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Dussehra 2020: ये हैं रावण के सात अधूरे सपने, आपको जरूर जानना चाहिए
धर्म डेस्क, अमर उजाला
Published by: रुस्तम राणा
Updated Tue, 06 Oct 2020 06:14 AM IST
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रावण और उसके सात अधूरे सपने
- फोटो : अमर उजाला
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Dussehra 2020: दशहरा पर्व 25 अक्टूबर को मनाया जाएगा। यह हिन्दू धर्म का प्रमुख त्योहार है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, इस त्योहार को बुराई पर अच्छाई की जीत और असत्य पर सत्य की विजय के रूप में मनाया जाता। हर साल यह पर्व आश्विन मास शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि के दिन मनाया जाता है। पूरे देश में दशहरा के दिन रावण के पुतले को फूंकने की परंपरा है। रावण अति ज्ञानी था। लेकिन अभिमान की वजह से उसका सर्वनाश हुआ। रावण के कुछ ऐसे सपने थे जिनको वह पूरा करना चाहता था।
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रावण का वध प्रभु श्रीराम के हाथों हुआ था।
- फोटो : सोशल मीडिया
रावण का सबसे पहला सपना यह था कि वह धरती से स्वर्ग तक एक सीढ़ी का निर्माण करे। वह चाहता था कि हर व्यक्ति स्वर्ग में जाए इसलिए रावण ने धरती से लेकर स्वर्ग तक सीढ़ियां बनाने का काम शुरू कर दिया था। लेकिन जब तक यह सीढ़ी बनकर तैयार होती, भगवान राम ने रावण का वध कर दिया था।
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रामलीला में मंचन के दौरान रावण।
- फोटो : फोटो साभार- पीटीआई
रावण का दूसरा सपना था समुद्र के पानी को मीठा करना। रावण को पता था कि पृथ्वी पर पीने का पानी कम है। अगर समुद्र का पानी मीठा हो जाए तो पीने के पानी की समस्या हमेशा के लिए खत्म हो जाएगी।
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दशहरा में रावण दहन
- फोटो : पीटीआई
रावण का तीसरा अधूरा काम सोने में सुगंध भरना था। इसकी वजह यह थी कि रावण सोने का शौकीन था और उसने अपनी पूरी नगरी भी सोने की बनाई थी। रावण चाहता था कि सोने में सुगंध आ जाए ताकि उसे कहीं भी सुगंध से जान लिया जाए। ऐसा करने से सोने की तलाश भी आसान हो जाती।
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रावण था शिवजी का परम भक्त।
- फोटो : Social media
रावण का चौथा सपना था रंगभेद को खत्म करना। रावण स्वंय काला था, इसलिए वह चाहता था कि सभी लोग गोरे दिखें और कोई किसी का भी सांवले रंग को लेकर मजाक न बनाएं।
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