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क्या अधिकमास में कर सकते हैं वस्त्र-वाहन और आभूषण की खरीदारी, जानें सच्चाई

Wed, 16 Sep 2020 06:15 AM IST
रुस्तम राणा धर्म डेस्क, अमर उजाला
धर्म डेस्क, अमर उजाला Published by: रुस्तम राणा Updated Wed, 16 Sep 2020 06:15 AM IST
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adhik mass 2020 aknow adhik mass niyam
अधिक मास 2020 - फोटो : self

मान्यता के अनुसार अधिक मास को किसी भी नई चीज की खरीदारी के लिए शुभ नहीं माना जाता है। लेकिन शास्त्रों के अनुसार इस महीने आप वस्त्रों, आभूषणों एवं वाहन आदि की खरीदारी कर सकते हैं। हालांकि कई शुभ कार्यों को अधिक मास में नहीं किया जाता है। आइए जानते हैं अधिक मास से जुड़ी क्या हैं मान्यताएं और क्या कहते हैं शास्त्र....

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कब से लग रहा है मलमास

अधिक मास को मलमास के नाम से जाना जाता है। मलमास या अधिक मास इस माह श्राद्ध पक्ष समाप्त होते ही लग रहा है। श्राद्ध 17 सितंबर को समाप्त हो रहे हैं और मलमास 18 सितंबर से शुरु हो रहा है जिसका समापन 16 अक्टूबर 2020 को होगा। 

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इस साल बना है ये खास संयोग

इस बार अधिक मास में ऐसा शुभ संयोग बन रहा है जो 160 साल पहले बना था। फिर 2039 में भी ऐसा संयोग बनेगा। इस साल संयोग ये है कि लीप ईयर और आश्विन अधिक मास दोनों एक साथ आएं हैं। ऐसा संयोग 160 साल पहले 1860 में बना था। 

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कैसे लगता अधिक मास

सौर वर्ष जहां सूर्य की गति पर आधारित होता तो वहीं चंद्र वर्ष चंद्रमा की चाल पर निर्भर करता है। एक सौर वर्ष 365 दिन 6 घंटे होते हैं। जबकि एक चंद्र वर्ष में 354.36 दिन होते हैं। ऐसे में हर तीन साल बाद चंद्रमा के ये दिन एक माह के बराबर हो जाते हैं। इसलिए ज्योतिष गणना को सही रखने के लिए तीन साल बाद चंद्रमास में एक अतिरिक्त माह जोड़ दिया जाता है जिसे अधिक मास कहते हैं।

अधिक मास में कर सकते हैं खरीदारी

अधिक मास में क्या करना चाहिए और क्या नहीं करना चाहिए। इस चीज को लेकर भ्रम की स्थिति रहती है। जबकि शास्त्रों में ऐसा कहीं नहीं लिखा है कि अधिक मास में किसी वस्त्र-आभूषण या फिर वाहन आदि की खरीदारी नहीं करनी चाहिए। हालांकि अधिक मास में फल की कामना के लिए किए जाने वाले मांगलिक कार्य वर्जित माने जाते हैं। 

अधिक मास में क्या नहीं करना चाहिए

अधिक मास में मांगलिक कार्य जैसे विवाह, प्राण-प्रतिष्ठा, स्थापना, मुंडन, नववधू गृह प्रवेश, यज्ञोपवीत, नामकरण आदि कार्यों को नहीं करना चाहिए। 

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