{"_id":"62f9ad890cd06c16be716a24","slug":"sardar-patel-got-jodhpur-merged-with-india-jinnah-jodhpur-story","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"Azadi Ka Amrit Mahotsav: सरदार पटेल न होते तो पाकिस्तान में होता राजस्थान, जोधपुर को छीनना चाहते थे जिन्ना","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Azadi Ka Amrit Mahotsav: सरदार पटेल न होते तो पाकिस्तान में होता राजस्थान, जोधपुर को छीनना चाहते थे जिन्ना
न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, जोधपुर
Published by: रोमा रागिनी
Updated Mon, 15 Aug 2022 12:03 PM IST
सार
मोहम्मद अली जिन्ना जोधपुर को पाकिस्तान में शामिल करना चाहते थे। इसके लिए उन्होंने जोधपुर महाराज को कई प्रलोभन भी दिए। भारत को डर था कि जोधपुर के साथ जयपुर और उदयपुर रियासत भी पाकिस्तान में शामिल हो जाएगी। जिसके बाद पटेल ने जोधपुर महाराजा को समझाने की जिम्मेदारी अपने कंधे पर ले ली।
विज्ञापन
1 of 6
सरदार पटेल और जिन्ना
- फोटो : Social Media
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
आजादी के 75 साल पूरे हो चुके हैं। देश आज 76वें स्वतंत्रता दिवस के उल्लास में डूबा है लेकिन ये आजादी दिलाने में न जाने कितने स्वंत्रता सेनानी ने अपनी जान की बाजी लगाई है। भारत माता के वीर सपूत गुलामी की बेड़ियां तोड़ चुके थे पर आजाद भारत को एकजुट रखना सबसे बड़ी चुनौती थी। उस समय भारत 500 से ज्यादा छोटी बड़ी रियासतों में बंटा हुआ था। ऐसी ही एक जोधपुर रियासत थी, सरदार पटेल न होते तो जोधपुर के कारण राजस्थान आज पाकिस्तान में होता।
2 of 6
जोधपुर को पाकिस्तान में शामिल करना चाहते थे जिन्ना
- फोटो : Amar Ujala Digital
रियासतों को भारत में विलय कराना रहा सबसे मुश्किल
देश आजाद हो चुका था लेकिन आजादी के बाद रियासतों को भारत में शामिल कराना सबसे मुश्किल काम था। महाराजा लंबी-चौड़ी शर्तें भी रख रहे थे। ऐसे में सरदार वल्लभ भाई पटेल और नेहरू ने रियासतों को भारत में शामिल कराने की जिम्मेदारी अपने कंधे पर ले ली। जिसके बाद पटेल वी.पी मेनन के साथ मिलकर राजा, रजवाड़ों, निजाम और महाराजाओं से मुलाकात करने लगे।
3 of 6
सरदार पटेल और नेहरू
- फोटो : Social Media
जोधपुर के महाराजा पाकिस्तान में जाना चाहते थे
ऐसे में सबसे चर्चित किस्सा जोधपुर रियासत का था। जो एक पुराना और काफी बड़ा रजवाड़ा था। जोधपुर का राजा और अधिकांश प्रजा हिंदू ही थी। महाराजा हनुवंत सिंह के मन में किसी ने डाल दिया कि उसके राज्य की सीमा पाकिस्तान से भी छूती है। इसलिए वह वहां से बेहतर शर्तें मनवा सकता है।
विज्ञापन
विज्ञापन
4 of 6
महाराजा हनुवंत सिंह
- फोटो : Social Media
जिन्ना ने महाराजा को कई प्रलोभन दिए
महाराजा ने मोहम्मद अली जिन्ना के सामने कई शर्तें रखीं। जिन्ना ने भी महाराजा हनुवंत सिंह को कई प्रलोभन दिए। जिन्ना ने महाराजा के सामने कराची के बंदरगाह की सुविधा देने, हथियारों की निर्बाध आपूर्ति और अकाल-पीड़ित जिलों के लिए खाद्यान्न की आपूर्ति करने का भरोसा दिलाया। इतिहासकार यहां तक कहते हैं कि मोहम्मद अली जिन्ना ने महाराजा को एक खाली पन्ना दे दिया था कि वो इसपर सभी शर्तें लिख सकते हैं।
विज्ञापन
5 of 6
सरदार पटेल ने महाराजा को मनाया
- फोटो : Social Media
महाराजा को सरदार पटेल ने ऐसे मनाया था
जिन्ना और हनुवंत सिंह की बातचीत की खबर सरदार पटेल तक पहुंची। भारत को ये आशंका थी कि अगर जोधपुर पाकिस्तान में शामिल हुआ तो जयपुर और उदयपुर भी हाथ से निकल जाएंगे। इस मामले में सरदार पटेल ने समझदारी दिखाई। उन्होंने बिना कोई देरी किए तुरंत जोधपुर के महाराजा से संपर्क साधा। उसे हथियार, अनाज की आपूर्ति का भरोसा दिलाया। सरदार पटेल ने हनुवंत सिंह को समझाया कि वे एक मुस्लिम देश के साथ तालमेल बिल्कुल नहीं बिठा सकते। ऐसे में महाराजा मान गए। आखिरकार सरदार पटेल की कोशिश सफल हुई और महाराजा जोधपुर को भारत में विलय करने के लिए तैयार हो गए।
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे| Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.
विज्ञापन
विज्ञापन
एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें
Next Article
Disclaimer
हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर और व्यक्तिगत अनुभव प्रदान कर सकें और लक्षित विज्ञापन पेश कर सकें। अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।