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Dalit Student Death Case: दलित छात्र के घर जा रहे भीम आर्मी अध्यक्ष को पुलिस ने रोका, जालोर में पुलिस अलर्ट

न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, जालोर Published by: उदित दीक्षित Updated Wed, 17 Aug 2022 09:30 PM IST
जोधपुर एयरपोर्ट पर हिरासत में लिए गए भीम आर्मी के अध्यक्ष चंद्रशेखर आजाद।
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जालोर में दलित छात्र की मौत के बाद से राजनीति गरमाई हुई है। इधर, भीम आर्मी के अध्यक्ष चंद्रशेखर आजाद को जोधपुर हवाई अड्डे पर पुलिस ने रोक लिया है। वह दलित छात्र के परिवार के सदस्यों से मिलने के लिए जालोर जा रहे थे। सूचना मिलने पर जोधपुर पुलिस ने एयरपोर्ट पर आजाद को रोक लिया। इसके बाद हिरासत में लेकर अपने साथ ले गई।  

भीम आर्मी प्रमुख चंद्रशेखर आजाद को हिरासत में लिए जाने पर जोधपुर पुलिस कमिश्नरेट ईस्ट डीसीपी अमृता दुहन ने कहा कि जालोर में धारा 144 लगी हुई है। ऐसे में भीड़-भाड़ पर वहां कानून व्यवस्था बिगड़ सकती है, इसलिए हमने आजाद को रोका हैं। हालांकि, पुलिस का कहना है कि आजाद को हिरासत में नहीं लिया गया है।  

दरअसल, जालोर में शिक्षक की कथित पिटाई से दलित छात्र की मौत का मामला अभी शांत नहीं हुआ है। पीड़ित परिवार से मिलने के लिए मंत्री, विधायकों और नेताओं का सुराणा गांव आने का सिलसिला लगातार जारी है। कांग्रेस नेता सचिन पायलट अपनी ही सरकार पर हमलावर हैं। वहीं भाजपा भी प्रदेश की गहलोत सरकार को घेर रही है।  



इधर, आज पीड़ित परिवार से मिलने के लिए भीम सेना और भीम आर्मी के राष्ट्रीय अध्यक्ष आज जालोर के सुराणा गांव आने वाले थे। हालांकि यह साफ नहीं था कि भीम सेना और भीम आर्मी के नेताओं सहित अन्य दलित समाज के नेता यहां कब आने वाले थे। ऐसे आज और कल के संभावित दौरे को लेकर प्रशासन पूरी तरह से अलर्ट है। सुराणा के पास पोषणा गांव में प्रशासन ने दो जेसीबी, एंबुलेंस, फायर ब्रिगेड और पुलिस तैनात है। नेताओं के वाहन खड़े करने के लिए यहां पार्किंग की व्यवस्था भी की जा रही है। सुरक्षा के लिए दोनों गांव में छह जिलों के 700 जवान तैनात किए गए हैं।
सचिन पायलट भी परिजनों से मिलने पहुंचे।
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जानें, सचिन पायलट ने क्या कहा था 
पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट बीते मंगलवार को पीड़ित परिवार से मिलने सुराणा पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने कहा था- 'जहां तक इस घटना की बात है, यह कहना नाकाफी है कि बाकी राज्यों में ऐसा होता है। किसी राज्य में दलित, आदिवासी, असहाय के साथ ऐसा होता है तो जीरो टॉलरेंस करना पड़ेगा। हम यह नहीं कह सकते कि बाकी राज्यों में हो रहा है तो यहां पर भी हो रहा है।' सचिन पायलट का यह बयान सीएम गहलोत के उस बयान से जोड़कर देखा जा रहा है, जिसमें सीएम ने कहा था कि दूसरे राज्यों के मुकाबले बहुत अच्छी स्थिति हमारी है। आप देखते होंगे कि यूपी में क्या हो रहा है, मध्यप्रदेश में क्या हो रहा है। पायलट ने कहा कि इस प्रकार की घटनाओं पर हमें हमेशा के लिए अंकुश लगाना होगा, क्योंकि इस तरह की घटनाएं जब होती है तो देश-प्रदेश में दुख की भावना जेहन में आती है। शिक्षक की पिटाई से बच्चे का मर जाना, इससे बड़ा क्या दुख होगा।
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पांच मंत्री, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा सहित 14 विधायक मृतक के परिजनों से मिले।
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अब तक इन नेताओं ने की मुलाकात 
इससे पहले मंगलवार को गहलोत सरकार के पांच मंत्री, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा सहित 14 विधायकों ने सुराणा गांव पहुंचकर मृतक छात्र के परिजनों से मुलाकात की थी। जैसलमेर से विधायक रूपाराम मेघवाल, भाजपा सांसद डॉ. किरोड़ी लाल मीणा की पत्नी गोलमा देवी, मंत्री भजनलाल जाटव, प्रभारी मंत्री अर्जुनराम बामणिया, मंत्री गोविंद राम मेघवाल, मंत्री ममता भूपेश सहित अन्य नेताओं ने छात्र के घर पहुंचे थे। सांसद डॉ. मीणा की पत्नी गोलमा ने मृतक छात्र के परिवार को 1 लाख रुपये की सहायता राशि भी दी थी।  
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा
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20 लाख की आर्थिक सहायता की घोषणा
छात्र की मौत के बाद सीएम अशोक गहलोत ने परिवार को पांच लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने का ऐलान किया था। इसके परिवार से मिलने जालोर पहुंचे कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने मुलाकात के बाद परिवार को 20 लाख रुपये देने की घोषणा की थी। उन्होंने कहा था कि यह राशि परिवार को प्रदेश कांग्रेस कमेटी की ओर दी जाएगी। इस दौरान डोटासरा ने यह भी कहा था कि एसटी-एससी का कानून के तहत परिवार परिवार को सवा 8 लाख रुपए मिलेंगे। इसकी पहले किस्त जारी कर दी गई है, जल्द ही दूसरी किस्त के रुपये भी दे दिए जाएंगे।  
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छात्र का अहमदाबाद में चल रहा था इलाज।
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क्या है मामला
जालोर के सायला थाना क्षेत्र के सुराणा गांव के नौ साल के इंद्र मेघवाल की शिक्षक की कथित पिटाई से मौत हो गई। इंद्र सरस्वती विद्या मंदिर स्कूल में तीसरी कक्षा में पढ़ता था। आरोप है कि 20 जुलाई को बच्चे ने स्कूल में रखे एक मटके से पानी पी लिया था। इसी बात पर शिक्षक छैल सिंह ने उसकी पिटाई कर दी। मासूम को गंभीर हालत में उदयुपर और अहमदाबाद में ले जाया गया। 24 दिन चले इलाज के बाद भी उसकी जान नहीं बचाई जा सकी। शनिवार शाम को बच्चे की मौत के बाद पुलिस ने आरोपी शिक्षक को हिरासत में लिया और फिर गिरफ्तार कर लिया।

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