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Tonk: जेल भेजने की धमकी देकर पटवारी ने मांगी रिश्वत, 13 साल बाद कोर्ट ने 1 साल की सजा और जुर्माने की सजा सुनाई
Fri, 21 Aug 2026 10:24 PM IST
प्रिया वर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, टोंक
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, टोंक
Published by: प्रिया वर्मा
Updated Fri, 21 Aug 2026 10:24 PM IST
सार
करीब 13 साल पुराने रिश्वत मामले में अदालत का फैसला आया है। रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़े गए तत्कालीन हल्का पटवारी लड्डूलाल धाकड़ को एसीबी कोर्ट ने दोषी ठहराते हुए एक साल की सजा और 25 हजार रुपए जुर्माने का आदेश दिया है।
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विशिष्ट न्यायालय, टोंक
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
टोंक की एसीबी कोर्ट ने करीब 13 साल पुराने रिश्वत के मामले में तत्कालीन हल्का पटवारी लड्डूलाल धाकड़ को दोषी ठहराया है। अदालत ने दोषी पटवारी को एक साल के साधारण कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही अदालत ने आरोपी पर 25 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
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मामला वर्ष 2013 का है। 4 जनवरी 2013 को समरावता के निवासी परिवादी मौजीराम गुर्जर ने एसीबी टोंक में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया था कि वह अनपढ़ है और उसने कई साल से गांव की चरागाह भूमि पर अतिक्रमण कर रखा है। उसके पास इस अतिक्रमण की पेनल्टी की रसीदें भी थीं। परिवादी के अनुसार कचरावता का हल्का पटवारी लड्डूलाल धाकड़ इस मामले में उसे जेल भिजवाने की धमकी दे रहा था और बदले में पांच हजार रुपये की रिश्वत मांग रहा था।
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शिकायत का सत्यापन करने के बाद एसीबी टोंक ने 4 जनवरी, 2013 को ही एक विशेष ट्रैप कार्रवाई का आयोजन किया। इस कार्रवाई के दौरान पटवारी लड्डूलाल धाकड़ को पांच हजार रुपये की रिश्वत राशि लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया गया।
मामले में पूरी जांच समाप्त होने के बाद एसीबी ने 3 दिसंबर, 2014 को कोर्ट में आरोप पत्र पेश कर दिया था। अब करीब 13 साल बाद अदालत ने पटवारी लड्डूलाल धाकड़ को एक साल के साधारण कारावास और 25 हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई है।