शिमला से अंतरिक्ष में अंतरराष्ट्रीय स्पेस स्टेशन देखने के लिए आम लोगों और पर्यटकों में खासी उत्सुकता देखी जा रही है। रविवार को यह स्टेशन शाम छह बजकर 32 मिनट से उत्तर-पश्चिम में दिखना आरंभ हुआ और इसे करीब छह मिनट तक देखा गया।
इसे पूर्व-दक्षिण-पूर्व में देखा गया। स्पेस स्टेशन अंतरिक्ष में 400 किलोमीटर ऊपर चमकीले तारे की तरह देखा गया। इसके बाद 10 फरवरी को यह सात बजकर 24 मिनट पर दक्षिण-पश्चिम में 17 डिग्री पर दिखेगा।
3 of 6
फाइल फोटो
- फोटो : सोशल मीडिया
दो मिनट बाद दक्षिण-दक्षिण-पश्चिम में अस्त होगा। 11 फरवरी को यह छह बजकर 37 मिनट पर दक्षिण-पश्चिम में 32 डिग्री पर नजर आना शुरू होगा, जिसके बाद यह दक्षिण-दक्षिण-पूर्व में तीन मिनट बाद दक्षिण-दक्षिण-पूर्व में अस्त होगा।
इस स्टेशन में अमेरिका और रूस के छह वैज्ञानिक शोध कर रहे हैं। वे माइक्रो ग्रेविटी में पानी और आग पर कई तरह के अनुसंधान कर रहे हैं। माइक्रो ग्रेविटी में अलग-अलग पदार्थों में आग पकड़ने पर शोध होंगे। यह पानी की महीन बूंदों के निर्माण, जल प्रवाह और बौछारों के दबाव पर अध्ययन करेंगे।
शिमला से इसे देखे जाने का शेड्यूल नासा ने जारी किया है। स्पेस स्टेशन को देखने की आम लोगों और पर्यटकों में खासी उत्सुकता है। यह छह फरवरी से नजर आ रहा है। आठ फरवरी को यह स्पेस स्टेशन सात बजकर 20 मिनट पर पश्मिोत्तर में निकलता दिखा। इसके बाद यह दक्षिण-दक्षिण-पूर्व में 31 डिग्री पर छिप गया। इसमें नया एक्पेडीशन- 62 शामिल है।