हिंदू कैलेंडर के अनुसार इस साल कार्तिक पूर्णिमा 30 नवंबर, सोमवार को मनाई जाएगी। पुराणों के अनुसार, कार्तिक पूर्णिमा के दिन स्नान, दान-पुण्य और दीपदान करने का बहुत महत्व है। इस दिन गंगा या अन्य किसी पवित्र नदी अथवा जलकुंड में स्नान करना बहुत फलदाई है। परन्तु इस साल कोरोना महामारी के चलते नदियों में स्न्नान करना संभव न हो तो घर पर सूर्योदय से पूर्व नहाने के जल में गंगा जल डालकर स्न्नान कर सकते हैं। मान्यता है कि कार्तिक पूर्णिमा पर इन कामों को करने से आपके जीवन में सुख-सौभाग्य की बरसात होगी वहीं कुछ काम ऐसे है जिन्हें इस दिन करने से आपका जीवन कष्टों से भर सकता है। आइए जानते हैं कार्तिक पूर्णिमा पर क्या करें और क्या नहीं....
कार्तिक पूर्णिमा आज, जानिए इस दिन लक्ष्मी-नारायण की कृपा पाने के लिए क्या करें और क्या नहीं
तारों की छांव में स्नान
कार्तिक पूर्णिमा के दिन गंगाजी या अन्य नदियों में स्नान करना बहुत पुण्यकारी माना गया है। स्नान का उत्तम समय सूर्योदय से पूर्व माना जाता है। जब आकाश में तारागण दिखाई दे रहा हो। ब्रह्मा, विष्णु, महेश, आदित्य, मरुदगण तथा अन्य सभी देवी-देवता कार्तिक पूर्णिमा पर पुष्कर में स्नान करते है। मान्यता है कि देवों की दीपावली मानी जाने वाली कार्तिक पूर्णिमा पर विधिवत स्न्नान करने से भगवान विष्णु की कृपा हमेशा बनी रहती है। यदि आप गंगा स्नान करने नहीं जा सकते तो आप घर में ही थोड़ा सा गंगाजल नहाने के पानी में मिलाकर स्नान करें।
उगते हुए सूर्य को अर्घ्य
पदमपुराण के अनुसार पूजा, तपस्या, यज्ञ आदि से भी श्री हरि को उतनी प्रसन्नता नहीं होती, जितनी कि प्रातः स्नान कर जगत को प्रकाश देने वाले भगवान सूर्य को अर्घ्य देने से होती है। इसलिए सभी पापों से मुक्ति और भगवान वासुदेव की प्रीति प्राप्त करने के लिए प्रत्येक मनुष्य को नियमित सूर्य मंत्र का उच्चारण करते हुए सूर्य को अर्घ्य अवश्य प्रदान करना चाहिए।
दान से दूर होंगे कष्ट
कार्तिक पूर्णिमा के दिन अन्न, दूध, फल, चावल, तिल और आवंले का दान करने से पुण्य की प्राप्ति होती है। इस दिन ब्राह्मण, बहन और बुआ को अपनी श्रद्धा के अनुसार वस्त्र और दक्षिणा अवश्य दें। शाम के समय जल में थोड़ा कच्चा दूध, चावल और चीनी मिलाकर चंद्रमा को अर्घ्य देने से आप पर चंद्रमा की सदैव कृपा बनी रहती है। लक्ष्मी जी की कृपा पाने के लिए इस दिन मीठा दूध मिलाकर जल अवश्य चढ़ाएं, क्योंकि इस दिन पीपल के पेड़ पर मां लक्ष्मी का वास माना जाता है।
करें सत्यनारायण की कथा
कार्तिक पूर्णिमा के दिन घर के मुख्य द्वार पर आम का तोरण अवश्य बांधे और द्वार पर रंगोली भी अवश्य बनाएं। ऐसा करने से हर में सकारात्मकता बनी रहती है। कार्तिक पूर्णिमा के दिन भगवान विष्णु की पूजा की जाती है। इसलिए इस दिन सत्यनारायण भगवान की कथा सुने, फल और पंजीरी का भोग लगाएं। इसके अलावा इस दिन विष्णु सहस्त्रनाम का पाठ एवं 'ॐ नमो भगवते वासुदेवाय' का जाप करना बहुत लाभकारी है।