राजधानी दिल्ली में रानी झांसी रोड स्थित अनाज मंडी इलाके की एक बिल्डिंग में लगी आग ने कई जिंदगियां लील गईं। आग ने 43 लोगों की जान ले ली, जबकि कई लोग घायल हो गए। यह हादसा इतना भयावह था कि वहां मौजूद लोगों की चीखें निकल गईं। लेकिन इनमें कई बहादुर फायरमैन और जवान थे जिन्होंने अपनी जान की परवाह किए बगैर लोगों की जिंदगियां बचाईं। आइए जानते हैं उन हीरो के बारे में...
मौत बनकर धधक रही लपटों को चीर कर इन बहादुरों ने बचाईं कई जिंदगियां, घायल होकर भी नहीं हारी हिम्मत
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'हीरो हैं राजेश शुक्ला'
जान की परवाह किए बगैर लोगों की जान बचाने वालों में से एक हीरो राजेश शुक्ला हैं। शुक्ला फायर स्पॉट में प्रवेश करने वाले पहले फायरमैन थे जिन्होंने बिल्डिंग में फंसे 11 लोगों की जान बचाई। लोग उनके साहस की तारीफ करते नहीं थक रहे हैं। स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन ने भी अपने ट्विटर हैंडल से फायरमैन राजेश शुक्ला की तस्वीर पोस्ट करते हुए लिखा है कि फायरमैन राजेश शुक्ला एक रियल हीरो हैं।
हार नहीं मानी
सिर्फ राजेश शुक्ला ही नहीं उस जगह पर दो पुलिसकर्मी भी मौजूद थे। इन पुलिसकर्मियों ने लोगों की जान बचाई और घायलों को अस्पताल पहुंचाया। हालांकि वे जान बचाते घायल हो गए लेकिन हार नहीं मानी।
स्थानियों ने भी की मदद
आग की लपटे देख सिर्फ फायरमैन और पुलिसकर्मी ही नहीं, बल्कि वहां मौजूद आसपास के लोगों ने भी सहायता की। कुछ प्रत्यक्षदर्शियों ने कहा कि ये आंकड़ा और भी अधिक हो सकता था अगर स्थानीय लोगों ने मदद नहीं की होती।
मुआवजा का एलान
बता दें कि मरने वालों में से अधिकतर लोग फैक्टरी में मजदूरी करते थे और यूपी-बिहार के रहने वाले थे। पीएम राहत कोष, दिल्ली सरकार और दिल्ली भाजपा ने मृतकों के परिजनों और घायलों के लिए मुआवजा राशि का एलान किया है।