विहिप नेता अरुण माहौर की हत्या का मामला अभी गर्म ही रहेगा। साध्वी प्राची को विहिप नेता अरुण माहौर की शोकसभा में जाने से रोकने के लिए दरोगा से लेकर सीओ तक लगाए गए। अरुण के घर के सामने 50 पुलिस वाले तैनात किए गए। महिला पुलिस भी लगाई गई। लेकिन तमाम इंतजाम धरे रह गए।
बाइक पर बैठ 50 पुलिसवालों को चकमा देकर निकल गई साध्वी
साध्वी पुलिस अफसरों को चकमा देकर उनकी आंखों के सामने से ही निकल गईं। पुलिस को पता भी न चला और वे शोकसभा में पहुंच गईं। साध्वी ने आवास विकास सेक्टर तीन स्थित अरुण माहौर के घर पहुंचते ही एलान कर दिया था कि वे शोकसभा में जरूर जाएंगी।
बाइक पर बैठ 50 पुलिसवालों को चकमा देकर निकल गई साध्वी
इसका पता चलते ही पुलिस ने उनके चारों ओर घेरा बना लिया। लेकिन साध्वी ने ऐसी योजना बनाई कि अफसरों के इंतजाम किसी काम नहीं आए। वे अरुण के घर में गईं। वहां अरुण की बहन के कपड़े सलवार सूट पहने। उनका एक समर्थक घर के बाहर बाइक लेकर खड़ा हो गया।
बाइक पर बैठ 50 पुलिसवालों को चकमा देकर निकल गई साध्वी
सामने ही पुलिस अफसर खड़े थे। साध्वी आईं और बाइक पर बैठकर चल दीं। दो सिपाहियों को कुछ शक हुआ, लेकिन साध्वी के समर्थक ने कह दिया, ये तो अरुण की बहन हैं, साध्वी तो अंदर हैं। पुलिस बेफिक्र रही और साध्वी वहां से आराम से निकल गईं।
बाइक पर बैठ 50 पुलिसवालों को चकमा देकर निकल गई साध्वी
बाद में अफसरों को पता चला तो वे दौड़े दौड़े जयपुर हाउस स्थित रामलीला पार्क पहुंचे। वहीं पर अरुण माहौर की शोकसभा थी। अफसर फिर से चौंक गए। क्योंकि साध्वी वहां भी नहीं थीं। लेकिन थोड़ी देर में ही पता चला कि वे पास में ही स्थित भाजपा कार्यालय में पहुंच गई हैं। वहां से भगवा वस्त्र पहनकर शोकसभा में पहुंच गईं।