहे प्रभाकराय धीमहितन्न: सूर्य प्रचोदयात् ।
2.ऊँ सप्ततुरंगाय विद्महे सहस्त्रकिरणाय धीमहि तन्नो रवि: प्रचोदयात् ।
अर्थ मंत्र ‘ऊँ एहि सूर्य ! सहस्त्रांशो तेजोराशि जगत्पते ।
करूणाकर में देव गृहाणाध्र्य नमोस्तु ते ।
डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): ये लेख लोक मान्यताओं पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है।