फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

उज्जैन: दहकते अंगारों पर चली आस्था, मन्नत पूरी होने पर नंगे पैर आग पर चले लोग, बरसों से जारी है परंपरा

Sat, 19 Mar 2022 06:01 PM IST
चंद्रप्रकाश शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उज्जैन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उज्जैन Published by: चंद्रप्रकाश शर्मा Updated Sat, 19 Mar 2022 06:01 PM IST
सार

मध्यप्रदेश के कई गांवों में होली पर चूल चलने की परंपरा है। इसी के तहत उज्जैन जिले के उन्हेल क्षेत्र के कई गांवों में चूल समारोह हुआ। लोग नंगे पैर आग पर चले। दहकते अंगारों पर आस्था भारी रही। अन्य गांवों में भी इस  परंपरा का निर्वाह किया गया। 

विज्ञापन
Ujjain: Faith on burning embers, people walking barefoot on fire after fulfillment of vow, tradition continues for years
उन्हेल क्षेत्र के गांव में नंगे पर इस तरह आग पर चले लोग - फोटो : सोशल मीडिया
आस्था के आगे विज्ञान विफल है। जब-जब बात आस्था की आती है तब-तब लोग परंपराओं का निर्वहन करते हैं और हर क्षेत्र में ये परंपराएं अलग होती हैं। होली पर ऐसी ही परंपरा मध्यप्रदेश के कुछ जिलों में है जहां जलती हुई आग पर नंगे पैर चला जाता है। इसे चूल चलना कहते हैं और कई गांवों में आज भी इस परंपरा का निर्वहन हो रहा है। 
Ujjain: Faith on burning embers, people walking barefoot on fire after fulfillment of vow, tradition continues for years
कम उम्र के बच्चे भी चले आग पर - फोटो : सोशल मीडिया
बात करते हैं उज्जैन जिले की जहां के कई गांवों में चूल चलना (चूल समारोह) की परंपरा जारी है। इस बार भी होली पर इस पंरपरा को निभाया गया। कहा जाता है कि मन्नत पूरी होने पर नंगे पैर जलती हुई आग और अंगारों पर चलते हैं। इसमें बच्चों से लेकर बुजुर्ग और महिलाएं-युवतियां भी रहती हैं। बरसों से जारी परंपरा में अब तक किसी को किसी तरह का न नुकसान हुआ न ही कोई हादसा। दरअसल, उज्जैन के पास स्थित उन्हेल क्षेत्र के गांवों में यह परंपरा निभाई गई। उन्हेल के लालबाई फूलबाई माता मंदिर पर सैकड़ों ग्रामीणों ने अंगारों पर चलकर मन्नत मांगी। वहीं ग्राम देहटा, करनावद, ग्राम गुराडिया सांगा में भोलेनाथ मंदिर पर, आलोट जागीर के मलेश्वर महादेव मंदिर सहित पिपलिया डाबी में भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु अपनी मन्नत पूर्ण होने पर दहकते अंगारों पर निकले।
Ujjain: Faith on burning embers, people walking barefoot on fire after fulfillment of vow, tradition continues for years
छोटे बच्चों को गोद में लेकर चले चूल पर - फोटो : सोशल मीडिया
इसके अलावा भी बड़नगर क्षेत्र के कुछ गांवों में भी लोग चूल चले। ग्रामीणों के मुताबिक चूल समारोह के लिए गांव में मंदिर के पास लंबा गड्ढा  खोदा जाता है। पूजन के बाद उसमें लकड़ी जालते हैं और मंदिर के दीये से अग्नि प्रज्वलित करते हैं। इसमें घी भी डाला जाता है। इसके बाद इस आग से लोग नंगे पैर गुजरते हैं। जिसकी मन्नत पूरी होती है वह चूल पर चलता है। 
विज्ञापन
विज्ञापन
Ujjain: Faith on burning embers, people walking barefoot on fire after fulfillment of vow, tradition continues for years
चूल समारोह में बड़ी संख्या में लोग हुए शामिल - फोटो : सोशल मीडिया

देवास में भी मन्नत पूरी होने पर चले अंगारों पर
इधर उज्जैन से लगे देवास जिले के कुछ गांवों में भी इस परंपरा को निभाया गया। देवास शहर से करीब 12 किमी दूर सियापुरा गांव में इस परंपरा का निर्वाह किया गया। मन्नत पूरी होने पर ग्रामीण कंडे के अंगारों पर चले। मेला भी लगा जिसमें सिन्नी, छोटा मालसापुरा, जनोली, राबड़िया, दुर्गापुरा, डूंगरिया, अमरपुरा, बड़ा मालसापुरा सहित कई गांव से लोग पहुंचे। इसी मेले में चूल का आयोजन किया गया, जिसमें मन्नतधारी अंगारे पर नंगे पैर चले। आयोजकों का कहना था कि अंगारों पर चलने से पहले गल महाराज की पूजा की जाती है। करीब 50 सालों से यह परंपरा चल रही है और मेला लगता आ रहा है। इसी मेले में लोग चूल पर चलते हैं। 
अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed