फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

Chhath Puja 2020: रामायण और महाभारत से जुड़ी है छठ पूजा की मान्यता

Tue, 17 Nov 2020 07:28 AM IST
रुस्तम राणा धर्म डेस्क, अमर उजाला
धर्म डेस्क, अमर उजाला Published by: रुस्तम राणा Updated Tue, 17 Nov 2020 07:28 AM IST
विज्ञापन
chhath puja 2020 Know the religious significance of chhath puja 2020
छठ पूजा 2020: कार्तिक माह शुक्ल पक्ष की षष्ठी तिथि को यह त्योहार मनाया जाता है। - फोटो : सोशल मीडिया

दिवाली बीत जाने के बाद अब छठ महापर्व आ रहा है। इस साल यह त्योहार 20 नवंबर को मनाया जाएगा। हिन्दू पंचांग के अनुसार कार्तिक माह शुक्ल पक्ष की षष्ठी तिथि को यह त्योहार मनाया जाता है। हालांकि इस पर्व की शुरूआत नहाय-खाय से हो जाती है, जो कार्तिक माह शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि को होता है जबकि इस पर्व का अंत इसी माह शुक्ल पक्ष की सप्तमी तिथि के दिन होता है। 

chhath puja 2020 Know the religious significance of chhath puja 2020
छठ पर्व 2020: छठ पर्व सूर्य की उपासना का त्योहार है। - फोटो : सोशल मीडिया
छठ पर्व में होती है सूर्य देव की पूजा 

छठ पर्व सूर्य की उपासना का त्योहार है। ऐसा विश्वास किया जाता है कि सूर्यदेव की पूजा करने से व्रत करने वालों को सुख, सौभाग्य और समृद्घि की प्राप्ति होती है। इस दिन किसी नदी या तालाब में खड़े होकर सूर्य को अर्घ्य दिया जाता है। 

chhath puja 2020 Know the religious significance of chhath puja 2020
पौराणिक मान्यता है कि छठ पर्व की शुरूआत महाभारत काल से ही हो गई थी। - फोटो : सोशल मीडिया
महाभारत में मिलता है इस पर्व का उल्लेख

यह हिन्दू आस्था का बड़ा पर्व है। इस व्रत से जुड़ी अनेक मान्यताएं हैं। नहाय-खाय से शुरू होने वाले छठ पर्व के बारे में कहा जाता है कि इसकी शुरूआत महाभारत काल से ही हो गई थी। एक कथा के अनुसार महाभारत काल में जब पांडव अपना सारा राजपाट जुए में  हार गए थे तब द्रौपदी ने इस चार दिनों के व्रत को किया था। 

विज्ञापन
विज्ञापन
chhath puja 2020 Know the religious significance of chhath puja 2020
इस छठ पर्व की शुरूआत महाभारत काल में कर्ण ने की थी। - फोटो : सोशल मीडिया
दानवीर कर्ण ने की थी छठ पूजा 

इस पर्व पर भगवान सूर्य की उपासना की थी और मनोकामना में अपना राजपाट वापस मांगा था। इसके साथ ही एक और मान्यता प्रचलित है कि इस छठ पर्व की शुरूआत महाभारत काल में कर्ण ने की थी। कर्ण भगवान सूर्य के परम भक्त थे और वे पानी में घंटो खड़े रहकर सूर्य की उपासना किया करते थे। जिससे प्रसन्न होकर भगवान सूर्य ने उन्हें महान योद्धा बनने का आशीर्वाद दिया था।

विज्ञापन
chhath puja 2020 Know the religious significance of chhath puja 2020
रामायण में भी मिलता है छठ पूजा का उल्लेख - फोटो : social media
रामायण में भी मिलता है छठ का उल्लेख

वहीं एक अन्य कथा के अनुसार कहते हैं मां सीता ने छठ पूजा की थी। पौराणिक कथाओं के अनुसार 14 वर्ष वनवास के बाद जब भगवान राम अयोध्या लौटे थे तो रावण वध के पाप से मुक्त होने के लिए ऋषि-मुनियों के आदेश पर राजसूय यज्ञ करने का फैसला लिया। इसके लिए मुग्दल ऋषि को आमंत्रण दिया गया था, लेकिन मुग्दल ऋषि ने भगवान राम एवं सीता को अपने ही आश्रम में आने का आदेश दिया। 

अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय हिंदी न्यूज़ वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें आस्था समाचार से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। आस्था जगत की अन्य खबरें जैसे पॉज़िटिव लाइफ़ फैक्ट्स,स्वास्थ्य संबंधी सभी धर्म और त्योहार आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed