प्रत्येक वर्ष फाल्गुन मास की पूर्णिमा को होलिका दहन किया जाता है और अगले दिन कृष्ण पक्ष की प्रतिपदा तिथि को रंग वाली होली खेली जाती है। इस बार 28 मार्च 2021 को होलिका दहन किया जाएगा और 29 मार्च 2021 को रगं वाली होली खेली जाएगी। होली का त्योहार प्यार और सौहार्द को दर्शाता है। इस दिन लोग एक दूसरे के गले लगकर पुराने शिकवे गिले भूलकर नए रिश्तों की शुरूआत करते हैं। होली का त्योहार पूरे भारत में बहुत ही धूमधाम और हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है, लेकिन हर राज्य में इसे अपनी पंरपंरा के अनुसार अलग अलग तरह से मनाया जाता है। तो चलिए जानते हैं कि किस राज्य में होली का त्योहार किस तरह से मनाया जाता है।
holi 2021: जानिए किस राज्य में किस तरह मनाया जाता है रंगो का त्योहार होली
उत्तरप्रदेश और बिहार की होली
उत्तर प्रदेश, बिहार और झारखंड में होली का त्योहार बहुत ही जोरो-शोरो से मनाया जाता है। यहां पर लोग होली को फाग या फगुआ भी कहते हैं। उत्तर प्रदेश के मथुरा, नंदगांव, वृंदावन और बरसाना की लठमार होली पूरे विश्व में प्रसिद्ध है। यहां पर लोग देश के विभिन्न हिस्सों से लठमार होली देखने आते हैं। विदेशी पर्यटक भी लठमार होली में शामिल होने आते हैं। उत्तर प्रदेश में दोपहर तक होली खेलने के बाद नए कपड़े पहनकर लोग एक दूसरे के घर जाते हैं। जहां पर उनका होली के व्यंजनो से स्वागत किया जाता है। जिसमें गुझिया सबसे ज्यादा प्रसिद्ध है।
मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और राजस्थान की होली
मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ में भी अन्य राज्यों की तरह होली वाले दिन होलिका दहन होता है, दूसरे दिन धुलेंडी मनाई जाती है। मध्य प्रदेश में होली के पांचवें दिन रंग पंचमी मनाते हैं। इस दिन यहां पर सूखे रंग से होली खेली जाती है। इसके साथ ही यहां रंगपंचमी पर भव्य शोभायात्रा निकाली जाती है। जिसमें हजारों की संख्या में हुरीयारे शामिल होते हैं। इस शोभायात्रा को ''गेर'' कहा जाता है। मध्यप्रदेश में झाबुआ के आदिवासी क्षेत्रों में भी होली की खासा धूम देखने को मिलती है। यहां पर होली को 'भगोरिया' नाम से मनाया जाता है। राजस्थान में जैसलमेर के मंदिर महल में लोकनृत्यों का आयोजन किया जाता है। इस दौरान यहां के रंग देखते ही बनते हैं। छत्तीसगढ़ में होली को 'होरी' कहा जाता है। यहां पर होली का पारंपारिक रूप देखने को मिलता है। गली-गली में नगाड़े की थाप पर लोकगीत गाए जाते हैं और होली (होरी) के पर्व की शुरूआत की जाती है।
महाराष्ट्र, गुजरात और गोवा की होली
महाराष्ट्र और गुजरात में गोविंदा होली की बहुत धूम होती है। होली पर यहां मटकी फोड़ होली खेली जाती है। इसके साथ ही पूरा वातावरण रंगो से सराबोर हो जाता है। यहां पर होली को 'फाल्गुन पूर्णिमा' भी कहा जाता है। इसी तरह से गोवा के मछुआरा समाज में होली फाल्गुन मास में आने वाले त्योहारों को शिमगो या शिमगा कहा जाता है। यहां पर होली के दिन बहुत ही खूबसूरत नजारा देखने को मिलता है। देश के साथ यहां विदेशी पर्यटक भी जमकर होली खेलते हैं। लोग रंग खेलने के साथ डीजे पार्टी, पूल पार्टी जैसे आयेजनों में जमकर लुफ्त उठाते हैं।
हरियाणा और पंजाब की होली
हरियाणा में होली को दुलंडी या धुलेंडी के नाम से जाना जाता है। इस दिन हरियाणा में सूखे रंगों अबीर, गुलाल से होली खेलने की परंपरा है। हरियाणा में भाभी और देवर के बीच हंसी ठिठोली के साथ होली जमकर होली खेली जाती है। पंजाब में होली को 'होला मोहल्ला' कहा जाता है। पंजाब में होली के अगले दिन अनंतपुर साहिब में 'होला मोहल्ला' का आयोजन किया जाता है। इसमें वीरता और पराक्रम का रंग देखने को मिलता है। माना जाता है कि इस परंपरा की शुरूआत सिखों को दसवें गुरू, गोविंदसिंह जी के द्वारा की गई थी।