राजस्थान का पश्चिमी हिस्सा इन दिनों सूर्य की तपिश से झुलस रहा है। जैसलमेर, बाड़मेर और बालोतरा जैसे रेगिस्तानी शहरों में अप्रैल की भीषण गर्मी ने पुराने सारे रिकॉर्ड ध्वस्त कर दिए हैं। बुधवार को जैसलमेर का तापमान 46.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो अप्रैल महीने में पिछले 55 वर्षों का सबसे अधिक तापमान है। इसके साथ ही बाड़मेर 45.8 डिग्री और बालोतरा 45.5 डिग्री सेल्सियस के साथ तपते शहरों की सूची में शामिल रहे।
Rajasthan Weather: झुलसाती गर्मी से 55 साल का रिकॉर्ड टूटा, देश में सबसे गर्म शहर जैसलमेर; ये जिले भी प्रभावित
Rajasthan Weather: राजस्थान के जैसलमेर, बाड़मेर और बालोतरा जैसे रेगिस्तानी शहरों में अप्रैल की भीषण गर्मी ने पुराने सारे रिकॉर्ड ध्वस्त कर दिए हैं। बुधवार को जैसलमेर का तापमान 46.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो अप्रैल महीने में पिछले 55 वर्षों का सबसे अधिक तापमान है। पढ़ें पूरी खबर...।
गर्म हवाओं ने बाजारों और सड़कों को किया वीरान
इन इलाकों में गर्मी की भयावहता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि दिन के समय शहर की सड़कों पर सन्नाटा छाया रहा। बाजार, चौराहे और पर्यटक स्थल जो सामान्यतः चहल-पहल से भरे रहते हैं, अब सूने दिखाई दे रहे हैं। लगातार तीसरे दिन तेज गर्म हवाओं ने लोगों को घरों में कैद रहने पर मजबूर कर दिया है। आमजन ठंडी चीजों और तरल पदार्थों का सहारा लेकर खुद को बचाने की कोशिश में लगे हैं।
यह भी पढ़ें- Rajasthan: 88 साल के 'पानी बाबा' की जल तपस्या, 29 साल से बुझा रहे राहगीरों की प्यास; जानें यह मार्मिक कहानी
स्वास्थ्य विभाग का अलर्ट, अस्पतालों में बढ़े लू के मरीज
गर्मी के बढ़ते कहर को देखते हुए राज्य सरकार और स्वास्थ्य विभाग ने जैसलमेर और बाड़मेर में रेड अलर्ट और बालोतरा में ऑरेंज अलर्ट घोषित किया है। अस्पतालों में लू से प्रभावित मरीजों की संख्या में उल्लेखनीय इजाफा हुआ है। डॉक्टरों की टीम लगातार निगरानी में है और लोगों को दिन के समय धूप से बचने, शरीर को हाइड्रेट रखने तथा हल्के कपड़े पहनने की सलाह दी जा रही है।
स्कूलों में छुट्टियों और किसानों के काम पर रोक की तैयारी
बढ़ती गर्मी को देखते हुए जिला प्रशासन स्कूलों में ग्रीष्मकालीन अवकाश की घोषणा पर विचार कर रहा है। वहीं, खेतों में काम करने वाले किसान भी सुबह के समय या शाम को खेतों में जाना उचित समझ रहे हैं। दोपहर में खेतों में सन्नाटा पसरा रहता है। पशुपालकों की चिंता भी बढ़ गई है, क्योंकि मवेशियों की पानी और चारे की जरूरत कई गुना बढ़ गई है।
राहत सीमित, चेतावनी बरकरार
मौसम विभाग ने बताया है कि एक और दो मई को पश्चिमी विक्षोभ के असर से कुछ राहत मिल सकती है। इस दौरान जैसलमेर, बाड़मेर और बालोतरा में धूलभरी आंधी, गरज-चमक और हल्की बूंदाबांदी की संभावना है। इससे तापमान में दो से चार डिग्री सेल्सियस की गिरावट आ सकती है, लेकिन तीन मई को फिर से गरज-चमक और तेज आंधी का अनुमान है। इसके लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।
यह भी पढ़ें- Bikaner News: आखातीज पर पतंगबाजी बनी जानलेवा, चाइनीज मांझे से 20 से ज्यादा लोग घायल, सात की हालत गंभीर