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नरक चतुर्दशीः जानिए किस वजह से इस दिन को कहा जाता है छोटी दिवाली

Wed, 18 Oct 2017 10:58 AM IST
amarujala.com- Presented by: किरण सिंह
amarujala.com- Presented by: किरण सिंह Updated Wed, 18 Oct 2017 10:58 AM IST
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why naraka chaturdashi or roop chaudas known as choti diwali

दिवाली से ठीक एक दिन पहले नरक चतुर्दशी मनाई जाती है, जिसे छोटी दिवाली भी कहा जाता है। क्या आपने कभी सोचा है कि नरक चतुर्दशी या रूप चौदस को छोटी दिवाली क्यों कहा जाता है।



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नरक चतुर्दशी

नरक चतुर्दशी का त्योहार हर साल कार्तिक कृष्ण चतुदर्शी को यानी दीपावली के एक दिन पहले मनाया जाता है। इस चतुर्दशी को छोटी दीपावाली के नाम से भी जाना जाता है। इस दिन प्रातः काल स्नान करके यम तर्पण और शाम के समय दीप दान का बड़ा महत्व है।

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नरक चतुर्दशी

पुराणों की कथा के अनुसार भगवान श्रीकृष्ण ने कार्तिक कृष्ण चतुर्दशी तिथि को नरकासुर नाम के असुर का वध किया। नरकासुर ने 16 हजार कन्याओं को बंदी बना रखा था।

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नरक चतुर्दशी

नरकासुर का वध करके श्री कृष्ण ने कन्याओं को बंधन मुक्त करवाया। इन कन्याओं ने श्रीकृष्ण से कहा कि समाज उन्हें स्वीकार नहीं करेगा। अतः आप ही कोई उपाय करें। समाज में इन कन्याओं को सम्मान दिलाने के लिए सत्यभामा के सहयोग से श्रीकृष्ण ने इन सभी कन्याओं से विवाह कर लिया।

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नरक चतुर्दशी

नरकासुर का वध और 16 हजार कन्याओं के बंधन मुक्त होने के उपलक्ष्य में नरक चतुर्दशी के दिन दीपदान की परंपरा शुरू हुई। एक अन्य मान्यता के अनुसार नरक चतुर्दशी के दिन सुबह स्नान करके यमराज की पूजा और संध्या के समय दीप दान करने से नर्क के यतनाओं और अकाल मृत्यु का भय नहीं रहता है। इस कारण भी नरक चतु्र्दशी के दिन दीनदान और पूजा का विधान है।

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