कार्तिक माह की शुक्ल पक्ष प्रतिपदा को गोवर्धन पूजा की जाती है। माना जाता है कि इस दिन भगवान श्रीकृष्ण ने इंद्र के कोप से गोकुल वासियों की रक्षा करते हुए गोवर्धन पर्वत को अपनी उंगली पर उठा लिया था। जिसके बाद इंद्र की बजाय गोवर्धन पर्वत की पूजा की जाने लगी। गोवर्धन पूजा का श्रेष्ठ समय प्रदोष काल होता है।
Govardhan puja: इस दिन जरूर करें गाय की प्रदक्षिणा, जानिए पूजा का शुभ मुहूर्त
इस दिन अपने घर के आंगन में गोबर से गोवर्धन का चित्र बनाकर रोली, चावल, खीर, बताशे, जल, दूध, पान, केसर फूल आदि से पूजा करें। इस दिन गायों को स्नान करवाकर उसे सजाएं और उनकी पूजा करें।
गाय की पूजा करना न भूलें। उनकी आरती करके प्रदक्षिणा भी करनी चाहिए।
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सुबह का मुहूर्त-
सुबह 06:28 बजे से 08:43 बजे तक
शाम का मुहूर्त
03:27 बजे से सायं 05:42 बजे तक
प्रतिपदा रात 00:41 बजे से शुरू (20 अक्टूबर 2017)
प्रतिपदा तिथि समाप्त - रात्रि 1:37 बजे तक (21 अक्तूबर 2017)
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