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Bada Mangal 2026: ज्येष्ठ में बन रहा है दुर्लभ संयोग, जानें कब है पहला मंगलवार और क्यों है यह इतना खास

Tue, 05 May 2026 07:17 AM IST
Jyoti Mehra ज्योतिषाचार्य पं.मनोज कुमार द्विवेदी
ज्योतिषाचार्य पं.मनोज कुमार द्विवेदी Published by: Jyoti Mehra Updated Tue, 05 May 2026 07:17 AM IST
सार

Bada Mangal 2026 Date: हिंदू धर्म में ज्येष्ठ माह के प्रत्येक मंगलवार का विशेष महत्व माना जाता है। इस माह के मंगलवार को 'बड़ा मंगल' कहा जाता है, जो भगवान हनुमान की पूजा के लिए अत्यंत शुभ होता है। इस साल  ज्येष्ठ माह का महत्व और भी बढ़ गया है, क्योंकि इस बार अधिकमास का दुर्लभ संयोग बन रहा है।

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Bada Mangal 2026 Date Puja Vidhi, Significance 8 Tuesdays in Jyeshtha month
ज्येष्ठ माह में पड़ रहे 8 बड़े मंगल का महत्व - फोटो : AI

Bada Mangal Significance: सनातन धर्म में ज्येष्ठ माह को विशेष महत्वपूर्ण माना जाता है। वैशाख पूर्णिमा के बाद ज्येष्ठ माह की शुरुआत होती है। इस माह में श्रीहनुमान जी की साधना का विशेष महत्व है, क्योंकि इस माह में हर मंगलवार को बड़ा मंगल के रूप में मनाया जाता है। 



हिंदू धर्म में ज्येष्ठ माह के प्रत्येक मंगलवार का विशेष महत्व माना जाता है। इस माह के मंगलवार को 'बड़ा मंगल' कहा जाता है, जो भगवान हनुमान की पूजा के लिए अत्यंत शुभ होता है। इस साल ज्येष्ठ माह का महत्व और भी बढ़ गया है, क्योंकि इस बार अधिकमास का दुर्लभ संयोग बन रहा है। इसी वजह से सामान्य 4 या 5 की बजाय पूरे 8 बड़े मंगल पड़ रहे हैं, जो अपने आप में बेहद खास हैं। खास बात यह है कि अधिमास (पुरुषोत्तम मास) की वजह से आठ बड़े मंगल का विशेष संयोग मिलेगा, जो सामान्य वर्षों की तुलना में दोगुना हैं। इसकी वजह से श्रीहनुमान जी की उपासना को दोहरा अवसर प्राप्त होगा।

इनमें पहले और अंतिम मंगल का विशेष धार्मिक महत्व होता है। इस दिन भक्त सुंदरकांड और हनुमान चालीसा का पाठ कर भगवान हनुमान को प्रसन्न करने का प्रयास करते हैं। मान्यता है कि यदि कोई व्यक्ति लगातार 40 दिनों तक हनुमान चालीसा का पाठ करता है, तो उसे विशेष कृपा और कई तरह के लाभ प्राप्त होते हैं।

Bada Mangal 2026 Date Puja Vidhi, Significance 8 Tuesdays in Jyeshtha month
कब से ज्येष्ठ का पहला मंगलवार? - फोटो : adobe stock

कब से ज्येष्ठ का पहला मंगलवार?
इस वर्ष ज्येष्ठ माह की शुरुआत 2 मई से होकर 29 जून तक रहेगी। पंचांग के अनुसार, ज्येष्ठ महीने का पहला बड़ा मंगल 5 मई को पड़ रहा है। यह दिन हनुमान भक्तों के लिए बेहद खास माना जाता है, क्योंकि इसी के साथ बड़े मंगल के पावन पर्व की शुरुआत होती है और भक्त पूरे उत्साह व श्रद्धा के साथ बजरंगबली की पूजा-अर्चना करते हैं।

Bada Mangal 2026 Date Puja Vidhi, Significance 8 Tuesdays in Jyeshtha month
ज्येष्ठ का बड़ा मंगलवार क्यों है खास? - फोटो : adobe stock

रामायण की कथा के अनुसार जब प्रभु श्रीराम माता सीता की खोज कर रहे थे, तो हनुमान जी पहली बार प्रभु श्रीराम से मिले थे। हनुमान जी ने राम जी और लक्ष्मण जी की सच्चाई जानने के लिए एक पुरोहित का रूप बनाया हुआ था। जब हनुमान जी ने प्रभु श्रीराम और लक्ष्मण जी की सच्चाई जानी, तो उन्होंने प्रभु श्रीराम को प्रणाम किया। हनुमान जी और प्रभु श्रीराम का मिलन पहली बार ज्येष्ठ माह के मंगलवार को हुआ था, इसलिए इस ज्येष्ठ माह के मंगलवार को बड़ा मंगलवार के नाम से जाना गया।
 

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Bada Mangal 2026 Date Puja Vidhi, Significance 8 Tuesdays in Jyeshtha month
ज्येष्ठ का बड़ा मंगलवार क्यों है खास? - फोटो : adobe stock

श्रद्धा और उपासना का पावन दिन ज्येष्ठ माह के 'बड़े मंगल' पर हनुमान मंदिरों में भक्तों का तांता लगा रहता है। इस दिन पवनपुत्र को सिंदूर और चोला अर्पित कर विशेष पूजा-अर्चना की जाती है। हनुमान चालीसा और बजरंग बाण का पाठ करना भक्तों के लिए विशेष फलदायी और मानसिक शांति देने वाला माना जाता है। निस्वार्थ सेवा की अनूठी परंपरा का प्रतीक यह पर्व केवल पूजा तक सीमित नहीं है, बल्कि सेवा का एक जीवंत उदाहरण है। जगह-जगह आयोजित होने वाले विशाल भंडारे इस दिन की पहचान हैं, जहां समाज का हर वर्ग एक साथ मिलकर प्रसाद ग्रहण करता है।बड़ा मंगल पर जगह-जगह प्याऊ (ठंडा पानी) लगवाने और शरबत-प्रसाद वितरित करने का विधान है, जो हनुमान जी की कृपा पाने के लिए उत्तम माना जाता है।

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Bada Mangal 2026 Date Puja Vidhi, Significance 8 Tuesdays in Jyeshtha month
पूजा विधि - फोटो : adobe stock

ज्येष्ठ माह में किए गए व्रत और उपायों का विशेष फल मिलता है, क्योंकि इस समय सूर्य की प्रखरता अधिक होती है और यह ऊर्जा के स्तर को प्रभावित करता है। इस माह में की गई पूजा और तपस्या से पुण्य प्राप्ति होती है।

पूजा विधि
सुबह जल्दी स्नान कर लाल वस्त्र पहनें। हनुमान जी को सिंदूर का चोला और चमेली का तेल अर्पित करें। भोग में बूंदी के लड्डू या गुड़-चना चढ़ाएं। ॐ हं हनुमते नम: मंत्र का जाप करें और हनुमान चालीसा का पाठ करें।

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