राजस्थान की सांस्कृतिक और न्यायिक राजधानी जोधपुर के लिए साल 2024 कई मायनों में ऐतिहासिक साबित हुआ। विकास, राजनीति, सैन्य ताकत और सांस्कृतिक महत्व के क्षेत्र में यह साल उपलब्धियों से भरा रहा। प्रदेश का दूसरा सबसे बड़ा शहर, जिसे ब्लू सिटी के नाम से भी जाना जाता है, ने इस साल देश और राज्य के नक्शे पर अपनी अलग पहचान बनाई।
Jodhpur News : उपलब्धियों से भरा रहा साल 2024, सूरसागर के सांप्रदायिक विवाद और अनिता हत्याकांड ने लगाया दाग
साल 2024 जोधपुर के लिए कई मायनों में अहम रहा है। राजनीतिक दृष्टिकोण से देखें तो जिले से दो विधायकों को राज्य मंत्रिमंडल में जगह मिली है जबकि मोदी सरकार के तीसरे कार्यकाल में एक बार फिर गजेंद्र सिंह शेखावत केंद्रीय मंत्री बने।
महत्वपूर्ण नियुक्तियां : लूणी से विधायक जोगाराम पटेल और लोहावट से विधायक गजेंद्रसिंह खींवसर को राज्य मंत्रिमंडल में अहम जिम्मेदारियां मिलीं। वहीं गजेंद्रसिंह शेखावत मोदी सरकार के तीसरे कार्यकाल में केंद्रीय मंत्री बने।
- कांकाणी रोहट में सोलर मैन्युफैक्चरिंग पार्क की स्थापना की घोषणा।
- 7.6 किमी लंबी, 938 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाली एलिवेटेड रोड के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू।
- जयपुर-जोधपुर ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस वे की घोषणा।
- 194 किमी लंबी जवाई नहर के जीर्णोद्धार की योजना।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी राजस्थान हाईकोर्ट के प्लेटिनम जुबली समारोह में भाग लेने आए और न्याय की सुगमता पर जोर दिया।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह सेना के मल्टी लेवल युद्धाभ्यास में शामिल हुए और भारत की आत्मनिर्भर सैन्य ताकत की सराहना की।
गृह मंत्री अमित शाह ने बीएसएफ के 60वें स्थापना दिवस पर मंडोर में परेड की सलामी ली और सरदार वल्लभ भाई पटेल की मूर्ति का अनावरण किया।
इसके साथ ही प्रदेश के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने भी जोधपुर के कई दौरे किए तो वहीं उपमुख्यमंत्री प्रेमचंद बैरवा व उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी ने भी जोधपुर के दौरे कर कई सौगातें दीं।
सैन्य और तकनीकी क्षेत्र में कदमताल
डीआरडीओ की उपलब्धियां : जोधपुर स्थित रक्षा प्रयोगशाला ने भारतीय नौसेना के लिए माइक्रोवेव ऑब्स्क्यूरेंट चैफ रॉकेट टेक्नोलॉजी (एमआर-एमओसीआर) विकसित की, जिससे नौसेना के जहाज दुश्मनों के मिसाइल हमलों से सुरक्षित रहेंगे।
तरंगशक्ति युद्धाभ्यास : तीनों सेनाओं के वाइस चीफ ने स्वदेशी तेजस विमान से उड़ान भरते हुए सैन्य एकीकरण का संदेश दिया। इस युद्धाभ्यास में भारत समेत 7 देशों ने भाग लिया।