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Holi 2021: बरसाना में आज खेली जा रही है लट्ठमार होली, जानें इस परंपरा से जुड़ी रोचक बातें

Tue, 23 Mar 2021 01:55 PM IST
रुस्तम राणा धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: रुस्तम राणा Updated Tue, 23 Mar 2021 01:55 PM IST
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barsana Lathmar holi 2021 date rituals and significance
बरसाना की लठामार होली 2021 - फोटो : Amar Ujala

भले ही देशभर में होली का त्योहार 29 मार्च को मनाया जाएगा। लेकिन बरसाने में आज लट्ठमार होली खेली जा रही है। ब्रज की लट्ठमार होली देश और दुनिया में बेहद मशहूर है। यहां दुनियाभर से लोग होली देखने आते हैं। होली से एक सप्ताह पहले ब्रज में विशेष प्रकार की होली खेलना शुरू हो जाती है। 

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बरसाना की लठामार होली 2021 - फोटो : Amar Ujala
फाल्गुन शुक्ल पक्ष की नवमी खेली जाती है यह होली

हिन्दू पंचांग के अनुसार, फाल्गुन मास की शुक्ल पक्ष की नवमी को बरसाने में लट्ठमार होली मनाई जाती है। नवमी के दिन यहां का नजारा देखने लायक होता है। यहां लोग रंगों, फूलों के अलावा डंडों से होली खेलने की परंपरा निभाते है। मान्यता है यहां लट्ठमार होली सदियों से खेली आ रही है। आइए जानते हैं यह परंपरा कैसे शुरू हुई और इसका इतिहास क्या है। 

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बरसाना की लठामार होली 2021 - फोटो : Amar Ujala
किस दिन खेली जाएगी कौनसी होली
नंद गांव में लट्ठमार होली - बरसाना के बाद अगले दिन यानी 24 मार्च को नंदगांव में लट्ठमार होली का आयोजन किया जाएगा।
फूलों की होली और रंगभरनी होली- मथुरा के श्री द्वारकाधीश मंदिर में फूलों की होली खेली जाएगी तो वहीं वृंदावन के बांके बिहारी मंदिर में 25 मार्च को रंगभरनी होली खेली जाएगी।  
छड़ीमार होली- 26 मार्च को गोकुल में छड़ीमार होली का आयोजन होगा।
गुलाल की होली- 27 मार्च को वृंदावन में अबीर और गुलाल से होली खेली जाएगी। यहां वृंदावन में रहने वाली विधवाएं रंगों वाली होली खेलेंगी।
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बरसाना की लठामार होली 2021 - फोटो : Amar Ujala
नंद गांव के लोग होली खेलने जाते हैं बरसाने

बरसाना में राधा जी का जन्म हुआ था। फाल्गुन मास की शुक्ल पक्ष की नवमी को नंदगांव के लोग होली खेलने के लिए बरसाना गांव जाते हैं। जहां पर लड़कियों और महिलाओं के संग लट्ठमार होली खेली जाती है। इसके बाद फाल्गुन शुक्ल की दशमी तिथि पर रंगों की होली खेली होती है।

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बरसाना की लठामार होली 2021 - फोटो : Amar Ujala
भगवान श्रीकृष्ण के समय से चली आ रही है ये परंपरा
लट्ठमार होली खेलने की परंपरा भगवान कृष्ण के समय से चली आ रही है। ऐसी मान्यता है कि भगवान कृष्ण अपने दोस्तों संग नंदगांव से बरसाना जाते हैं। बरसाना पहुंचकर वे राधा और उनकी सखियों संग होली खेलते हैं। इस दौरान कृष्णजी राधा संग ठिठोली करते है जिसके बाद वहां की सारी गोपियां उन पर डंडे बरसाती है।
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