Gayatri Jayanti 2020 Date: कब है गायत्री जयंती, जानें तारीख, मुहूर्त और उनके जन्म से जुड़ी कथा
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गायत्री जयंती 2 जून को मनाई जाएगी। हिन्दू पंचांग के अनुसार, गायत्री जयंती ज्येष्ठ महीने के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि को मनाई जाती है। धार्मिक मान्यता के अनुसार गायत्री जयंती मां गायत्री का जन्मोत्सव है। इसलिए इस दिन उनकी विशेष आराधना की जाती है। हिन्दू धार्मिक शास्त्रों में मां गायत्री को वेद माता के नाम से जाना जाता है।
गायंत्री जयंती 2020 मुहूर्त
एकादशी तिथि प्रारंभ - 02:57 PM, जून 01, 2020
एकादशी तिथि समाप्त - 12:04 PM, जून 02, 2020
मां गायत्री का स्वरुप
शास्त्रों के अनुसार, मां गायत्री को ब्रह्मा, विष्णु और महेश तीनों स्वरुप माना जाता है यदि उनके स्वरूप का वर्णन करें तो मां गायत्री के पांच मुख और दस हाथ हैं। उनके इस रूप में चार मुख चारों वेदों के प्रतीक हैं एवं उनका पांचवा मुख सर्वशक्तिमान शक्ति का प्रतिनिधित्व करता है। माँ के दस हाथ भगवान विष्णु के प्रतीक हैं एवं त्रिदेवों की आराध्य भी माँ गायत्री को ही कहा जाता है।
ब्रह्मा के मुख से हुआ था प्राकट्य
शास्त्रों के अनुसार सृष्टि के आरंभ में ब्रह्मा जी के मुख से गायत्री मंत्र प्रकट हुआ था। मां गायत्री की कृपा से ब्रह्माजी ने गायत्री मंत्र की व्याख्या अपने चारों मुखों से चार वेदों के रूप में की थी।आरम्भ में मां गायत्री की महिमा सिर्फ देवताओं तक ही थी, लेकिन महर्षि विश्वामित्र ने कठोर तपस्या कर मां की महिमा अर्थात् गायत्री मंत्र को जन-जन तक पहुंचाया।
ऐसे हुआ देवी गायत्री का विवाह
एक प्रसंग के अनुसार एक बार ब्रह्माजी ने यज्ञ का आयोजन किया। परंपरा के अनुसार यज्ञ में ब्रह्माजी को पत्नी सहित ही यज्ञ वैठना था, लेकिन किसी कारणवश ब्रह्मा जी की पत्नी सावित्री को आने में देर हो गई। यज्ञ का मुहूर्त निकला जा रहा था, इसलिए ब्रह्मा जी ने वहां मौजूद देवी गायत्री से विवाह कर लिया और उन्हें अपनी पत्नी का स्थान देकर यज्ञ प्रारम्भ कर दिया।
गायत्री उपासना से हर कार्य संभव
- गायत्री, गीता, गंगा और गौ यह भारतीय संस्कृति की चार आधार शिलाएं हैं।
- गीता में भगवान श्री कृष्ण ने इस बात का उल्लेख किया है कि मनुष्य को अपने कल्याण के लिए गायत्री और ॐ का उच्चारण करना चाहिए।
- वेदों में मां गायत्री को आयु, प्राण, शक्ति, कीर्ति, धन और ब्रह्म तेज प्रदान करने वाली देवी कहा गया है।
- इनकी उपासना से मनुष्य को यह सब आसानी से प्राप्त हो जाता हैं।