Jyeshtha Purnima 2025: हिंदू धर्म में प्रत्येक पूर्णिमा तिथि का अपना विशेष महत्व होता है, लेकिन ज्येष्ठ मास की पूर्णिमा का स्थान अत्यंत पवित्र और खास माना जाता है। इस दिन भगवान विष्णु, माता लक्ष्मी और चंद्रदेव की पूजा का विधान है। विवाहित महिलाएं इस दिन वट पूर्णिमा का व्रत भी रखती हैं, जो पति की लंबी आयु और अखंड सौभाग्य के लिए समर्पित है। इस बार तिथियों को लेकर कुछ लोगों के मन में संशय है, कुछ लोग 10 जून बता रहे हैं तो कुछ लोग 11 जून। ऐसे में आइए ज्योतिषाचार्य से जानते हैं कि ज्येष्ठ पूर्णिमा सही तिथि क्या है?
Jyeshtha Purnima 2025 Date: 10 या 11 जून आखिर कब है ज्येष्ठ पूर्णिमा? ज्योतिषाचार्य से जानें सही तिथि
इस वर्ष ज्येष्ठ मास की पूर्णिमा को लेकर लोगों के मन में कई सवाल हैं। ज्येष्ठ पूर्णिमा की तिथि और स्नान दान की तिथि में बहुत लोगों को संशय है। आइए इस लेख ज्येष्ठ मास की पूर्णिमा के बारे में ज्योतिषाचार्य से जानते हैं।
ज्येष्ठ पूर्णिमा 2025 तिथि
ज्योतिषाचार्य मनोज कुमार द्विवेदी बताते हैं कि पूर्णिमा का व्रत 10 जून 2025, मंगलवार को रखा जाएगा। इसका कारण यह है कि पूर्णिमा तिथि का आरंभ 10 जून को दिन में हो रहा है और यह पूरी रात तक रहेगी, जिससे चंद्र दर्शन और पूजन आसानी से हो सकेगा। वहीं, स्नान-दान और अन्य पुण्य कर्म 11 जून 2025, बुधवार को किए जाएंगे।
संक्षेप में जानें-
पूर्णिमा तिथि प्रारंभ: 10 जून 2025, सुबह 11 बजकर 35 मिनट से
पूर्णिमा तिथि समाप्त: 11 जून 2025, दोपहर 01 बजकर 13 मिनट पर
पूर्णिमा का व्रत: 10 जून 2025 मंगलवार को रखा जाएगा
चंद्रोदय का समय (10 जून): शाम 07 बजकर 41 मिनट
स्नान-दान : 11 जून 2025, बुधवार को किए जाएंगे
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ज्येष्ठ पूर्णिमा का धार्मिक महत्व-
ज्येष्ठ पूर्णिमा को 'ज्येष्ठा पूर्णिमा' और कई स्थानों पर 'वट पूर्णिमा' के नाम से भी जाना जाता है, विशेषकर पश्चिमी भारत (महाराष्ट्र, गुजरात) में यह वट सावित्री पूर्णिमा के रूप में मनाई जाती है।
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डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): ये लेख लोक मान्यताओं पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है।