देश के अधिकांश राज्यों में कोरोना बंदिशें हटते ही बीते साढ़े तीन महीनों के दौरान हिमाचल प्रदेश में 42 लाख सैलानी पहुंचे हैं। प्रदेश के प्रमुख पर्यटन स्थलों के होटलों में ऑक्यूपेंसी सौ फीसदी पहुंच गई है। राजधानी शिमला सहित मनाली, डलहौजी, कसौली, खज्जियार, धर्मशाला, कुल्लू सहित कई अन्य क्षेत्र इन दिनों सैलानियों से गुलजार हैं। होटल, टैक्सी सहित अन्य पर्यटन कारोबारियों के चेहरे खिल उठे हैं।
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राजधानी शिमला में ऐतिहासिक रिज मैदान पर उमड़ी सैलानियों की भीड़।
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वर्ष 2022 में जनवरी से मार्च तक 30 लाख सैलानियों ने प्रदेश का रुख किया है। जनवरी में सात लाख, फरवरी में आठ लाख और मार्च में 15 लाख सैलानी हिमाचल आए। अप्रैल के बीस दिनों में ही करीब 12 लाख सैलानियों ने पहाड़ों का रुख किया है। मई और जून के दौरान भी पर्यटन सीजन पूरे चरम पर रहने के आसार हैं। 15 जुलाई तक प्रदेश के पर्यटन स्थलों में रौनक बनी रहेगी।
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कसौली में टहलते पर्यटक।
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बरसात के मौसम में सैलानियों की आमद में कमी आती है। इसके अलावा अक्तूबर से दोबारा प्रदेश में पर्यटन सीजन रफ्तार पकड़ेगा। ऐसे में इस वर्ष हिमाचल प्रदेश आने वाले सैलानियों की संख्या का रिकॉर्ड बनने के आसार भी बन रहे हैं। प्रदेश में 2019 तक करीब डेढ़ से पौने दो करोड़ सैलानी आते रहे हैं।
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लाहौल के सिस्सू में बर्फ के बीच मस्ती करते पर्यटक।
- फोटो : संवाद
वर्ष 2020 के मार्च में कोरोना बंदिशें लगना शुरू हुई थी। इस वर्ष प्रदेश में करीब 32 लाख सैलानी आए। वर्ष 2021 में कुछ बंदिशों से छूट मिलने पर 55 लाख सैलानियों ने हिमाचल आकर यहां के नजारों का लुत्फ लिया।
निदेशक पर्यटन एवं नागरिक उड्डयन अमित कश्यप ने बताया कि इस बार प्रदेश में समर सीजन करीब पंद्रह दिन पहले शुरू हुआ है। मैदानी राज्यों में गर्मी जल्द होने और कोरोना बंदिशों के हटने पर सैलानियों ने हिमाचल का रुख किया है। प्रदेश की आर्थिकी को इसका लाभ मिलेगा।