फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

Ganga Dussehra 2025: गंगा दशहरा पर इन चीजों का करें दान, जीवन में नहीं रहेगी कोई कमी

Thu, 29 May 2025 04:52 PM IST
शिखर बरनवाल धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: शिखर बरनवाल Updated Thu, 29 May 2025 04:52 PM IST
सार

गंगा दशहरा के दिन गंगा माता की पूजा के साथ-साथ दान करना भी शुभ होता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार इससे धन-धान्य में वृद्धि होती है। आइए इस लेख में इसी के बारे में जानते हैं।

विज्ञापन
Ganga Dussehra 2025 tithi shubh muhurt me in chijon ka karen daan know in hindi
गंगा दशहरा 2025 - फोटो : अमर उजाला

Ganga Dussehra 2025: हिंदू धर्म में गंगा दशहरा का पर्व बेहद पवित्र और महत्वपूर्ण माना जाता है। यह दिन मां गंगा के पृथ्वी पर अवतरण का प्रतीक है, और इस अवसर पर गंगा नदी में स्नान, पूजा-अर्चना और दान का विशेष महत्व है। ऐसी मान्यता है कि गंगा दशहरा पर श्रद्धापूर्वक दान करने से व्यक्ति के जीवन के सभी कष्ट दूर होते हैं, संचित पापों का नाश होता है, और घर में सुख-समृद्धि आती है।



धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, गंगा स्नान करने से 10 पाप खत्म हो जाते हैं, जैसे चुगली करना, झूठ बोलना, कठोर बोलना, परस्त्री गमन, बिना अनुमति चीजें लेना, दूसरों का धन हड़पने की सोच, बुराई करना, अनुचित हिंसा, बेकार की जिद और दूसरों को नुकसान पहुंचाना।

Ganga Dussehra 2025 tithi shubh muhurt me in chijon ka karen daan know in hindi
गंगा दशहरा - फोटो : freepik

गंगा दशहरा शुभ तिथि और शुभ मुहूर्त
सनातन धर्म में गंगा स्नान का विशेष महत्व होता है। विशेष तौर पर गंगा दशहरे पर स्नान करके दान करने से पापों से मुक्ति मिलती है। वैदिक पंचांग के अनुसार, ज्येष्ठ माह के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि की शुरुआत 04 जून 2025 को रात 11 बजकर 55 मिनट पर होगी और इसका समापन 06 जून 2025 को रात करीब 2 बजकर 14 मिनट पर होगा। ऐसे में उदया तिथि के अनुसार इस वर्ष गंगा दशहरा का त्योहार 05 जून 2025 को मनाया जाएगा।


ये भी पढ़ें- Kawad Yatra 2025: कब से शुरू होगी कांवड़ यात्रा? जानें सावन महीने की सही तिथि और महत्व
Ganga Dussehra 2025 tithi shubh muhurt me in chijon ka karen daan know in hindi
गंगा दशहरा - फोटो : adobe stock

इन चीजों का करें दान
गंगा दशहरा के पावन पर्व पर, गंगा माता की पूजा के साथ-साथ दान का विशेष महत्व है। इस शुभ दिन पर जरूरतमंदों को सफेद वस्त्रों का दान करना अत्यंत शुभ माना गया है, क्योंकि इससे जीवन से कलह और क्लेश दूर होते हैं। इसके अतिरिक्त, अन्न का दान भी बेहद पुण्यदायी होता है। ऐसी मान्यता है कि अन्न दान करने से घर में कभी धन-धान्य की कमी नहीं होती और बरकत बनी रहती है। 


ये भी पढ़ें- June 2025 Festivals: गुप्त नवरात्रि से लेकर रथ यात्रा तक, जानें जून माह के प्रमुख त्योहारों की तिथि
 
विज्ञापन
विज्ञापन
Ganga Dussehra 2025 tithi shubh muhurt me in chijon ka karen daan know in hindi
गंगा दशहरा 2025 - फोटो : अमर उजाला

गंगा दशहरा के अवसर पर शक्कर और सवर्ण (सोना) का दान करना भी अत्यंत लाभकारी माना गया है, जो जीवन में मिठास और समृद्धि लाता है। ये दान-पुण्य के कार्य केवल धार्मिक महत्व ही नहीं रखते, बल्कि समाज में सद्भाव और सहायता की भावना को भी बढ़ावा देते हैं।
 

विज्ञापन
Ganga Dussehra 2025 tithi shubh muhurt me in chijon ka karen daan know in hindi
गंगा दशहरा 2025 - फोटो : अमर उजाला
गंगा स्त्रोत का पाठ -

ॐ नमः शिवायै गङ्गायै शिवदायै नमो नमः।

नमस्ते विष्णुरुपिण्यै, ब्रह्ममूर्त्यै नमोऽस्तु ते॥

नमस्ते रुद्ररुपिण्यै शाङ्कर्यै ते नमो नमः।
सर्वदेवस्वरुपिण्यै नमो भेषजमूर्त्तये॥

सर्वस्य सर्वव्याधीनां, भिषक्श्रेष्ठ्यै नमोऽस्तु ते।
स्थास्नु जङ्गम सम्भूत विषहन्त्र्यै नमोऽस्तु ते॥

संसारविषनाशिन्यै, जीवनायै नमोऽस्तु ते।
तापत्रितयसंहन्त्र्यै, प्राणेश्यै ते नमो नमः॥

शांतिसन्तानकारिण्यै नमस्ते शुद्धमूर्त्तये।
सर्वसंशुद्धिकारिण्यै नमः पापारिमूर्त्तये॥

भुक्तिमुक्तिप्रदायिन्यै भद्रदायै नमो नमः।
भोगोपभोगदायिन्यै भोगवत्यै नमोऽस्तु ते॥

मन्दाकिन्यै नमस्तेऽस्तु स्वर्गदायै नमो नमः।
नमस्त्रैलोक्यभूषायै त्रिपथायै नमो नमः॥

नमस्त्रिशुक्लसंस्थायै क्षमावत्यै नमो नमः।
त्रिहुताशनसंस्थायै तेजोवत्यै नमो नमः॥

नन्दायै लिंगधारिण्यै सुधाधारात्मने नमः।
नमस्ते विश्वमुख्यायै रेवत्यै ते नमो नमः॥

बृहत्यै ते नमस्तेऽस्तु लोकधात्र्यै नमोऽस्तु ते।
नमस्ते विश्वमित्रायै नन्दिन्यै ते नमो नमः॥

पृथ्व्यै शिवामृतायै च सुवृषायै नमो नमः।
परापरशताढ्यायै तारायै ते नमो नमः॥

पाशजालनिकृन्तिन्यै अभिन्नायै नमोऽस्तुते।
शान्तायै च वरिष्ठायै वरदायै नमो नमः॥

उग्रायै सुखजग्ध्यै च सञ्जीवन्यै नमोऽस्तु ते।
ब्रह्मिष्ठायै ब्रह्मदायै, दुरितघ्न्यै नमो नमः॥

प्रणतार्तिप्रभञ्जिन्यै जग्मात्रे नमोऽस्तु ते।
सर्वापत् प्रति पक्षायै मङ्गलायै नमो नमः॥

शरणागत दीनार्त परित्राण परायणे।
सर्वस्यार्ति हरे देवि! नारायणि ! नमोऽस्तु ते॥

निर्लेपायै दुर्गहन्त्र्यै दक्षायै ते नमो नमः।
परापरपरायै च गङ्गे निर्वाणदायिनि॥

गङ्गे ममाऽग्रतो भूया गङ्गे मे तिष्ठ पृष्ठतः।
गङ्गे मे पार्श्वयोरेधि गंङ्गे त्वय्यस्तु मे स्थितिः॥

आदौ त्वमन्ते मध्ये च सर्वं त्वं गाङ्गते शिवे!
त्वमेव मूलप्रकृतिस्त्वं पुमान् पर एव हि।
गङ्गे त्वं परमात्मा च शिवस्तुभ्यं नमः शिवे।।



डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): ये लेख लोक मान्यताओं पर आधारित है। इस लेख में शामिल सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है।


 
अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय हिंदी न्यूज़ वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें आस्था समाचार से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। आस्था जगत की अन्य खबरें जैसे पॉज़िटिव लाइफ़ फैक्ट्स,स्वास्थ्य संबंधी सभी धर्म और त्योहार आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed