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जानिए उन 2 वकीलों के बारे में जिनकी दलीलों ने कराया तलवार दंपति को बरी
Team Digital
Updated Fri, 13 Oct 2017 01:07 PM IST
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तलवार दंपति के वकील
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नोएडा के बहुचर्चित आरुषि तलवार हत्याकांड में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने आरुषि के माता-पिता राजेश-नूपुर तलवार को बरी कर दिया। तलवार दंपति का केस लड़ा इलाहाबाद हाईकोर्ट के तेज तर्रार फौजदारी वकील दिलीप कुमार और नोएडा के तनवीर अहमद ने।
हाईकोर्ट वकील दिलीप कुमार
कौन हैं दिलीप कुमार
दिलीप कुमार जस्टिस स्व. प्रेम शंकर गुप्त के पुत्र हैं। वह इलाहाबाद हाईकोर्ट में फौजदारी के नामी वकीलों में शुमार हैं। उनके पिता जस्टिस गुप्ता सबसे अधिक हिंदी में फैसले देने वाले जजों में शामिल हैं। दिलीप कुमार के बड़े भाई अशोक कुमार भी इलाहाबाद हाईकोर्ट में न्यायमूर्ति हैं।
दिलीप कुमार जस्टिस स्व. प्रेम शंकर गुप्त के पुत्र हैं। वह इलाहाबाद हाईकोर्ट में फौजदारी के नामी वकीलों में शुमार हैं। उनके पिता जस्टिस गुप्ता सबसे अधिक हिंदी में फैसले देने वाले जजों में शामिल हैं। दिलीप कुमार के बड़े भाई अशोक कुमार भी इलाहाबाद हाईकोर्ट में न्यायमूर्ति हैं।
तलवार दंपति के वकील तनवीर अहमद
कौन हैं तनवीर अहमद
सीबीआई अदालत से हाईकोर्ट तक तलवार दंपति का मुकदमा लड़ने वाले अधिवक्ता तनवीर अहमद मीर की गिनती भी देश के बड़े वकीलों में की जाती है। नोएडा के रहने वाले तनवीर अहमद वहीं से मुकदमा लड़ने इलाहाबाद हाईकोर्ट आते थे। टीवी चैनलों की डिबेट में भी तनवीर अपने क्लाइंट तलवार दंपति के पक्ष में बात रखने पहुंचते थे।
सीबीआई अदालत से हाईकोर्ट तक तलवार दंपति का मुकदमा लड़ने वाले अधिवक्ता तनवीर अहमद मीर की गिनती भी देश के बड़े वकीलों में की जाती है। नोएडा के रहने वाले तनवीर अहमद वहीं से मुकदमा लड़ने इलाहाबाद हाईकोर्ट आते थे। टीवी चैनलों की डिबेट में भी तनवीर अपने क्लाइंट तलवार दंपति के पक्ष में बात रखने पहुंचते थे।
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मीडिया को बताया क्या हुआ अंदर
हाईकोर्ट का तलवार दंपति को बरी करने के फैसले के साथ ही मीडिया से बात करते हुए तनवीर अहमद और दिलीप कुमार ने कहा था कि हम साबित करने में कामयाब रहे कि इस केस में तीसरे व्यक्ति की मौजूदगी की गुंजाइश है तथा कोर्ट ने भी सीबीआई की इस दलील को पूरी तरह से नकार दिया कि फ्लैट में कोई बाहरी नहीं आया तो हत्या तलवार दंपति ने ही की है। तनवीर कहते हैं तो यदि सीबीआई इस केस को सुप्रीमकोर्ट में चुनौती देती है तो वह वहां भी तलवार दंपति का बचाव करने के लिए तैयार हैं।
हाईकोर्ट का तलवार दंपति को बरी करने के फैसले के साथ ही मीडिया से बात करते हुए तनवीर अहमद और दिलीप कुमार ने कहा था कि हम साबित करने में कामयाब रहे कि इस केस में तीसरे व्यक्ति की मौजूदगी की गुंजाइश है तथा कोर्ट ने भी सीबीआई की इस दलील को पूरी तरह से नकार दिया कि फ्लैट में कोई बाहरी नहीं आया तो हत्या तलवार दंपति ने ही की है। तनवीर कहते हैं तो यदि सीबीआई इस केस को सुप्रीमकोर्ट में चुनौती देती है तो वह वहां भी तलवार दंपति का बचाव करने के लिए तैयार हैं।
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- फोटो : अमर उजाला
फैसला सुनते ही छाई चेहरे पर खुशी
कोर्ट का फैसला सुनते ही अदालत में मौजूद तलवार दंपति के वकीलों और उनके परिचितों के चेहरे पर खुशी छा गई थी। दर्शक दीर्घा में बैठे में आरुषि केस पर किताब लिखने वाले औरिक सेन और राजेश तलवार के दोस्त सत्येंद्र रेखी के चेहरे भी खुशी से चमक उठे। एक-दूसरे से हाथ मिलाते हुए बधाईयां दी जानी लगीं।
कोर्ट का फैसला सुनते ही अदालत में मौजूद तलवार दंपति के वकीलों और उनके परिचितों के चेहरे पर खुशी छा गई थी। दर्शक दीर्घा में बैठे में आरुषि केस पर किताब लिखने वाले औरिक सेन और राजेश तलवार के दोस्त सत्येंद्र रेखी के चेहरे भी खुशी से चमक उठे। एक-दूसरे से हाथ मिलाते हुए बधाईयां दी जानी लगीं।