जयपुर पहुंचे राजनाथ सिंह भवानी निकेतन परिसर में आयोजित सैनिक स्कूल के उद्घाटन समारोह में भाग ले रहे हैं। इस कार्यक्रम में रक्षा मंत्री मुख्य अतिथि हैं। उनके साथ मंच पर सांसद मंजू शर्मा, कैबिनेट मंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौड़, शिक्षा मंत्री मदन दिलावर और अन्य भाजपा नेता उपस्थित हैं। समारोह में सेना के कई उच्च अधिकारी भी मौजूद रहे।
राजनाथ सिंह ने कहा, "आपके बीच आना मुझे बेहद अच्छा लगा, क्योंकि मैं खुद भी एक शिक्षक रह चुका हूं।" उनके इस वक्तव्य ने कार्यक्रम में उपस्थित जनसमूह को खासा प्रभावित किया। राजस्थान सरकार के कैबिनेट मंत्री कर्नल राज्यवर्धन राठौड़ ने रक्षा मंत्री का स्वागत करते हुए उनका अभिनंदन किया और सैनिक स्कूल के उद्घाटन को राज्य के लिए गौरव का क्षण बताया।
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राजनाथ सिंह का स्वागत करती डिप्टी सीएम
- फोटो : अमर उजाला
राजनाथ सिंह ने कहा, "देश में जितने भी सैनिक स्कूल हैं, वे एक विशेष तरीके से संचालित हो रहे हैं। अब जिन 100 नए सैनिक स्कूलों की स्थापना की जा रही है, वे केंद्र और राजस्थान सरकार द्वारा नहीं, बल्कि PPP मॉडल पर संचालित किए जाएंगे।" उन्होंने यह भी कहा कि यह मॉडल शिक्षा में प्राइवेट और पब्लिक सेक्टर की ताकतों को एक साथ मिलकर काम करने का अवसर देगा। उन्होंने देश की अर्थव्यवस्था की स्थिति पर भी बात करते हुए कहा, "आज देश की आर्थिक गाड़ी की स्टेरिंग सीट पर प्राइवेट सेक्टर बैठा हुआ है।" उनका मानना है कि PPP अवधारणा के तहत शिक्षा का विकास करना दोनों क्षेत्रों की संयुक्त शक्ति से ही संभव है।
राजस्थान की भूमिका पर जोर
राजनाथ सिंह ने राजस्थान के युवाओं में देशभक्ति की भावना की प्रशंसा करते हुए कहा कि "राजस्थान के युवाओं में देशसेवा और देशभक्ति की जो प्रेरणा है, उन्हें यह सैनिक स्कूल एक मार्गदर्शन प्रदान करेगा।" उन्होंने यह भी कहा कि सैनिक स्कूल से भले ही छात्र निकल जाएं, लेकिन सैनिक स्कूल उनके मन से कभी नहीं निकलने वाला है। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि सैनिक स्कूल के छात्रों को मार्गदर्शन देने के लिए पुराने टैंक और एयरक्राफ्ट देने की योजना है, जिसके लिए शिक्षा समिति को आवेदन करने के निर्देश दिए गए हैं।
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राजनाथ सिंह
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सिर्फ सैन्य और शिक्षा मुद्दों तक सीमित न रहते हुए राजनाथ सिंह ने अध्यात्म पर भी अपने विचार व्यक्त किए। उन्होंने कहा, "मंदिर में जाकर पूजा करना और मस्जिद में जाकर इबादत करना अध्यात्म नहीं है। मन को जितना बड़ा करोगे, उतनी ही जीवन की कष्ट और समस्याएं समाप्त होंगी और परमानंद की प्राप्ति होगी।"
साहित्यिक दृष्टिकोण
अपने संबोधन के दौरान राजनाथ सिंह ने महान कवि रामधारी सिंह दिनकर की कविता की पंक्तियों का भी उल्लेख किया: “सुधा का नेता कौन हुआ, भूखंड विजेता कौन हुआ।” उनका यह उद्धरण सैनिक स्कूल के छात्रों के लिए प्रेरणा के रूप में प्रस्तुत किया गया।
निष्कर्ष
राजनाथ सिंह ने अपने संबोधन में जयपुर की सांस्कृतिक धरोहर, राजस्थान के युवाओं की देशभक्ति, और शिक्षा में PPP मॉडल के महत्व पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने युवाओं को प्रेरित करते हुए कहा कि सैनिक स्कूल से निकले छात्र देश के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे और देशभक्ति की भावना को अपने साथ हमेशा संजोए रखेंगे।