फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

Karwa Chouth Special : चौथ का बरवाड़ा में है देश का एकमात्र चौथ माता मंदिर, करवा चौथ पर जानिये मंदिर का इतिहास

Sun, 20 Oct 2024 01:52 PM IST
प्रिया वर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सवाई माधोपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सवाई माधोपुर Published by: प्रिया वर्मा Updated Sun, 20 Oct 2024 01:52 PM IST
सार

सवाई माधोपुर जिले के चौथ का बरवाड़ा स्थित चौथ माता के मंदिर में यूं तो साल भर श्रद्धालुओं का तांता लगा रहता है लेकिन हर महीने की चौथ और करवा चौथ पर विशेष रूप से माता के दरबार में श्रद्धा का सैलाब उमड़ता है। आज यहां करवा चौथ के अवसर पर सुहागिनें चौथ माता के दर्शन कर अपनी पति की लंबी उम्र की कामना करती नजर आईं। 

विज्ञापन
Karwa Chouth Special: The country's only Chauth Mata temple is in Barwada, know the history of the temple
राजस्थान - फोटो : अमर उजाला
चौथ का बरवाड़ा स्थित चौथ माता का यह मंदिर पहाड़ियों पर करीब एक हजार फीट की ऊंचाई पर स्थित है। आज करवा चौथ के अवसर पर चौथ माता के दरबार में श्रद्धा का सैलाब उमड़ा, बड़ी संख्या में सुहागिन महिलाओं ने जहां माता चौथ भवानी के दर्शन कर अपने पति की लंबी उम्र और घर में सुख-शांति की कामना की, वहीं कुंआरी कन्याओं ने माता से अच्छे वर की कामना की।


वैसे इस मंदिर को लेकर कई प्रकार की किंवदंतियां प्रचलित हैं, साथ ही मंदिर की स्थापना को लेकर भी लोगों के अलग-अलग मत हैं। अधिकतर लोगों का मानना है कि चौथ माता मंदिर की स्थापना 1451 में यहां के तत्कालीन शासक भीमसिंह द्वारा की गई थी और 1463 में मंदिर मार्ग पर बिजल की छतरी तथा पहाड़ी की तलहटी में तालाब का निर्माण करवाया गया था।
Karwa Chouth Special: The country's only Chauth Mata temple is in Barwada, know the history of the temple
राजस्थान - फोटो : सोशल मीडिया
सोलहवीं शताब्दी में यह कस्बा चौहान वंश से मुक्त होकर राठौड़ों के अधीन आ गया, इस वंश के शासकों में भी माता के प्रति गहरी आस्था थी। कहा जाता है कि राठौड़ वंश के शासक तेजसिंह राठौड़ ने 1671 में मुख्य मंदिर के दक्षिण हिस्से में एक तिबारा बनवाया था। हाड़ौती क्षेत्र के लोग कोई भी शुभ कार्य करने से पहले आज भी माता को निमंत्रण देने आते हैं। 
Karwa Chouth Special: The country's only Chauth Mata temple is in Barwada, know the history of the temple
राजस्थान - फोटो : अमर उजाला

प्रगाढ़ आस्था के कारण बूंदी राजघराने के समय से ही चौथ माता को कुलदेवी के रूप में पूजा जाता है। लेकिन कुछ लोगों का मानना है कि चौथ माता मंदिर की स्थापना जयपुर राजघराने द्वारा कराई गई थी, जब राव माधोसिंह ने सवाई माधोपुर बसाया था, उसी दौरान यहां मंदिर भी बनवाया गया था क्योंकि राव माधोसिंह माता को कुलदेवी के रूप में पूजते थे।

विज्ञापन
विज्ञापन
Karwa Chouth Special: The country's only Chauth Mata temple is in Barwada, know the history of the temple
राजस्थान - फोटो : अमर उजाला

कहा जाता है कि एक बार लड़ाई के दौरान मातेश्री नामक एक महिला के पति की मौत हो गई थी, इस पर महिला ने अपने पति के साथ सती होने की जिद की तो राव माधोसिंह ने सती प्रथा पर रोक लगाते हुए महिला को सती नहीं होने दिया गया। इस पर महिला ने माता के दरबार में गुहार लगाई कि या तो मुझे मौत दे दो या फिर मेरे पति को जीवनदान दो, इस पर माता ने महिला के पति को जीवनदान देकर जीवित किया। तभी से पूरे राजस्थान में महिलाएं चौथ का उपवास रखकर अपने पति की लंबी उम्र की कामना करती हैं। राव माधोसिंह ने ही इस कस्बे को माली समाज के लोगों को गद्दी के रूप में भेंट किया था, तभी से यहां माली समाज द्वारा माता की पूजा की जाती है।

विज्ञापन
Karwa Chouth Special: The country's only Chauth Mata temple is in Barwada, know the history of the temple
राजस्थान - फोटो : सोशल मीडिया

दिनोंदिन बढ़ती जा रही माता की आस्था के चलते स्थानीय लोगों ने यहां मंदिर ट्रस्ट बनाया है, जो मंदिर में आने वाले चढ़ावे का हिसाब रखता है। भक्तों की सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए ट्रस्ट द्वारा कटरा स्थित वैष्णोदेवी मंदिर की तर्ज पर माता के मंदिर तक एक हजार फीट लंबे और ऊंचाई वाले मार्ग को छायादार बनाया गया है। मंदिर की सुरक्षा को लेकर भी ट्रस्ट द्वारा पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। मंदिर में हर तरफ सुरक्षा गार्ड तैनात रहते हैं, साथ ही सीसीटीवी कैमरों से मंदिर के कोने-कोने पर नजर रखी जा सकती है। मन्दिर पुजारी के मुताबिक आज करवा चौथ पर करीब दो से ढाई लाख श्रद्धालु माता के दर्शनों के लिए चौथ माता मंदिर पहुंचेंगे, जिनमें महिलाओं की संख्या सर्वाधिक होगी। आज सुबह से ही मन्दिर में श्रद्धालुओं का तांता लगा हुआ है।

अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed