Karwa Chauth 2022: क्या होती है करवा चौथ व्रत की सरगी? जानिए इसका महत्व और खाने का शुभ मुहूर्त
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सरगी क्या है?
सरगी एक प्रकार की थाली होती है, जिसमें खाने की कुछ चीजें होती हैं। सरगी की थाली में खाने के अलावा 16 श्रृंगार की समाग्री, ड्रायफ्रूट्स, फल, मिष्ठान आदि होते हैं। सरगी में रखे गए व्यंजनों को ग्रहण करके ही दिनभर निर्जला उपवास रहा जाता है। फिर रात में चांद की पूजा करने के बाद ही व्रत का पारण किया जाता है। करवा चौथ की सरगी सास अपनी बहू को देती है। लेकिन यदि सास न हों तो जेठानी या बहन भी सरगी दे सकती हैं।
सरगी खाने का शुभ मुहूर्त
ज्योतिष मान्यताओं के अनुसार, करवा चौथ के दिन प्रातः सूर्योदय से पहले यानी भोर में 4 से 5 बजे के बीच सरगी ग्रहण कर लेना चाहिए। सरगी खाने का शुभ मुहूर्त 13 अक्टूबर को सुबह 4 बजकर 46 मिनट से लेकर सुबह 5 बजकर 36 मिनट तक है।
सरगी खाने की विधि
- सरगी खाने के लिए सबसे पहले जल्दी जाग जाएं और स्नान करके साफ कपड़े पहनें।
- फिर सास का आशीर्वाद लें और उनके द्वारा दी गई सरगी ग्रहण करें।
- सरगी में तेल-मसाले वाली चीजें न खाएं।
- सिर्फ सात्विक चीजें ही खाएं वरना व्रत का फल नहीं मिलता है।
- सरगी की थाली में आप मिष्ठान्न, फल, दूध, दही जैसी सात्विक चीजें रख सकती है।
करवा चौथ तिथि और शुभ मुहूर्त
कार्तिक माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि इस साल 13 अक्टूबर को रात 1 बजकर 59 मिनट पर शुरू होगी और 14 अक्टूबर की रात 3 बजकर 8 मिनट पर समाप्त होगी। वहीं उदिया तिथि के अनुसार करवा चौथ का व्रत 13 अक्टूबर को ही रखा जाएगा।