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Shivmahapuran: रुद्राक्ष महोत्सव के साथ मनाई जाएगी महाशिवरात्रि, 60 क्विंटल साबूदाने की खिचड़ी का होगा वितरण
Thu, 07 Mar 2024 09:36 PM IST
दिनेश शर्मा
अमर उजाला, न्यूज डेस्क, सीहोर
अमर उजाला, न्यूज डेस्क, सीहोर
Published by: दिनेश शर्मा
Updated Thu, 07 Mar 2024 09:36 PM IST
सार
कुबेरेश्वर महादेव मंदिर में गुरुवार से रुद्राक्ष महोत्सव प्रारंभ हो गया। शुक्रवार को महाशिवरात्रि मनाई जाएगी। 60 क्विंटल खिचड़ी भी बांटी जाएगी।
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सीहोर में रुद्राक्ष महोत्सव में लाखों ने उपस्थिति दर्ज कराई
- फोटो : सोशल मीडिया
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जिला मुख्यालय के समीपस्थ चितावलिया हेमा स्थित निर्माणाधीन मुरली मनोहर एवं कुबेरेश्वर महादेव मंदिर में गुरुवार से रुद्राक्ष महोत्सव प्रारंभ हो गया। शुक्रवार को महाशिवरात्रि मनाई जाएगी। 60 क्विंटल खिचड़ी भी बांटी जाएगी। पहले दिन शिव महापुराण के अवसर पर अंतर्राष्ट्रीय कथा वाचक पंडित प्रदीप मिश्रा ने शिव महिमा बताई।
सीहोर में रुद्राक्ष महोत्सव में लाखों ने उपस्थिति दर्ज कराई
- फोटो : सोशल मीडिया
भागवत भूषण पंडित प्रदीप मिश्रा ने कहा कि तुलसी दल, जल, बेलपत्र तीनों चीजें हमारे व्रत, पूजन और साधना का प्रमाण है और हमारे मंत्र, हमारी साधना, तप का प्रमाण है। सृष्टि, पालन, संहार, तिरोभाव, अनुग्रह यह पांचों कार्य महादेव के हैं। प्रथम चार कृत्य संसार का विस्तार करने वाले हैं। पांचवा कर्म अनुग्रह मोक्ष के लिए है। जो भगवान शिव का जाप प्रतिदिन करता है वह शिव कृपा का भागी होता है।
अमेरिका सहित अन्य देशों के श्रद्धालु आए
कथा के दौरान यहां पर अमेरिका से आए आस्थावान श्रद्धालु के बारे में चर्चा करते हुए पंडित मिश्रा ने कहा कि अमेरिका जैसे आधुनिक देश में निवास करने वाले कथा का श्रवण करने आए हैं। इन्होंने बताया कि कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से ग्रस्त थे, कथा के तप और रुद्राक्ष की महिमा से अब रोग से मुक्ति मिली है। यह पंडाल में फूलों की साज-सज्जा की है, यह पहले बाबा की पौथी पर माला चढ़ाने आते थे। कुबेरेश्वरधाम के कारण इनका कल्याण हुआ। इस तरह के अनेक प्रमाण भगवान शिव की भक्ति के लिए प्रेरित करते हैं, आपको शिव की प्राप्ति के लिए भक्ति में संपूर्ण रूप से समर्पित भाव से करना होगा।
अमेरिका सहित अन्य देशों के श्रद्धालु आए
कथा के दौरान यहां पर अमेरिका से आए आस्थावान श्रद्धालु के बारे में चर्चा करते हुए पंडित मिश्रा ने कहा कि अमेरिका जैसे आधुनिक देश में निवास करने वाले कथा का श्रवण करने आए हैं। इन्होंने बताया कि कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से ग्रस्त थे, कथा के तप और रुद्राक्ष की महिमा से अब रोग से मुक्ति मिली है। यह पंडाल में फूलों की साज-सज्जा की है, यह पहले बाबा की पौथी पर माला चढ़ाने आते थे। कुबेरेश्वरधाम के कारण इनका कल्याण हुआ। इस तरह के अनेक प्रमाण भगवान शिव की भक्ति के लिए प्रेरित करते हैं, आपको शिव की प्राप्ति के लिए भक्ति में संपूर्ण रूप से समर्पित भाव से करना होगा।
सीहोर में रुद्राक्ष महोत्सव में लाखों ने उपस्थिति दर्ज कराई
- फोटो : सोशल मीडिया
मनुष्य एक कदम भी भगवान की ओर नहीं बढ़ा सकता
मिश्रा ने कहा कि जब तक भगवान शंकर की कृपा नहीं होती तब तक मनुष्य एक कदम भी भगवान की ओर नहीं बढ़ा सकता। शिवपुराण कथा कहती है जब मनुष्य मां की कोख मे होता है तो रक्त, जल में सना हुआ होता है और जब जन्म लेता है तो संसार के जितने सुख-दुख, धर्म कर्म है उनमें रमा हुआ होता है। अंतिम समय आता है तो वह भगवान का भजन करता है और प्राण छूटने पर भस्म में बदल जाता है। मनुष्य के अंतिम क्षण का समय बड़ा मूल होता है। अंतिम क्षण भक्ति में लगाओ तो शिवत्व अवश्य प्राप्त करोगे। महाशिवरात्रि के अवसर पर 60 क्विंटल साबूदाने की खिचड़ी का वितरण किया जाएगा।
धाम पर मनाई जाएगी महाशिवरात्रि
विठलेश सेवा समिति के मीडिया प्रभारी प्रियांशु दीक्षित ने बताया कि इस बार की महाशिवरात्रि बहुत ही ज्यादा खास मानी जा रही है, क्योंकि इस दिन शुक्र प्रदोष व्रत का संयोग बन रहा है। प्रदोष व्रत के अलावा इस दिन और भी कई दुर्लभ योग बन रहे हैं। भागवत भूषण पंडित श्री मिश्रा के द्वारा सुबह मंदिर परिसर में बने विशाल शिवलिंग की अर्चना की जाएगी, उसके पश्चात दोपहर में एक बजे से कथा, शाम को साढ़े छह बजे कथा और रात्रि में भजन गायक प्रस्तुति देंगे।
मिश्रा ने कहा कि जब तक भगवान शंकर की कृपा नहीं होती तब तक मनुष्य एक कदम भी भगवान की ओर नहीं बढ़ा सकता। शिवपुराण कथा कहती है जब मनुष्य मां की कोख मे होता है तो रक्त, जल में सना हुआ होता है और जब जन्म लेता है तो संसार के जितने सुख-दुख, धर्म कर्म है उनमें रमा हुआ होता है। अंतिम समय आता है तो वह भगवान का भजन करता है और प्राण छूटने पर भस्म में बदल जाता है। मनुष्य के अंतिम क्षण का समय बड़ा मूल होता है। अंतिम क्षण भक्ति में लगाओ तो शिवत्व अवश्य प्राप्त करोगे। महाशिवरात्रि के अवसर पर 60 क्विंटल साबूदाने की खिचड़ी का वितरण किया जाएगा।
धाम पर मनाई जाएगी महाशिवरात्रि
विठलेश सेवा समिति के मीडिया प्रभारी प्रियांशु दीक्षित ने बताया कि इस बार की महाशिवरात्रि बहुत ही ज्यादा खास मानी जा रही है, क्योंकि इस दिन शुक्र प्रदोष व्रत का संयोग बन रहा है। प्रदोष व्रत के अलावा इस दिन और भी कई दुर्लभ योग बन रहे हैं। भागवत भूषण पंडित श्री मिश्रा के द्वारा सुबह मंदिर परिसर में बने विशाल शिवलिंग की अर्चना की जाएगी, उसके पश्चात दोपहर में एक बजे से कथा, शाम को साढ़े छह बजे कथा और रात्रि में भजन गायक प्रस्तुति देंगे।
