{"_id":"5a3fb93d4f1c1ba7668bbe6b","slug":"hermitage-women-says-virendra-dev-dixit-is-innocent","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"आश्रम की महिला अनुयायियों का चौंकाने वाला खुलासा, पुलिस को बताई ये बड़ी बातें","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
आश्रम की महिला अनुयायियों का चौंकाने वाला खुलासा, पुलिस को बताई ये बड़ी बातें
Sun, 24 Dec 2017 09:28 PM IST
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, दिल्ली
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, दिल्ली
Updated Sun, 24 Dec 2017 09:28 PM IST
विज्ञापन
1 of 5
अाश्रम में महिलायें
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
Link Copied
'अय्याश' बाबा के आश्रम की महिला अनुयायियों ने चौंकाने वाला खुलासा किया है। उन्होंने बाबा को निर्दोष बताया है। महिलाओं ने बताया कि बाबा को फंसाने की साजिश रची जा रही है। रोहिणी में आश्रम में रहने वाली महिलाओं ने सभी आरोपों को गलत बताया है।
आश्रम की महिला अनुयायियों का कहना है कि आश्रम में कोई गलत काम नहीं होता। हालिया कार्रवाई आश्रम के संचालक बाबा वीरेंद्र देव दीक्षित को बदनाम करने की साजिश है। महिलाओं ने बताया कि संचालक पर 1998 में भी लांछन लगाया गया था, लेकिन वह जेल से छूटकर आ गए।
3 of 5
बाबा वीरेंद्र देव दीक्षित का आध्यात्मिक विश्वविद्यालय
- फोटो : अमर उजाला
महिला अनुयायियों का कहना है कि वह करीब 15 साल से आश्रम से जुड़ी हैं। उनसे आश्रम ने कभी भी एक रुपये का दान नहीं मांगा। उनके मुताबिक, आश्रम में रहने वाली लड़कियों को बाहर की दुनिया से बचाने के लिए बाबा ने घर की घेराबंदी कराई है। यहां सभी के लिए एक सामान खाना बनता है। सभी फर्श पर सोते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
4 of 5
अाश्रम में महिलायें
यही तपस्वी जीवन है। हालांकि वे इस बात पर चुप्पी साध जाती हैं कि आश्रम को पिंजरे के रूप में क्यों बनाया गया है। आम लोगों को आश्रम में जाने की इजाजत क्यों नहीं है। उधर, स्थानीय लोगों का कहना है कि आश्रम में लड़कियों का शोषण होता है। सब कुछ ठीक है तो फिर आश्रम को जेलनुमा क्यों बनाया गया है।
विज्ञापन
5 of 5
baba virendra dev dixit
- फोटो : अमर उजाला
स्थानीय लोगों का कहना है कि वीरेंद्र देव दीक्षित का आश्रम कई बार चर्चा में आया, लेकिन स्थानीय प्रशासन और पुलिस हकीकत का खुलासा नहीं कर सकी। वीरेंद्र देव दीक्षित का सिकत्तर बाग और कंपिल में स्थित आश्रम किले के समान है। बाहर के लोगों को आश्रम में जाने की अनुमति क्यों नहीं है।
एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें
Next Article
Disclaimer
हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर और व्यक्तिगत अनुभव प्रदान कर सकें और लक्षित विज्ञापन पेश कर सकें। अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।