karwa chauth katha: करवा चौथ का व्रत कठिन व्रतों में से एक है। क्योंकि इस व्रत को निर्जला रखा जाता है। सुहागिन महिलाओं के लिए करवा चौथ का उपवास बहुत खास होता है। इस दिन पति की लंबी आयु के लिए महिलाएं व्रत रखती हैं। साथ ही विधिनुसार पूजा-अर्चना भी करती है। इस खास दिन पर सुहागिन महिलाएं करवा चौथ की कथा सुनती है। फिर शाम को चांद निकलने के बाद ही महिलाएं अपना व्रत पूर्ण करती हैं। इस व्रत से जुड़ी कई मान्यताएं और परंपराएं हैं, जो इसे और खास बनाती हैं। करवा चौथ का त्योहार मुख्य रूप से पंजाब, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, पंजाब, गुजरात और राजस्थान आदि राज्यों में मनाया जाता है। माना जाता है कि, करवा चौथ के व्रत से वैवाहिक जीवन सुखमय होता है। साथ ही इस व्रत की कथा कुंवारी कन्या से सुनी जाती है। हालांकि इसके पीछे के कारण को बहुत कम लोग जानते हैं। इसी कड़ी में आइए जानते हैं कि आखिर क्यों करवा चौथ की कथा कुंवारी लड़की से पढ़ाई जाती है?
Karwa Chauth 2023: आखिर क्यों कुंवारी लड़की से पढ़ाई जाती है करवा चौथ की कथा? जानें क्या है इसके पीछे की वजह
धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: मेघा कुमारी
Updated Thu, 26 Oct 2023 06:06 PM IST
सार
करवा चौथ का व्रत कठिन व्रतों में से एक है। क्योंकि इस व्रत को निर्जला रखा जाता है। सुहागिन महिलाओं के लिए करवा चौथ का उपवास बहुत खास होता है।
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