हिंदू पंचांग के अनुसार हर वर्ष कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की अमावस्या तिथि पर दीपावली का त्योहार मनाया जाता है। इस वर्ष दिवाली 14 नवंबर को मनाई जाएगी। दिवाली का पर्व पांच दिनों तक चलता है। पांच दिवसीय दिवाली का पर्व धनतेरस के दिन से आरंभ और भैयादूज पर खत्म होता है। पांच दिवसीय इस महापर्व में सबसे पहले धनतेरस, दिवाली, नरक चतुर्थी, गोवर्धन पूजा और भैयादूज आता है। इस वर्ष अधिकमास लगने के कारण दिवाली करीब एक महीने की देरी से आ रही है। दिवाली पर लक्ष्मी-गणेश पूजन का विशेष महत्व होता है। आइए जानते हैं पांच दिनों तक चलने वाले सभी त्योहारों की तिथि, शुभमुहूर्त और महत्व के बारे में...
Diwali Date 2020: कब है दिवाली, जानिए धनतेरस, नरक चतुर्दशी, दिवाली, गोवर्धन पूजा और भाईदूज का शुभ मुहूर्त और महत्व
दिवाली और शुभ मुहूर्त 2020
कार्तिक मास कृष्ण पक्ष की अमावस्या तिथि पर दिवाली का त्योहार मनाया जाता है। इस बार 14 नवंबर को दिवाली है। मान्यता है कि अमावस्या तिथि की रात्रि को देवी लक्ष्मी पृथ्वी पर आती हैं। प्रदोष काल में लक्ष्मी गणेश पूजन का विशेष महत्व होता है। सायं 5 बजकर 24 मिनट से रात्रि 8 बजकर 06 तक प्रदोष काल मान्य रहेगा। प्रदोष काल से लेकर रात्रि 7 बजकर 5 मिनट तक लाभ की चौघड़िया भी विद्यमान रहेगी। यह भीमहालक्ष्मी और गणेश की पूजा के लिए श्रेष्ठ मुहूर्तों में से एक है। निशिता काल में लक्ष्मी पूजा का मुहूर्त देर रात 11 बजकर 59 मिनट से देर रात 12 बजकर 32 मिनट तक है। 34 मिनट की अवधि में आपको लक्ष्मी पूजा संपन्न कर लेनी चाहिए।
इस बार दिवाली के साथ 14 नवंबर को नरक चतुर्दशी भी मनाई जाएगी। नरक चतुर्दशी का त्योहार हर साल कार्तिक कृष्ण चतुर्दशी तिथि को मनाई जाती है। चतुर्दशी तिथि को छोटी दीपावाली के नाम से भी जाना जाता है। इस दिन सुबह स्नान करके यम तर्पण एवं शाम के समय दीप दान का बड़ा महत्व है। इस दिन स्नान का शुभ मुहूर्त 5 बजकर 23 मिनट से सुबह 6 बजकर 43 मिनट तक रहेगा।
धनतेरस और शुभ मुहूर्त 2020
दिवाली से एक दिन पहले धनतेरस का त्योहार मनाया जाता है। कार्तिक मास के कृष्णपक्ष की त्रयोदशी तिथि पर भगवान धन्वंतरि की पूजा का विधान है। इस दिन नई चीजों की शुभ खरीदारी की जाती है। इस वर्ष धनतरेस का शुभ मुहूर्त 6 बजकर 1 मिनट से शुरू होकर 8 बजकर 33 मिनट पर खत्म होगा।
दिवाली के बाद गोवर्धन पूजा का त्योहार मनाया जाता है। मान्यता है इस तिथि पर भगवान कृष्ण ने इंद्रदेव के घंमड का नाश किया था। गोवर्धन पूजा दिवाली के चौथे दिन मनाया जाता है। इस बार गोवर्धन पूजा का शुभ मुहूर्त शाम के 3 बजकर 50 मिनट से शाम 6 बजकर 14 मिनट तक है।