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कब है कामदा एकादशी? जानें तिथि, शुभ मुहूर्त, महत्व और व्रत कथा

Thu, 02 Apr 2020 06:07 PM IST
योगेश जोशी धर्म डेस्क, अमर उजाला
धर्म डेस्क, अमर उजाला Published by: योगेश जोशी Updated Thu, 02 Apr 2020 06:07 PM IST
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kamada ekadashi 2020 date shubh muhurat significance importance and vrat katha
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धार्मिक मान्यताओं के अनुसार एकादशी तिथि का बहुत अधिक महत्व है। इस पावन तिथि के दिन भगवान विष्णु की पूजा- अर्चना की जाती है। हर माह में 2 एकादशी पड़ती हैं, एक कृष्ण पक्ष में और एक शुक्ल पक्ष में। आइए, आज जानते हैं इस माह में पड़ने वाली कामदा एकादशी के बारे में सबकुछ...

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कब है कामदा एकादशी?

  • शनिवार, 4 अप्रैल
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कामदा एकादशी
  • हिंदू संवत्सर की पहली एकादशी और चैत्र महीने की शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि को कामदा एकादशी के नाम से जाना जाता है।  इसे फलदा एकादशी भी कहते हैं, मान्यता है कि कामदा एकादशी का व्रत रखने व्रती को प्रेत योनि से भी मुक्ति मिल सकती है।शास्त्रों में काम, क्रोध और लोभ इन तीन को मूल कारण माना गया है। काम पीड़ित होने पर व्यक्ति के अंदर अच्छे बुरे का फर्क करने की क्षमता खत्म हो जाती है। ऐसे ही पापों से मुक्ति के लिए शास्त्रों में चैत्र मास की शुक्ल पक्ष की एकादशी का व्रत करने का विधान है। 
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  • कामदा एकादशी व्रत कथा

मान्यता के अनुसार भोगीपुर नगर में पुण्डरीक नामक नाग राज करता था। इनके दरबार में गायन और वादन में निपुण किन्नर व गंधर्व रहा करते थे। एक दिन ललित नाम का गन्धर्व दरबार में गायन कर रहा था। अचानक उसे अपनी पत्नी की याद आ गई। इससे उसका स्वर, लय एवं ताल बिगड़ गया। इससे नाराज होकर पुण्डरीक ने ललित को राक्षस बन जाने का शाप दे दिया।

ललित के राक्षस बन जाने पर उसकी पत्नी ललिता दुःखी रहने लगी। एक दिन वन में ललिता को ऋष्यमूक ऋषि मिले। इन्होंने ललिता के दुःख को जानकर चैत्र शुक्ल एकादशी का व्रत करने की सलाह दी। ललिता ने ऋषि के बताए नियम के अनुसार व्रत पूरा किया। इसके बाद व्रत का फल अपने पति ललित को दे दिया। इससे ललित वापस राक्षस से गंधर्व रुप में लौट आया। इस व्रत के पुण्य से ललित और ललिता दोनों को उत्तम लोक में भी स्थान प्राप्त हुआ।

 
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कामदा एकादशी पारणा मुहूर्त
  • 6 बजकर 7 मिनट से 8 बजकर 38 मिनत तक 5अप्रैल को
  • अवधि -2 घंटे 30 मिनट  
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