टोंक जिले के मालपुरा के डिग्गी में लक्खी पदयात्रा का ध्वज चढ़ने के साथ ही 57वें लक्खी मेले का समापन हो गया। कल्याण जी मंदिर के शिखर पर केसरिया ध्वज चढ़ाया गया। दो साल बाद लगे मेले में करीब 5 लाख यात्रियों ने श्री कल्याण जी महाराज के दर्शन कर खुशहाली की कामना की।
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जगह-जगह ध्वज का स्वागत किया गया ।
- फोटो : अमर उजाला
दरअसल, रविवार को ग्राम डिग्गी में विश्व प्रसिद्ध श्री कल्याण जी महाराज के पांच दिवसीय लक्खी पदयात्रा मेले का समापन केसरिया ध्वज चढ़ाने के बाद किया गया। जयपुर से आने वाली विशाल पदयात्रा रविवार को श्री कल्याण जी डिग्गी में पहुंची। इसके बाद शाम 5 बजे धर्मशाला से विशाल शोभायात्रा बैंड बाजे के साथ निकाली गई। जिसमें राष्ट्रीय कथावाचक वैभवी श्रीजी, प्रदेशाध्यक्ष भारत-तिब्बत संवाद मंच भारती वैष्णव, प्रदेश प्रभारी संजय शर्मा, ठाकुर रामप्रताप सिंह, एडवोकेट नवीन टाक, एडीएम प्रभातीलाल जाट, पदयात्रा संचालक श्रीजी शर्मा लोहे वाले, चंपालाल जैन उपस्थित रहे।
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करीब पांच लाख लोग मेले में पहुंचे।
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इस दौरान शोभायात्रा में मौजूद लोगों और ध्वज का जगह-जगह पुष्प वर्षा कर स्वागत किया गया। मेला प्रशासक एडीएम प्रभाती लाल जाट, तहसीलदार जीआर बैरवा, डिग्गी सरपंच हलीमा बानो, प्रतिनिधि हकीम भाई, ग्राम विकास अधिकारी सुरेश चौधरी ने भी केसरिया ध्वज का स्वागत किया। केसरिया ध्वज का जुलूस डिग्गी कल्याण जी मंदिर पहुंचे के बाद मंत्रोच्चारण के साथ उसे चढ़ाया गया। इस दौरन श्री कल्याण जी महाराज की विशेष झांकी भी सजाई गई थी।
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भंडारे का किया गया आयोजन।
- फोटो : अमर उजाला
इस पांच दिवसीय मेले के दौरान करीब 5 लाख पद यात्रियों ने श्री कल्याण जी महारज के दर्शन कर खुशहाली की कामना की है। साथ ही भक्तों ने विजय सागर तालाब में डुबकी लगाकर मनोकामना मांगीं। यात्रियों ने श्री श्याम मित्र भंडारे में प्रसाद भी ग्रहण किया। डिग्गी कल्याण जी मंदिर के ट्रस्टी गिरिराज शर्मा ने बताया की जयपुर की लक्खी पदयात्रा द्वारा लाए गए गंगाजल से सोमवार को मंगला आरती के समय सुबह 4 बजे कल्याण जी महाराज का अभिषेक कराया जाएगा।