मध्य प्रदेश के इंदौर में बेटे की हत्या का बदला हत्यारों से लेने के मामले में एक पिता को दोषी पाया गया है। बेटे की हत्या का बदला लेने वाले पिता का नाम अशोक मिश्रा है। अशोक पेशे से डॉक्टर हैं। मई में अशोक के बेटे का अपहरण कर लिया गया था और फिरौती नहीं देने के कारण उसका कत्ल कर दिया गया।
बेटे की हत्या के बाद अशोक ने बेटे के कातिलों से बदला लेने की ठानी। इस सनसनीखेज मर्डर की कहानी से किसी के भी रोंगटे खड़े हो जाएंगे। आइए बताते हैं क्या हुआ था मई 2016 को...
पिता ने लिया बेटे की हत्या का बदला, हैरान कर देगी सनसनीखेज मर्डर की कहानी
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मेडिकल स्टोर जहां पकंज की हत्या की गई
दरअसल, डॉक्टर अशोक मिश्रा के बेटे कार्तिक को दिसंबर 2015 में अगवा कर लिया गया था। किडनैपरों की फिरौती की मांग को अशोक ने पूरा नहीं किया इससे बौखलाए किडनैपरों ने कार्तिक का कत्ल कर दिया और फरार हो गए। अशोक को बेटे की लाश नदी में मिली।
उसकी लाश मिलने के बाद मां-बाप बुरी तरह टूट गए। अशोक के गांव के एक आदमी ने भी इस मामले में उनका साथ नहीं दिया। अशोक ने बेटे के अंतिम संस्कार में गांव के किसी शख्स को नहीं आने दिया और अकेले ही पूरा क्रिया-क्रम किया। मां-बाप अपने बच्चे के शव को गाड़ी में लेकर शमशान घाट पहुंचे और वहीं अकेले दाह संस्कार किया।
पिता ने लिया बेटे की हत्या का बदला, हैरान कर देगी सनसनीखेज मर्डर की कहानी
हालांकि इस मामले में तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया था, लेकिन अशोक को अपने घर के सामने रहने वाले डॉक्टर कैलाश कोठारी पर शक था। कोठारी को भी इस मामले में गिरफ्तार किया गया था, लेकिन वह छूट गया। न्याय न मिलने पर अशोक पर बदला लेने की सनक इस कदर सवार हो गई कि उसने कोठारी के बेटे की हत्या करने का प्लान बनाया।
पिता ने लिया बेटे की हत्या का बदला, हैरान कर देगी सनसनीखेज मर्डर की कहानी
15 मई 2016 के दिन अशोक ने कोठारी के बेटे पंकज को गोलियों से भूनकर मौत के घाट उतार दिया। चश्मदीद कोठारी ने बताया कि उस समय वह मरीजों का इलाज कर रहा था और उसका बेटा अपने मेडिकल स्टोर के बाहर बैठा हुआ था। तभी बाइक से अशोक वहां पहुंचे। अशोक के पास गोलियों से भरी बंदूक थी और जेब में भी गोलियां रखी हुई थीं। अशोक ने पंकज पर अंधाधुंध गोलियां चलाईं।
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बेटे की हत्या का बदला लेने वाले अशोक मिश्रा
गोलियों की आवाज सुनकर कोठारी बाहर आया तो उसने अपने बेटे को स्टोर में खून से लथपथ पाया। कोठारी ने बताया कि अशोक ने हेलमेट पहना हुआ था और उसने बंदूक काठोरी पर भी तान दी। वहां मौजूद शख्स की मदद से कोठारी किसी तरह अशोक पर काबू कर पाया।