राजस्थान के जयपुर में इंडिया स्टोन मार्ट 2022 चल रहा है, या यूं कहें कि शहर में पत्थरों का एक अनोखा बाजार लगा है। राजस्थान पत्थरों का बड़ा खजाना है। यहां संगमरमर, ग्रेनाइट और जेम स्टोन सहित कई अन्य प्रकार के विशेष पत्थर पाए जाते हैं। इस तरह के सभी खास पत्थर स्टोन मार्ट प्रदर्शनी में रखे हुए हैं।
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13 नवंबर तक चलेगी प्रदर्शनी।
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पत्थरों से कई प्रकार की विशेष चीजें भी बनाईं गईं हैं जो लोगों को खूब भा रही हैं। प्रदर्शनी में सैंड स्टोन से बनाईं जाने वाली कलाकृतियां भी हैं। सैंड स्टोन की कलाकृतियां का मुख्य रूप से उपयोग घर या गार्डन की सजावट के लिए होता है। इनकी सबसे बड़ी खासियत यह है कि धूप और बारिश में भी ये कई सालों तक तक खराब नहीं होती हैं। यह स्टोन मार्ट 13 नवंबर तक चलेगा।
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राजस्थान में है कीमती पत्थरों का खजाना।
- फोटो : अमर उजाला
10 नवंबर को सीएम अशोक गहलोत ने इंडिया स्टोन मार्ट 2022 का उद्धाटन के किया था। इस दौरान उन्होंने कहा था कि राजस्थान में निवेश के लिए बेहतर सुविधाएं और वातावरण भी है। यहां की कानून व्यवस्था भी बेहतर है, इसलिए मैं सोचता हूं कि प्रदेश निवेश के लिए बेहतर स्थान है। उन्होंने इंडिया स्टोन मार्ट प्रदर्शनी में आए विदेशी निवेशकों से प्रदेश में निवेश करने की अपील की। गहलोल ने कहा, मैं देश और विदेश से आए सभी दोस्तों (निवेशकों) से राज्य में निवेश करने का आह्वान करना चाहता हूं।
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पत्थर से बनाई गई बापू की प्रतिमा।
- फोटो : सोशल मीडिया
गहलोत ने यह भी कहा था कि इंडिया गेट हो या अयोध्या में बन रहा राम मंदिर सभी के निर्माण में राजस्थान के पत्थरों का योगदान रहा है। जिसे कोई भी नकार नहीं सकता। राम मंदिर को भी राजस्थान के पत्थरों से ही तराशा जा रहा है। उन्होंने कहा कि मेरे पास विश्व हिंदू परिषद के कोई अधिकारी आए थे, जिन्होंने राम मंदिर के लिए राजस्थान के पत्थर की विशेष मांग रखी थी। विहिप के उन अधिकारी से अनुरोध करते हुए मैंने कहा कि राम मंदिर का निर्माण अवैध पत्थरों से करना ठीक नहीं, इसलिए आप केंद्र सरकार से अनुरोध करें कि वह नीति बनाकर इस समस्या का हमेशा के लिए निराकरण करें।
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स्टोन मार्ट की कलाकृतियां लोगों को आ रही पसंद।
- फोटो : Rajasthan stone market
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने अवैध माइनिंग को एक बड़ी समस्या बताया था। उन्होंने यह भी माना कि प्रदेश में बड़े स्तर पर अवैध माइनिंग की जा रही है जो एक बड़ी समस्या है। उन्होंने कहा कि इसे रोकने के लिए सरकार जल्द से जल्द फैसला लेगी। मुख्यमंत्री गहलोत ने बताया कि 800 करोड़ रुचये एकओयू राजस्थान सरकार के साथ उद्योगपति कर चुके हैं। यह एक अच्छी शुरुआत है। राजस्थान सरकार पत्थर उद्योग को और आगे ले जाने के लिए वचनबद्ध है।