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मध्य प्रदेश: रोजगार मेलों के जरिए सिर्फ 3 महीने में प्रदेश के 5 लाख से ज्यादा युवाओं को मिला रोजगार
Wed, 23 Mar 2022 12:30 PM IST
अंकिता विश्वकर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: अंकिता विश्वकर्मा
Updated Wed, 23 Mar 2022 12:30 PM IST
सार
आत्मनिर्भर मध्य प्रदेश बनाने के लिए प्रदेश में युवाओं को रोजगार प्रदान करने के साथ ही स्व-रोजगार के अवसर भी प्रदान किए जा रहे हैं। 12 जनवरी से शुरू हुए रोजगार मेलों के जरिए प्रदेश के 5 लाख 2 हजार 685 युवाओं को रोजगार मिल चुका है।
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रोजगार मेलों के जरिए प्रदेश के 5 लाख से ज्यादा युवाओं को मिला रोजगार।
- फोटो : सोशल मीडिया
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राज्य की प्रगति और विकास के लिए युवाओं का सशक्त होना जरूरी है और युवा सशक्त तब ही होगा जब वह अपने आत्मनिर्भर हो। मध्य प्रदेश सरकार प्रदेश के हर युवा को आर्थिक तौर पर मजबूत बनाने और सुलभ रोजगार प्रदान करने की दिशा में तेजी से अपने कदम बढ़ा रही है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान पीएम मोदी के आत्मनिर्भर भारत की तर्ज पर ही आत्मनिर्भर मध्य प्रदेश बनाने की दिशा में कदम बढ़ा रहे हैं। राज्य सरकार ने आत्मनिर्भर मध्य प्रदेश बनाने के लिए रोडमैप बनाना शुरू कर दिया है। प्रदेश सरकार युवाओं को रोजगार देने के साथ ही उन्हें स्व-रोजगार के लिए प्रेरित कर रही है। युवाओं को स्किल डेवलपमेंट के जरिए माध्यमों से जोड़ने का लगातार प्रयास किया जा रहा है।
रोजगार मेलों के जरिए युवाओं को स्वरोजगार के लिए प्रेरित किया जा रहा है।
- फोटो : सोशल मीडिया
प्रदेश में हर माह आयोजित हो रहे रोजगार मेले
प्रदेश में युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए प्रदेश में हर महीने रोजगार मेलों का आयोजन किया जाता है। मुख्यमंत्री चौहान के अनुसार किसी को सार्थक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के लिए कुछ ऐसा करना होगा कि वह न केवल खुद अपने पैरों पर खड़ा हो सके, बल्कि दूसरों को भी रोजगार के अवसर प्रदान कर सके। सीएम ने कहा कि “मेरा दृढ़ विश्वास है कि रोजगार के बिना जीवन ठीक से नहीं चल सकता है। इसलिए उन्होंने हर महीने रोजगार दिवस मनाने की घोषणा की। उनके आह्वान पर 12 जनवरी से रोजगार मेले लगाने का कार्यक्रम शुरू किया गया। प्रदेश में विभिन्न स्वरोजगार योजनाओं के अंतर्गत 12 जनवरी से अब तक साढ़े 10 लाख से ज़्यादा लोगों को रोजगार के लिए 2776 करोड़ 36 लाख 81 हज़ार रुपये का लोन स्वीकृत/वितरित किए गए हैं। बता दें प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के तहत 4 लाख 32 हज़ार 719 युवा, प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना के तहत 20 हज़ार 383 युवा, मुख्यमंत्री ग्रामीण पथ विक्रेता योजना के तहत 25 हज़ार 904 युवा, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (समूह) के तहत 20 हज़ार 707 युवा, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (व्यक्तिगत) के तहत 851 युवा, राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन (समूह) के तहत 120 युवा, राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन (क्रेडिट लिंकेज) के तहत 268 युवा और प्रधानमंत्री सृजन कार्यक्रम के तहत 1733 युवा लाभान्वित हो चुके हैं।
प्रदेश में युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए प्रदेश में हर महीने रोजगार मेलों का आयोजन किया जाता है। मुख्यमंत्री चौहान के अनुसार किसी को सार्थक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के लिए कुछ ऐसा करना होगा कि वह न केवल खुद अपने पैरों पर खड़ा हो सके, बल्कि दूसरों को भी रोजगार के अवसर प्रदान कर सके। सीएम ने कहा कि “मेरा दृढ़ विश्वास है कि रोजगार के बिना जीवन ठीक से नहीं चल सकता है। इसलिए उन्होंने हर महीने रोजगार दिवस मनाने की घोषणा की। उनके आह्वान पर 12 जनवरी से रोजगार मेले लगाने का कार्यक्रम शुरू किया गया। प्रदेश में विभिन्न स्वरोजगार योजनाओं के अंतर्गत 12 जनवरी से अब तक साढ़े 10 लाख से ज़्यादा लोगों को रोजगार के लिए 2776 करोड़ 36 लाख 81 हज़ार रुपये का लोन स्वीकृत/वितरित किए गए हैं। बता दें प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के तहत 4 लाख 32 हज़ार 719 युवा, प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना के तहत 20 हज़ार 383 युवा, मुख्यमंत्री ग्रामीण पथ विक्रेता योजना के तहत 25 हज़ार 904 युवा, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (समूह) के तहत 20 हज़ार 707 युवा, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (व्यक्तिगत) के तहत 851 युवा, राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन (समूह) के तहत 120 युवा, राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन (क्रेडिट लिंकेज) के तहत 268 युवा और प्रधानमंत्री सृजन कार्यक्रम के तहत 1733 युवा लाभान्वित हो चुके हैं।
ग्लोबल स्किल पार्क के जरिए युवाओं को प्रशिक्षण दिए जा रहे हैं।
- फोटो : सोशल मीडिया
स्किल बढ़ाओ, नौकरी दिलाओ
मध्य प्रदेश सरकार ने युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए युवाओं की स्किल बढ़ाने पर फोकस किया। राजधानी भोपाल में बने ग्लोबल स्किल पार्क में युवाओं को विभिन्न कामों का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। युवा यहां सीखे गए स्किल्स के माध्यम से नौकरी प्राप्त कर रहे हैं। जॉब दिलाने के लिए उन्हें कैंपस रिक्रूटमेंट की सुविधा भी दी जा रही है।
व्यावसायिक प्रशिक्षण के लिए बजट में किया गया विस्तार
मध्य प्रदेश सरकार ने इस साल के बजट में व्यावसायिक प्रशिक्षण का सुदृढ़ीकरण एवं विस्तार हेतु 453 करोड़ रूपये का प्रावधान दिया गया है, जबकि ए.डी.बी. परियोजना (कौशल विकास) हेतु `263 करोड़ का प्रावधान रखा गया है। जिला और संभाग स्तर पर चल रही आईटीआई को भी नए तरीके परिभाषित किया जा रहा है। प्रदेश के संभाग स्तर के 10 आईटीआई का आदर्श आईटीआई के रूप में उन्नयन किया जा रहा है। वहीं पॉलिटेक्निक संस्थाओं के विकास के लिए 226 करोड़ रूपये का प्रावधान इस साल के बजट में रखा गया है।
मध्य प्रदेश सरकार ने युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए युवाओं की स्किल बढ़ाने पर फोकस किया। राजधानी भोपाल में बने ग्लोबल स्किल पार्क में युवाओं को विभिन्न कामों का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। युवा यहां सीखे गए स्किल्स के माध्यम से नौकरी प्राप्त कर रहे हैं। जॉब दिलाने के लिए उन्हें कैंपस रिक्रूटमेंट की सुविधा भी दी जा रही है।
व्यावसायिक प्रशिक्षण के लिए बजट में किया गया विस्तार
मध्य प्रदेश सरकार ने इस साल के बजट में व्यावसायिक प्रशिक्षण का सुदृढ़ीकरण एवं विस्तार हेतु 453 करोड़ रूपये का प्रावधान दिया गया है, जबकि ए.डी.बी. परियोजना (कौशल विकास) हेतु `263 करोड़ का प्रावधान रखा गया है। जिला और संभाग स्तर पर चल रही आईटीआई को भी नए तरीके परिभाषित किया जा रहा है। प्रदेश के संभाग स्तर के 10 आईटीआई का आदर्श आईटीआई के रूप में उन्नयन किया जा रहा है। वहीं पॉलिटेक्निक संस्थाओं के विकास के लिए 226 करोड़ रूपये का प्रावधान इस साल के बजट में रखा गया है।
