Ganga Saptami 2022 : पुराणों के अनुसार गंगा सप्तमी के दिन गंगा नदी पर जाकर स्नान,ध्यान तथा दान करना चाहिए, इससे मनुष्य अपने सभी पापों से मुक्ति पाता है। यदि कोई मनुष्य पवित्र नदी तक नहीं जा पाता,तब वह अपने घर के पास की किसी नदी पर मां गंगा का स्मरण करते हुए स्नान करे और यह भी संभव नहीं हो तो मां गंगा की कृपा पाने के लिए इस दिन गंगाजल का स्पर्श और सेवन अवश्य करना चाहिए। विष्णु पुराण में लिखा है कि गंगा का नाम लेने, सुनने, उसे देखने, उसका जल पीने,स्पर्श करने, उसमें स्नान करने तथा सौ योजन (कोस) से भी गंगा नाम का उच्चारण करने मात्र से मनुष्य के तीन जन्मों तक के पाप नष्ट हो जाते हैं। इतना ही नहीं इस दिन गंगाजल से जुड़े कुछ सरल उपाय करने से अनेक प्रकार की परेशानियां दूर होती हैं।
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Ganga Saptami 2022 : गंगा सप्तमी पर कर लें गंगाजल से जुड़े उपाय,आर्थिक तंगी के साथ दूर हो जाएंगे जीवन के सारे कष्ट
Sun, 08 May 2022 07:38 AM IST
विनोद शुक्ला
अनीता जैन ,वास्तुविद
अनीता जैन ,वास्तुविद
Published by: विनोद शुक्ला
Updated Sun, 08 May 2022 07:38 AM IST
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Ganga Saptami 2022: गंगा पूजन करना मोक्ष प्रदायक,अमोघ फलदायक माना गया है एवं इस दिन किया दान कई जन्मों के पुण्य के रूप में प्राणी को मिलता है।
- फोटो : अमर उजाला
Ganga Saptami 2022
- फोटो : अमर उजाला
आर्थिक तरक्की के लिए
यदि किसी भी कारण आपकी आर्थिक तरक्की रुक गई है तो इस दिन आप गंगाजल को चांदी के पात्र में भरें और उसे अपने घर की उत्तर पूर्व दिशा में रख दें। इससे आपकी समस्या जल्द हल हो जाएगी। गंगाजल को हमेशा अपने पूजा स्थल और किचन के उत्तर-पूर्व में रखें,धीरे-धीरे आपको आर्थिक लाभ के साथ तरक्की और सफलता मिलने लगेगी। जिस घर में गंगाजल रखा होता है वहां सकारात्मक ऊर्जा का वास होता है और उस घर में स्थिर लक्ष्मी का वास होता है।
Ganga Saptami 2022
- फोटो : iStock
घर में गंगाजल का छिड़काव
कई बार वास्तु सम्मत भवन बनाने के बाद भी उसमें वास्तुदोष रह जाते हैं,जिसके कारण परिवार के सदस्यों को आर्थिक, शारीरिक और मानसिक समस्याओं का सामना करना पड़ता है। यदि ऐसा है तो आप अपने घर में गंगाजल का छिड़काव करें। नित्य ऐसा करने से वास्तुदोष का प्रभाव खत्म होगा और घर में सकारात्मक ऊर्जा स्तर का बढ़ेगा, जिससे आपके कष्ट धीरे-धीरे दूर हो जाएंगे।
कई बार वास्तु सम्मत भवन बनाने के बाद भी उसमें वास्तुदोष रह जाते हैं,जिसके कारण परिवार के सदस्यों को आर्थिक, शारीरिक और मानसिक समस्याओं का सामना करना पड़ता है। यदि ऐसा है तो आप अपने घर में गंगाजल का छिड़काव करें। नित्य ऐसा करने से वास्तुदोष का प्रभाव खत्म होगा और घर में सकारात्मक ऊर्जा स्तर का बढ़ेगा, जिससे आपके कष्ट धीरे-धीरे दूर हो जाएंगे।
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Ganga Saptami 2022
- फोटो : iStock
ग्रह शांति के लिए
गंगा सप्तमी से शुरू करके यदि आप शिवलिंग पर गंगाजल से अभिषेक करेंगे तो भोलेनाथ जल्द ही प्रसन्न होंगे और कुंडली में ग्रहों की स्थिति मजबूत होगी और जीवन से सभी विकार नष्ट हो जाएंगे। इसी प्रकार हर शनिवार एक लोटे में साफ जल भरें और उसमें थोड़ा सा गंगाजल डाल लें ये जल पीपल को चढ़ाएं ऐसा करने से शनि के अशुभ प्रभाव से मुक्ति मिलती है।
गंगा सप्तमी से शुरू करके यदि आप शिवलिंग पर गंगाजल से अभिषेक करेंगे तो भोलेनाथ जल्द ही प्रसन्न होंगे और कुंडली में ग्रहों की स्थिति मजबूत होगी और जीवन से सभी विकार नष्ट हो जाएंगे। इसी प्रकार हर शनिवार एक लोटे में साफ जल भरें और उसमें थोड़ा सा गंगाजल डाल लें ये जल पीपल को चढ़ाएं ऐसा करने से शनि के अशुभ प्रभाव से मुक्ति मिलती है।
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हरिद्वार में गंगा स्नान
- फोटो : अमर उजाला
सेहत रहेगी ठीक
गंगाजल विज्ञान के लिए भी चमत्कार है क्योंकि यह सालों तक बोतल में रहने के बाद भी खराब नहीं होता। ग्रन्थों में बताया गया है की गंगाजल बुद्धि बढ़ाने वाला और पाचक तंत्र को मजबूत करने की शक्ति रखता है। ऐसा माना जाता है जो व्यक्ति रोज गंगाजल पीता है वह निरोगी रहता है और दीर्घायु को प्राप्त करता है।
गंगाजल विज्ञान के लिए भी चमत्कार है क्योंकि यह सालों तक बोतल में रहने के बाद भी खराब नहीं होता। ग्रन्थों में बताया गया है की गंगाजल बुद्धि बढ़ाने वाला और पाचक तंत्र को मजबूत करने की शक्ति रखता है। ऐसा माना जाता है जो व्यक्ति रोज गंगाजल पीता है वह निरोगी रहता है और दीर्घायु को प्राप्त करता है।