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Sawan 2023: इस शहर में है मंगल ग्रह का मंदिर, मंगलदोष निवारण के लिए विशेष पूजा कराने देशभर से आते हैं लोग

Tue, 18 Jul 2023 04:22 PM IST
अंकिता विश्वकर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उज्जैन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उज्जैन Published by: अंकिता विश्वकर्मा Updated Tue, 18 Jul 2023 04:22 PM IST
सार

Sawan 2023: इस शहर में है मंगल ग्रह का मंदिर, मंगलदोष निवारण के लिए विशेष पूजा कराने देशभर से आते हैं लोग

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Ujjain Mangalnath Temple: people come to perform special worship for the prevention of Mangaldosh
मंगलनाथ की मंगलदोष के लिए होती है विशेष पूजा - फोटो : अमर उजाला
धार्मिक नगरी उज्जैन में शिप्रा नदी के किनारे भगवान मंगलनाथ का अति प्राचीन मंदिर है। जिनके बारे में ऐसी मान्यता है कि मंगल ग्रह की उत्पत्ति इसी मंदिर से हुई है। इसीलिए जो भी भक्त जिनकी कुंडली में मंगल दोष होता है यदि वे अपने अनिष्ट ग्रहों की शांति के लिए मंगलनाथ मंदिर में पूजन-पाठ करवाने आते हैं। तो उनके सर्वसंकट दूर हो जाते हैं। मंदिर के पुजारी पंडित दीप्तेश गुरु ने जानकारी देते हुए बताया कि यह मंदिर अत्यंत दिव्य और चमत्कारी है, जो कि कर्क रेखा पर स्थित होने के साथ ही देश के नाभि स्थल पर है। मंदिर में भगवान मंगलनाथ शिव की प्रतिमा के रूप में लिंग स्वरूप में विराजमान हैं।
Ujjain Mangalnath Temple: people come to perform special worship for the prevention of Mangaldosh
भगवान शिव और पृथ्वी के पुत्र भगवान मंगल देव हैं, - फोटो : अमर उजाला
पुजारी पंडित दीप्तेश गुरु ने बताया कि भगवान शिव और पृथ्वी के पुत्र भगवान मंगल देव हैं, जिनका यदि पूर्ण विधि-विधान से पूजन किया जाता है तो वह कुंडली के सभी अनिष्ट ग्रहों के प्रभाव को समाप्त कर देते है। भगवान मंगल को शीतलता प्रदान करने के लिए मंदिर में भात पूजन भी किया जाता है। जिससे कि भगवान मंगलनाथ प्रसन्न होकर सभी भक्तों को अपना आशीष प्रदान करते हैं। 
Ujjain Mangalnath Temple: people come to perform special worship for the prevention of Mangaldosh
मंदिर में भात पूजन किया जाता है - फोटो : अमर उजाला
ऐसा माना जाता है कि भगवान मंगल मेष और वृश्चिक राशि के स्वामी हैं। इसीलिए जिस भी जातक की पत्रिका में मंगल ग्रह से संबंधित कोई दोष होता है। वह विश्व के एकमात्र मंगल ग्रह की उत्पत्ति वाले इस मंदिर पर पहुंचकर भगवान मंगलनाथ का पूजन अर्चन करते हैं और उनसे कामना करते हैं कि वे अपने प्रकोप को शांत कर अपना आशीष बनाए रखें।
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