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इंटरव्यू: मप्र के पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा बोले- भाजपा का एजेंडा- दंगे कराते रहो और राजनीतिक दुकान चलाते रहो
Tue, 03 May 2022 07:32 AM IST
चंद्रप्रकाश शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देवास
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देवास
Published by: चंद्रप्रकाश शर्मा
Updated Tue, 03 May 2022 07:32 AM IST
सार
मप्र कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा ने अमर उजाला से खास बातचीत की। इस दौरान उन्होंने भाजपा पर जमकर निशाना साधा। यहां तक कहा कि ओवैसी की पार्टी और आम आदमी पार्टी भाजपा की सहयोगी है। पढ़िए पूरा इंटरव्यू-
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सज्जन सिंह वर्मा।
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
अपने बेबाक बोल और तीखी टिप्पणियों के लिए पहचाने जाने वाले मप्र के पूर्व मंत्री, देवास जिले की सोनकच्छ विधानसभा सीट से विधायक, वरिष्ठ कांग्रेस नेता सज्जन सिंह वर्मा ने अमर उजाला से खास बातचीत की। बातचीत के दौरान उन्होंने केंद्र की मोदी सरकार और मप्र की शिवराज सरकार को आड़े हाथ लिया। इतना ही नहीं यहां तक कहा कि ओवैसी और आम आदमी पार्टी दोनों ही भाजपा के सहयोगी हैं। प्रस्तुत हैं बातचीत के कुछ अंशः
देश के मौजूदा राजनीतिक परिदृश्य पर आप क्या कहना चाहेंगे?
वर्मा- मैं संपूर्ण भारत के संदर्भ में कहना चाहूंगा कि जिस देश के वे रिटायर्ड सीनियर अफसर जिन्होंने देश को चलाने में, संविधान बनाने में सरकारों की मदद की है उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखा है। ऐसे 108 रिटायर्ड वरिष्ठ अफसर हैं। पत्र में लिखा है कि प्रधानमंत्री जी इस देश में जातिगत वैमनस्यता, कटुता बढ़ रही है। देश पटरी पर नहीं है। जात-पात की लड़ाई हो रही है। इसको रोकिए। इस बात से अंदाजा लगाया जा सकता है कि देश में जो दल नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में राजनीति कर रहा है उसे भारत की जनता के मनोविज्ञान को समझना चाहिए। इनको विकास की बातों से दूर-दूर तक मतलब नहीं है। हिन्दू-मुस्लिम, मंदिर-मस्जिद करो, अपनी राजनीतिक दुकान चलाओ। देश भले गड्ढे में जाए बस अपनी दुकान चलती रहे।
मप्र के खरगोन में हुए सांप्रदायिक विवाद पर क्या कहेंगे?
वर्मा- मेरा सीधा आरोप है कि आरएसएस और एआईएमआईएम भाजपा का छोटा अंग हैं। ओवैसी की पार्टी के लोग जुलूस में जाते हैं, पत्थर फेंकते हैं और आरएसएस की गैंग से गुत्थमगुत्था होते हैं। बाद में दंगे भड़कते हैं और दंगों की दावानल में हजारों बेगुनाह बर्बाद होते हैं। ओवैसी और आरएसएस के एजेंडे पर भाजपा चल रही है। दंगे कराते रहो और राजनीतिक दुकान चलाते रहो।
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आपको लगता है कि ओवैसी की पार्टी भाजपा की सहयोगी है?
वर्मा- बिल्कुल लगता है। ओवैसी, भाजपा और आरएसएस की बी टीम का हिस्सा हैं। उप्र के चुनाव को ही देख लीजिए। वहां ओवैसी के चाचा सरकार नहीं बना सकते थे, लेकिन समाजवादी पार्टी के वोट काटने के लिए पार्टी ने उप्र में चुनाव लड़ा। वहां की 60 सीटें ऐसी हैं जिन पर हार-जीत का अंतर चार से पांच सौ वोटों का ही रहा है, लेकिन इन 60 सीटों पर ओवैसी ने अपने उम्मीदवार खड़े किए। यह भाजपा और आरएसएस के कहने पर किया ताकि सपा के वोट कट जाएं। भाजपा को लाभ पहुंचाने के लिए ही ओवैसी ये सब करते हैं।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ ने खरगोन उपद्रव के बाद पांच सदस्यीय टीम बनाई थी। आप भी उसमें थे। टीम ने वहां जाकर क्या देखा?
वर्मा- टीम खरगोन गई थी। आधिकारिक स्तर पर हमारी बात हुई है। जब हम गए थे तब कर्फ्यू था, माहौल विषाक्त था, अब शांति है। अधिकारियों ने हमसे निवेदन किया है कि जैसे-तैसे शांति हुई है। 3 तारीख को ईद और परशुराम जयंती है। आपसे हाथ जोड़कर निवेदन है कि आप न आएं क्योंकि आप लोग आएंगे तो लोग उत्साहित होंगे, शिकायतबाजी होगी। इन त्योहारों के बाद 5-6 तारीख को आप आइए, आपको इत्मीनान से सारी बताएंगे।
खरगोन के जो वीडियो वायरल हुए उसमें मुस्लिम लोग उपद्रव करते दिख रहे थे, आप क्या कहेंगे?
वर्मा- हमारा यह कहना है कि जो भी दोषी हो, वह चाहे किसी समाज या संगठन का हो वह अपराधी है। लेकिन घटना की पूरी तस्दीक होनी चाहिए। फिलहाल देश-प्रदेश में जिस तरह का शासन चल रहा है उससे अधिकारी भी डरता है कि भाई जैसी सरकार की मंशा है उसी अनुरूप चलो अपन तो। ऐसे में घटना की पूरी जांच-पड़ताल जरूरी है। ईमानदारी से इसकी जांच करनी चाहिए। जो दोषी हो उस पर कार्रवाई की जाए।
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देश के मौजूदा राजनीतिक परिदृश्य पर आप क्या कहना चाहेंगे?
वर्मा- मैं संपूर्ण भारत के संदर्भ में कहना चाहूंगा कि जिस देश के वे रिटायर्ड सीनियर अफसर जिन्होंने देश को चलाने में, संविधान बनाने में सरकारों की मदद की है उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखा है। ऐसे 108 रिटायर्ड वरिष्ठ अफसर हैं। पत्र में लिखा है कि प्रधानमंत्री जी इस देश में जातिगत वैमनस्यता, कटुता बढ़ रही है। देश पटरी पर नहीं है। जात-पात की लड़ाई हो रही है। इसको रोकिए। इस बात से अंदाजा लगाया जा सकता है कि देश में जो दल नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में राजनीति कर रहा है उसे भारत की जनता के मनोविज्ञान को समझना चाहिए। इनको विकास की बातों से दूर-दूर तक मतलब नहीं है। हिन्दू-मुस्लिम, मंदिर-मस्जिद करो, अपनी राजनीतिक दुकान चलाओ। देश भले गड्ढे में जाए बस अपनी दुकान चलती रहे।
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मप्र के खरगोन में हुए सांप्रदायिक विवाद पर क्या कहेंगे?
वर्मा- मेरा सीधा आरोप है कि आरएसएस और एआईएमआईएम भाजपा का छोटा अंग हैं। ओवैसी की पार्टी के लोग जुलूस में जाते हैं, पत्थर फेंकते हैं और आरएसएस की गैंग से गुत्थमगुत्था होते हैं। बाद में दंगे भड़कते हैं और दंगों की दावानल में हजारों बेगुनाह बर्बाद होते हैं। ओवैसी और आरएसएस के एजेंडे पर भाजपा चल रही है। दंगे कराते रहो और राजनीतिक दुकान चलाते रहो।
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आपको लगता है कि ओवैसी की पार्टी भाजपा की सहयोगी है?
वर्मा- बिल्कुल लगता है। ओवैसी, भाजपा और आरएसएस की बी टीम का हिस्सा हैं। उप्र के चुनाव को ही देख लीजिए। वहां ओवैसी के चाचा सरकार नहीं बना सकते थे, लेकिन समाजवादी पार्टी के वोट काटने के लिए पार्टी ने उप्र में चुनाव लड़ा। वहां की 60 सीटें ऐसी हैं जिन पर हार-जीत का अंतर चार से पांच सौ वोटों का ही रहा है, लेकिन इन 60 सीटों पर ओवैसी ने अपने उम्मीदवार खड़े किए। यह भाजपा और आरएसएस के कहने पर किया ताकि सपा के वोट कट जाएं। भाजपा को लाभ पहुंचाने के लिए ही ओवैसी ये सब करते हैं।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ ने खरगोन उपद्रव के बाद पांच सदस्यीय टीम बनाई थी। आप भी उसमें थे। टीम ने वहां जाकर क्या देखा?
वर्मा- टीम खरगोन गई थी। आधिकारिक स्तर पर हमारी बात हुई है। जब हम गए थे तब कर्फ्यू था, माहौल विषाक्त था, अब शांति है। अधिकारियों ने हमसे निवेदन किया है कि जैसे-तैसे शांति हुई है। 3 तारीख को ईद और परशुराम जयंती है। आपसे हाथ जोड़कर निवेदन है कि आप न आएं क्योंकि आप लोग आएंगे तो लोग उत्साहित होंगे, शिकायतबाजी होगी। इन त्योहारों के बाद 5-6 तारीख को आप आइए, आपको इत्मीनान से सारी बताएंगे।
खरगोन के जो वीडियो वायरल हुए उसमें मुस्लिम लोग उपद्रव करते दिख रहे थे, आप क्या कहेंगे?
वर्मा- हमारा यह कहना है कि जो भी दोषी हो, वह चाहे किसी समाज या संगठन का हो वह अपराधी है। लेकिन घटना की पूरी तस्दीक होनी चाहिए। फिलहाल देश-प्रदेश में जिस तरह का शासन चल रहा है उससे अधिकारी भी डरता है कि भाई जैसी सरकार की मंशा है उसी अनुरूप चलो अपन तो। ऐसे में घटना की पूरी जांच-पड़ताल जरूरी है। ईमानदारी से इसकी जांच करनी चाहिए। जो दोषी हो उस पर कार्रवाई की जाए।
सज्जन सिंह ने शिवराज सरकार पर जमकर निशाना साधा।
- फोटो : फाइल फोटो
मप्र में बुलडोजर संस्कृति शुरू हो गई है। इस पर सवाल भी उठ रहे हैं। आप इसे कितना सही मानते हैं?
वर्मा- शिवराज मामा ने नकलची बंदर की कहानी दोहराई है। उप्र में सीएम योगी आदित्यनाथ ने बुलडोजर बाबा के नाम से जलवा बनाया तो उनकी वहां सरकार बन गई, लेकिन उप्र की राजनीतिक-सामाजिक परिस्थितियां मप्र से बहुत अलग है। जो वातावरण वहां है उसके हिसाब से योगी बाबा चल गए, लेकिन यहां नकल करके ये नहीं सोचना चाहिए कि मैं योगी जैसा महान बन जाऊंगा। 17 साल से मप्र में शिवराज भाई तुम हो। पहले कहते थे कि अपराधियों को दस फीट गड्ढे में गाड़ दूंगा। ये करूंगा, वो करूंगा और अब बुलडोजर लेकर आए। इनसे होता-जाता कुछ नहीं है। ये गुंडे-माफिया शिवराज जी ने ही पनपाए हैं। मैं तो शिवराज और खासकर मोदी से कहना चाहूंगा कि दिल्ली में अरबों रुपये की बिल्डिंग गिरा दी। इतने कानून ला रहे हो, बाबा साहब के संविधान को बदलना चाहते हो तो तो ये कानून क्यों नहीं लाते कि अवैध निर्माण को राजसात कर लिया जाए। वहां ऑफिस खोल दो, अनाथ बच्चों के लिए दे दो, अच्छा काम करने वाली सामाजिक संस्था को दे दो ताकि रुपयों की बर्बादी न हो। ऐसी बिल्डिगों को राजसात करके परोपकार के काम में लगा दो।
मगर मप्र में तो बुलडोजर संस्कृति कमलनाथ सरकार के दौरान ही शुरू हुई थी, फिर अब विरोध क्यों कर रहे?
वर्मा- हमारी साल, सवा साल की सरकार रही बस। शिवराज सरकार के 14-15 साल के शासन में जो माफिया मप्र में पैदा हुए थे उनको मिटाने के लिए बुलडोजर चलाया था। सबसे पहले मप्र के इंदौर में बुलडोजर चला था। शिवराज को शर्म आना चाहिए कि उनके राज में इंदौर में बार डांस की संस्कृति पनपी। मुंबई की तरह लोग बार डांस करते थे। ये गंदगी पनप रही थी जिसको हटाने के लिए बुलडोजर चलाया। हमने माफियाओं पर कार्रवाई की थी। उन पर बुलडोजर चलाया था जो सही था।
मप्र में कांग्रेस को किस तरह देखते हैं। क्या भविष्य है कांग्रेस का?
वर्मा- देखिए, कुछ चुनाव हारने-जीतने से कोई भी आकलन करना ठीक नहीं। मप्र की परिस्थितियां एकदम अलग हैं। 2018 के चुनाव में जिस शिवराज के चेहरे को जनता ने नकार दिया, झूठे आश्वासनों को नकार दिया वे शिवराज 2023 में कौन से सुरखाब के पंख लगाकर आ जाएंगे जो जनता उनको चुन लेगी। शिवराज का काम है वादे करना और भूल जाना। आईएएस-आईपीएस अधिकारी उनकी सुनते नहीं हैं। जनता पहले ही उनको नकार चुकी है मगर उन्होंने धोखे से हमारी सरकार गिराई। 2023 में जनता जवाब देगी।
2023 के विधानसभा चुनाव के लिए क्या रणनीति बनाई है कांग्रेस ने?
वर्मा- हमने सारे प्रकोष्ठों का गठन कर दिया है। हमारी हर विंग काम करने लगी है। बैठकें हो रही हैं। कमलनाथजी के घर सभी वरिष्ठ नेताओं की बैठक हो चुकी है, जिसमें एकजुट होकर अपने काम में लगे हुए हैं। हम दिखावे की राजनीति नहीं करते, हम जनता के बीच जाते हैं और जनता ये समझती है।
क्या 2023 का चुनाव मप्र में कांग्रेस कमलनाथ के नेतृत्व में ही लड़ेगी?
वर्मा- निश्चित रूप से ऐसा होगा। सारे नेता यह स्वीकार कर चुके हैं। पिछली बार जो बैठक हुई थी उसमें दिग्विजय सिंह, सुरेश पचौरी, अरुण यादव, कांतिलाल भूरिया समेत हम सभी पुराने मंत्री शामिल थे। बैठक में सभी ने प्रस्ताव रखा कि 2023 का चुनाव कमलनाथ जी के नेतृत्व में लड़ेंगे। कोई किंतु-परंतु नहीं है। सबने यह तय किया है कि मन साफ करके एकता से चुनाव में जुटना है।
वर्मा- शिवराज मामा ने नकलची बंदर की कहानी दोहराई है। उप्र में सीएम योगी आदित्यनाथ ने बुलडोजर बाबा के नाम से जलवा बनाया तो उनकी वहां सरकार बन गई, लेकिन उप्र की राजनीतिक-सामाजिक परिस्थितियां मप्र से बहुत अलग है। जो वातावरण वहां है उसके हिसाब से योगी बाबा चल गए, लेकिन यहां नकल करके ये नहीं सोचना चाहिए कि मैं योगी जैसा महान बन जाऊंगा। 17 साल से मप्र में शिवराज भाई तुम हो। पहले कहते थे कि अपराधियों को दस फीट गड्ढे में गाड़ दूंगा। ये करूंगा, वो करूंगा और अब बुलडोजर लेकर आए। इनसे होता-जाता कुछ नहीं है। ये गुंडे-माफिया शिवराज जी ने ही पनपाए हैं। मैं तो शिवराज और खासकर मोदी से कहना चाहूंगा कि दिल्ली में अरबों रुपये की बिल्डिंग गिरा दी। इतने कानून ला रहे हो, बाबा साहब के संविधान को बदलना चाहते हो तो तो ये कानून क्यों नहीं लाते कि अवैध निर्माण को राजसात कर लिया जाए। वहां ऑफिस खोल दो, अनाथ बच्चों के लिए दे दो, अच्छा काम करने वाली सामाजिक संस्था को दे दो ताकि रुपयों की बर्बादी न हो। ऐसी बिल्डिगों को राजसात करके परोपकार के काम में लगा दो।
मगर मप्र में तो बुलडोजर संस्कृति कमलनाथ सरकार के दौरान ही शुरू हुई थी, फिर अब विरोध क्यों कर रहे?
वर्मा- हमारी साल, सवा साल की सरकार रही बस। शिवराज सरकार के 14-15 साल के शासन में जो माफिया मप्र में पैदा हुए थे उनको मिटाने के लिए बुलडोजर चलाया था। सबसे पहले मप्र के इंदौर में बुलडोजर चला था। शिवराज को शर्म आना चाहिए कि उनके राज में इंदौर में बार डांस की संस्कृति पनपी। मुंबई की तरह लोग बार डांस करते थे। ये गंदगी पनप रही थी जिसको हटाने के लिए बुलडोजर चलाया। हमने माफियाओं पर कार्रवाई की थी। उन पर बुलडोजर चलाया था जो सही था।
मप्र में कांग्रेस को किस तरह देखते हैं। क्या भविष्य है कांग्रेस का?
वर्मा- देखिए, कुछ चुनाव हारने-जीतने से कोई भी आकलन करना ठीक नहीं। मप्र की परिस्थितियां एकदम अलग हैं। 2018 के चुनाव में जिस शिवराज के चेहरे को जनता ने नकार दिया, झूठे आश्वासनों को नकार दिया वे शिवराज 2023 में कौन से सुरखाब के पंख लगाकर आ जाएंगे जो जनता उनको चुन लेगी। शिवराज का काम है वादे करना और भूल जाना। आईएएस-आईपीएस अधिकारी उनकी सुनते नहीं हैं। जनता पहले ही उनको नकार चुकी है मगर उन्होंने धोखे से हमारी सरकार गिराई। 2023 में जनता जवाब देगी।
2023 के विधानसभा चुनाव के लिए क्या रणनीति बनाई है कांग्रेस ने?
वर्मा- हमने सारे प्रकोष्ठों का गठन कर दिया है। हमारी हर विंग काम करने लगी है। बैठकें हो रही हैं। कमलनाथजी के घर सभी वरिष्ठ नेताओं की बैठक हो चुकी है, जिसमें एकजुट होकर अपने काम में लगे हुए हैं। हम दिखावे की राजनीति नहीं करते, हम जनता के बीच जाते हैं और जनता ये समझती है।
क्या 2023 का चुनाव मप्र में कांग्रेस कमलनाथ के नेतृत्व में ही लड़ेगी?
वर्मा- निश्चित रूप से ऐसा होगा। सारे नेता यह स्वीकार कर चुके हैं। पिछली बार जो बैठक हुई थी उसमें दिग्विजय सिंह, सुरेश पचौरी, अरुण यादव, कांतिलाल भूरिया समेत हम सभी पुराने मंत्री शामिल थे। बैठक में सभी ने प्रस्ताव रखा कि 2023 का चुनाव कमलनाथ जी के नेतृत्व में लड़ेंगे। कोई किंतु-परंतु नहीं है। सबने यह तय किया है कि मन साफ करके एकता से चुनाव में जुटना है।
भाजपा मक्कारों, झूठे लोगों की पार्टी है। किसकी औलाद राजनीति में नहीं है मुझे बताओ आप।
- फोटो : फाइल फोटो
कमलनाथ ने हाल ही में नेता प्रतिपक्ष का पद छोड़ दिया। उनके पास दो पद थे। सुना है कि आप भी पद की कतार में थे ?
वर्मा- सरकार जाने के बाद कमलनाथजी ने दोनों पदों को छोड़ने का प्रस्ताव हाईकमान को भेजा था। जहां तक मेरे पद लेने की बात है तो मेरे बहुत शुभचिंतक हैं न। मगर मेरा बस एक ही काम है कांग्रेस के लिए अपना जीवन झोंक दो। कइयों को बुरा भी लगता है तो हमारे खिलाफ हो जाते हैं, लेकिन मैं इसकी चिंता नहीं करता। अगर इतनी चिंता पालता तो आज इस मुकाम तक नहीं पहुंच पाता। मैंने कमलनाथजी से खुले रूप से कहा था कि जिसे पद देना हो दे दें, हमको पता है कि सामाजिक और राजनीतिक जीवन में कैसे काम करते हैं।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के भोपाल दौरे के समय भाजपा में कुर्ता खींचने की घटना हुई, इसे किस रूप में देखते हैं?
वर्मा- इस घटना से समझा जा सकता है कि शिवराज को लेकर कितनी कुंठा है। भाजपा के लोग नई सुबह चाहते हैं मगर आरएसएस का दबाव है तो कोई मुखर नहीं हो पाता। इस घटना ने सबकुछ साफ-साफ दर्शा दिया।
इन दिनों हर तरफ लाउडस्पीकर का विवाद चल रहा है। इस पर आप क्या सोचते हैं?
वर्मा- मैं पहले भी कह चुका हूं कि शिवराज नकलची है और दूसरे लोग भी नकल की तरफ भागते हैं। अब लाउडस्पीकर आ गया, पहले हिजाब आया था। मैं कहता हूं कि ये सब बरसों से चल रहा है। अभी अचानक नहीं हुआ है। एक नेताजी हनुमान चालीसा पढ़ने चली गईं। अरे भाई, हनुमान चालीसा पढ़ना है तो मंदिर में पढ़ो न, किसी के घर पर क्यों। ये सब लाइम लाइट में आने के लिए कर रहे हैं। जानबूझकर ऐसा वातावरण बना रहे हैं। एक तरफ मोहन भागवत महान नेता है जो खुद को समाजसेवी कहलाते हैं। उन्होंने कहा कि अखंड भारत बनाएंगे। इसमें हिंदुस्तान, पाकिस्तान, बांग्लादेश, अफगानिस्तान और पता नहीं कितने देशों के नाम लिए। ये नकली अखंड भारत की कल्पना है। हमारे हिंदू भाइयों को आरएसएस और मोदी डराते हैं कि जाग जाओ, मुसलमान बढ़ रहे हैं। एक तरफ तो मुसलमानों को लाने की बात करते हैं और दूसरी तरफ हिंदुओं को डराते हैं। ये सब आडंबर कर रहे हैं। वोट की राजनीति करके माहौल खराब कर रहे हैं।
आरोप तो ये भी लगते हैं कि कांग्रेस मुस्लिमों की पार्टी बनकर रह गई है?
वर्मा- आप इस बात को कैसे सिद्ध करोगे। जब देश में बंटवारा हुआ तो हमने मुसलमानों को सुरक्षा दी, सिंधियों को दी, पंजाबियों को दी जो बंटवारे के समय इस देश में रुक गए थे। अगर किसी को सुरक्षा देना अपराध है तो हम पर ठप्पा लगा दीजिए। हमारा एक ही नारा है कि न जात पर न पात पर मोहर लगेगी हाथ पर। बरसों से यही नारा चल रहा है। एक उदाहरण देता हूं। राजस्थान में एक मंदिर तोड़ा गया। वहां भाजपा की नगर पालिका है जिसने मंदिर तोड़ा मगर आरोप कांग्रेस पर लगाया कि कांग्रेस सरकार ने मंदिर तोड़ा। अरे जब नगरीय निकाय में भाजपा है तो कांग्रेस कैसे तोड़ेगी, क्योंकि अतिक्रमण हटाना नगर पालिका, नगर निगम का काम है। लेकिन क्या करें, एक तंत्र ऐसा बना दिया गया है कि हिंदू-मुस्लिम करो, मंदिर-मस्जिद करो और कांग्रेस का नाम ले लो।
आगामी विधानसभा चुनाव में आपकी क्या भूमिका रहेगी?
वर्मा- मेरी जो भूमिका 2018 में थी वही 2023 में रहेगी। कमलनाथजी के सहयोगी के रूप में ताकत से काम कर रहा हूं। हर जिले में मेरी टीम है जो काम में जुटी है। कांग्रेस की सरकार बनेगी।
वर्मा- सरकार जाने के बाद कमलनाथजी ने दोनों पदों को छोड़ने का प्रस्ताव हाईकमान को भेजा था। जहां तक मेरे पद लेने की बात है तो मेरे बहुत शुभचिंतक हैं न। मगर मेरा बस एक ही काम है कांग्रेस के लिए अपना जीवन झोंक दो। कइयों को बुरा भी लगता है तो हमारे खिलाफ हो जाते हैं, लेकिन मैं इसकी चिंता नहीं करता। अगर इतनी चिंता पालता तो आज इस मुकाम तक नहीं पहुंच पाता। मैंने कमलनाथजी से खुले रूप से कहा था कि जिसे पद देना हो दे दें, हमको पता है कि सामाजिक और राजनीतिक जीवन में कैसे काम करते हैं।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के भोपाल दौरे के समय भाजपा में कुर्ता खींचने की घटना हुई, इसे किस रूप में देखते हैं?
वर्मा- इस घटना से समझा जा सकता है कि शिवराज को लेकर कितनी कुंठा है। भाजपा के लोग नई सुबह चाहते हैं मगर आरएसएस का दबाव है तो कोई मुखर नहीं हो पाता। इस घटना ने सबकुछ साफ-साफ दर्शा दिया।
इन दिनों हर तरफ लाउडस्पीकर का विवाद चल रहा है। इस पर आप क्या सोचते हैं?
वर्मा- मैं पहले भी कह चुका हूं कि शिवराज नकलची है और दूसरे लोग भी नकल की तरफ भागते हैं। अब लाउडस्पीकर आ गया, पहले हिजाब आया था। मैं कहता हूं कि ये सब बरसों से चल रहा है। अभी अचानक नहीं हुआ है। एक नेताजी हनुमान चालीसा पढ़ने चली गईं। अरे भाई, हनुमान चालीसा पढ़ना है तो मंदिर में पढ़ो न, किसी के घर पर क्यों। ये सब लाइम लाइट में आने के लिए कर रहे हैं। जानबूझकर ऐसा वातावरण बना रहे हैं। एक तरफ मोहन भागवत महान नेता है जो खुद को समाजसेवी कहलाते हैं। उन्होंने कहा कि अखंड भारत बनाएंगे। इसमें हिंदुस्तान, पाकिस्तान, बांग्लादेश, अफगानिस्तान और पता नहीं कितने देशों के नाम लिए। ये नकली अखंड भारत की कल्पना है। हमारे हिंदू भाइयों को आरएसएस और मोदी डराते हैं कि जाग जाओ, मुसलमान बढ़ रहे हैं। एक तरफ तो मुसलमानों को लाने की बात करते हैं और दूसरी तरफ हिंदुओं को डराते हैं। ये सब आडंबर कर रहे हैं। वोट की राजनीति करके माहौल खराब कर रहे हैं।
आरोप तो ये भी लगते हैं कि कांग्रेस मुस्लिमों की पार्टी बनकर रह गई है?
वर्मा- आप इस बात को कैसे सिद्ध करोगे। जब देश में बंटवारा हुआ तो हमने मुसलमानों को सुरक्षा दी, सिंधियों को दी, पंजाबियों को दी जो बंटवारे के समय इस देश में रुक गए थे। अगर किसी को सुरक्षा देना अपराध है तो हम पर ठप्पा लगा दीजिए। हमारा एक ही नारा है कि न जात पर न पात पर मोहर लगेगी हाथ पर। बरसों से यही नारा चल रहा है। एक उदाहरण देता हूं। राजस्थान में एक मंदिर तोड़ा गया। वहां भाजपा की नगर पालिका है जिसने मंदिर तोड़ा मगर आरोप कांग्रेस पर लगाया कि कांग्रेस सरकार ने मंदिर तोड़ा। अरे जब नगरीय निकाय में भाजपा है तो कांग्रेस कैसे तोड़ेगी, क्योंकि अतिक्रमण हटाना नगर पालिका, नगर निगम का काम है। लेकिन क्या करें, एक तंत्र ऐसा बना दिया गया है कि हिंदू-मुस्लिम करो, मंदिर-मस्जिद करो और कांग्रेस का नाम ले लो।
आगामी विधानसभा चुनाव में आपकी क्या भूमिका रहेगी?
वर्मा- मेरी जो भूमिका 2018 में थी वही 2023 में रहेगी। कमलनाथजी के सहयोगी के रूप में ताकत से काम कर रहा हूं। हर जिले में मेरी टीम है जो काम में जुटी है। कांग्रेस की सरकार बनेगी।
वोट जनता देती है, जनता ही नेता बनाती है। नेता अपने आप में कुछ नहीं है। जनता असली नेता चुने।
- फोटो : अमर उजाला
सुना है कि अगला चुनाव आप नहीं लड़ोगे, बेटे को लड़ाओगे?
वर्मा- ऐसा कुछ नहीं है। मैं स्वस्थ हूं ,प्रसन्न हूं। मेरे क्षेत्र के लोग कहते हैं कि सज्जन भैया की गाड़ी का पहिया कभी रुकता ही नहीं है। हर दिन कहीं न कहीं दौरा रहता है। बेटे का समय जब आएगा तब देखेंगे। अभी तो अपन जिंदाबाद हैं।
आप देवास के सांसद भी रहे हैं, इसी जिले से विधायक हैं। ओवरब्रिज के मामले में आपने आरोप लगाए थे, क्या कहना चाहेंगे?
वर्मा- देवास में बैंक नोट प्रेस है जिसका नाम विश्वपटल पर है। हमारे सेठी जी जो सीएम रहे हैं उन्होंने इसकी सौगात दी थी। ड्रेनेज सिस्टम के लिए मैंने कोशिश की और लेकर आया। पानी की समस्या हल करवाई। विजयागंज मंडी से देवास की सड़क स्वीकृत करवाई। शहर के ओवरब्रिज हो या फोरलेन हो, सज्जन वर्मा ने पैसा लाकर दिया। ये बात देवास का बच्चा बच्चा जानता है। मगर भाजपा अपना नाम लिखवाना चाहती है। विधायक गायत्रीराजे अपना नाम लिखवाना चाहती हैं। देवास से ग्वालियर तक फोरलेन कमलनाथ जी के केंद्रीय मंत्री रहते हुए मैंने स्वीकृत करवाया। ऐसे अनेक काम हैं जो हमने किए, भाजपा के नाम पर कुछ नहीं है।
कांग्रेस कहती है कि देवास के सांसद ने कुछ नहीं किया?
वर्मा- हां ये तो सही है। जिस सांसद का कोई विजन नहीं है विकास का उससे क्या उम्मीद करोगे। वह क्या विकास पुरुष बनेगा। साढ़े तीन साल बीत गए मगर कुछ नहीं किया। इनकी दिल्ली में कोई सुनता ही नहीं है और न इनको मांग रखनी आती है क्षेत्र की। देवास लोकसभा के लोग जानते हैं कि फूटी कौड़ी लाकर नहीं दी है इन्होंने। यही हाल देवास विधायक के हैं। जो कांग्रेस ने काम किए हैं बस उन पर अपना ठप्पा लगवा दो, यही भाजपा का विकास है।
जिला अस्पताल से नवजात बच्ची गायब हो गई है, क्या कांग्रेस इसकी आवाज उठाएगी?
वर्मा- कांग्रेस तो हमेशा से ही जनहित के मामलों में आवाज उठाती आई है। मैं पूछता हूं कि कहां है सांसद, कहां है विधायक, कहां है प्रशासन, कहां है एसपी। बड़ा महान बता रहे हैं ये लोग देवास को तो ऐसा कैसे हो गया। सीसीटीवी कैमरे कहां है। शिवराज जी के राज में प्रदेश की बुरी हालत हो गई है। कोई अधिकारी इनकी नहीं सुनता। हर जिले में निरंकुशता है।
पंजाब में सरकार बनाने के बाद कहा जा रहा है आप पार्टी अब कांग्रेस का विकल्प बनेगी?
वर्मा- मैं तो आम आदमी पार्टी को भी भाजपा की सहयोगी मानता हूं। थोड़ा नेपथ्य में जाकर देखो कि जब अण्णा हजारे का आंदोलन हुआ था तब अरविंद केजरीवाल, किरण बेदी, कुमार विश्वास सब लोकपाल के लिए बातें करते थे, लेकिन लोकपाल आया ही नहीं। केजरीवाल मुख्यमंत्री बन गए, किरण बेदी को राज्यपाल बना दिया। अण्णा हजारे गुफा में चले गए। सबने अपनी दुकान सजा ली। ये केजरीवाल साहब मोदी के सहयोगी की भूमिका निभा रहे हैं। पंजाब में भाजपा का जनाधार नहीं था तो वहां आप पार्टी चली गई। हरियाणा में भी भाजपा कमजोर है तो आप पार्टी जाएगी। मप्र में आप की कोई गुंजाइश नहीं है। 2023 में यहां कांग्रेस ही नंबर वन रहेगी।
भाजपा महासचिव कैलाश विजयवर्गीय को लेकर आप हमेशा तीखी टिप्पणी करते हैं, कोई खास वजह ?
वर्मा- मैं तो बस क्रिया पर प्रतिक्रिया देता हूं। उधर से क्रिया होती है तो मैं प्रतिक्रिया करता हूं। अपनी तरफ से कभी कुछ नहीं बोलता। कुछ लोग खुद को इतना बड़ा समझने लग जाते हैं कि क्या करें। हर बड़े व्यक्ति के बारे में उनकी शब्दावली निकलती है तो मैं खुद को नहीं रोक पाता। आपको जानकारी नहीं है कि बंगाल में क्या चौपट करके आए हैं कैलाश। वहां की कहानियां सुनोगे तो आंखें फटी रह जाएंगी। वहां के अखबारों में छपा है। मेरे पास कटिंग है। वहां की महिलाओं ने क्या-क्या आरोप लगाए हैं सुनोगे तो दंग रह जाओगे। मैं संभ्रांत परिवार से हूं इसलिए कहना नहीं चाहता। मेरा कहना है कि सामाजिक जीवन में अच्छा रहना चाहिए।
वर्मा- ऐसा कुछ नहीं है। मैं स्वस्थ हूं ,प्रसन्न हूं। मेरे क्षेत्र के लोग कहते हैं कि सज्जन भैया की गाड़ी का पहिया कभी रुकता ही नहीं है। हर दिन कहीं न कहीं दौरा रहता है। बेटे का समय जब आएगा तब देखेंगे। अभी तो अपन जिंदाबाद हैं।
आप देवास के सांसद भी रहे हैं, इसी जिले से विधायक हैं। ओवरब्रिज के मामले में आपने आरोप लगाए थे, क्या कहना चाहेंगे?
वर्मा- देवास में बैंक नोट प्रेस है जिसका नाम विश्वपटल पर है। हमारे सेठी जी जो सीएम रहे हैं उन्होंने इसकी सौगात दी थी। ड्रेनेज सिस्टम के लिए मैंने कोशिश की और लेकर आया। पानी की समस्या हल करवाई। विजयागंज मंडी से देवास की सड़क स्वीकृत करवाई। शहर के ओवरब्रिज हो या फोरलेन हो, सज्जन वर्मा ने पैसा लाकर दिया। ये बात देवास का बच्चा बच्चा जानता है। मगर भाजपा अपना नाम लिखवाना चाहती है। विधायक गायत्रीराजे अपना नाम लिखवाना चाहती हैं। देवास से ग्वालियर तक फोरलेन कमलनाथ जी के केंद्रीय मंत्री रहते हुए मैंने स्वीकृत करवाया। ऐसे अनेक काम हैं जो हमने किए, भाजपा के नाम पर कुछ नहीं है।
कांग्रेस कहती है कि देवास के सांसद ने कुछ नहीं किया?
वर्मा- हां ये तो सही है। जिस सांसद का कोई विजन नहीं है विकास का उससे क्या उम्मीद करोगे। वह क्या विकास पुरुष बनेगा। साढ़े तीन साल बीत गए मगर कुछ नहीं किया। इनकी दिल्ली में कोई सुनता ही नहीं है और न इनको मांग रखनी आती है क्षेत्र की। देवास लोकसभा के लोग जानते हैं कि फूटी कौड़ी लाकर नहीं दी है इन्होंने। यही हाल देवास विधायक के हैं। जो कांग्रेस ने काम किए हैं बस उन पर अपना ठप्पा लगवा दो, यही भाजपा का विकास है।
जिला अस्पताल से नवजात बच्ची गायब हो गई है, क्या कांग्रेस इसकी आवाज उठाएगी?
वर्मा- कांग्रेस तो हमेशा से ही जनहित के मामलों में आवाज उठाती आई है। मैं पूछता हूं कि कहां है सांसद, कहां है विधायक, कहां है प्रशासन, कहां है एसपी। बड़ा महान बता रहे हैं ये लोग देवास को तो ऐसा कैसे हो गया। सीसीटीवी कैमरे कहां है। शिवराज जी के राज में प्रदेश की बुरी हालत हो गई है। कोई अधिकारी इनकी नहीं सुनता। हर जिले में निरंकुशता है।
पंजाब में सरकार बनाने के बाद कहा जा रहा है आप पार्टी अब कांग्रेस का विकल्प बनेगी?
वर्मा- मैं तो आम आदमी पार्टी को भी भाजपा की सहयोगी मानता हूं। थोड़ा नेपथ्य में जाकर देखो कि जब अण्णा हजारे का आंदोलन हुआ था तब अरविंद केजरीवाल, किरण बेदी, कुमार विश्वास सब लोकपाल के लिए बातें करते थे, लेकिन लोकपाल आया ही नहीं। केजरीवाल मुख्यमंत्री बन गए, किरण बेदी को राज्यपाल बना दिया। अण्णा हजारे गुफा में चले गए। सबने अपनी दुकान सजा ली। ये केजरीवाल साहब मोदी के सहयोगी की भूमिका निभा रहे हैं। पंजाब में भाजपा का जनाधार नहीं था तो वहां आप पार्टी चली गई। हरियाणा में भी भाजपा कमजोर है तो आप पार्टी जाएगी। मप्र में आप की कोई गुंजाइश नहीं है। 2023 में यहां कांग्रेस ही नंबर वन रहेगी।
भाजपा महासचिव कैलाश विजयवर्गीय को लेकर आप हमेशा तीखी टिप्पणी करते हैं, कोई खास वजह ?
वर्मा- मैं तो बस क्रिया पर प्रतिक्रिया देता हूं। उधर से क्रिया होती है तो मैं प्रतिक्रिया करता हूं। अपनी तरफ से कभी कुछ नहीं बोलता। कुछ लोग खुद को इतना बड़ा समझने लग जाते हैं कि क्या करें। हर बड़े व्यक्ति के बारे में उनकी शब्दावली निकलती है तो मैं खुद को नहीं रोक पाता। आपको जानकारी नहीं है कि बंगाल में क्या चौपट करके आए हैं कैलाश। वहां की कहानियां सुनोगे तो आंखें फटी रह जाएंगी। वहां के अखबारों में छपा है। मेरे पास कटिंग है। वहां की महिलाओं ने क्या-क्या आरोप लगाए हैं सुनोगे तो दंग रह जाओगे। मैं संभ्रांत परिवार से हूं इसलिए कहना नहीं चाहता। मेरा कहना है कि सामाजिक जीवन में अच्छा रहना चाहिए।
आपको जानकारी नहीं है कि बंगाल में क्या चौपट करके आए हैं कैलाश। वहां की कहानियां सुनोगे तो आंखें फटी रह जाएंगी।
- फोटो : फाइल फोटो
देवास में पीएम आवास योजना के मकान अपात्रों को देने की शिकायत हुई है। कई मकानों में किराएदार रह रहे हैं?
वर्मा- वोट के लिए भाजपा किसी भी सूरत तक जा सकती है। पात्र व्यक्ति का हक मारकर ये लोग भविष्य़ को अंधकारमय कर रहे हैं। पात्रों को दरकिनार कर अपने अनुयायियों को फ्लैट दे देते हैं। अन्याय की परिभाषा ही भाजपा ने लिखी है। इनको न्याय करने की आदत ही नहीं है।
कांग्रेस पर परिवारवाद के आरोप लगाने वाली भाजपा में भी नेता पुत्र सक्रिय हैं, इस पर क्या कहेंगे?
वर्मा- मैं तो कह रहा हूं कि भाजपा मक्कारों, झूठे लोगों की पार्टी है। किसकी औलाद राजनीति में नहीं है मुझे बताओ आप। मोदी की तो है ही नहीं तो क्या कहें मगर क्या राजनाथ सिंह की नहीं है। अमित शाह की नहीं है क्या, कैलाश की नहीं है क्या, गोपाल भार्गव, नरोत्तम मिश्रा, नरेंद्रसिंह तोमर ऐसे कितने नाम गिनाएं। ये तो आडंबर रचने वाले लोग हैं।
प्रशांत किशोर के कांग्रेस में आने की अटकलें थी मगर अब सुना है उन्होंने कांग्रेस में आने से मना कर दिया है?
वर्मा- मेरा हाईकमान से कहना है कि कांग्रेस सक्षम है मगर हमें हर उस अच्छे व्यक्ति की जरुरत है जिसका मन हमारे मन से मिलता हो। जो भाजपा की नीतियों के खिलाफ हो। यदि कोई व्यक्ति अपनी शर्तों पर हमारे पुराने संगठन में आना चाहता हो तो वो चाहे कितना भी बड़ा हो कांग्रेस की अपनी परिपाटी है, अपनी शर्तें हैं उसके हिसाब से ही उसे लिया जाएगा। अगर किसी व्यक्ति की शर्तें मानकर उसे पार्टी में लिया जाएगा तो सज्जन वर्मा पहला व्यक्ति होगा जो पार्टी छोड़कर जाएगा। हमने खून-पसीने से इस पार्टी को सींचा है। किसी एक व्यक्ति की शर्तों पर चलने वाली पार्टी नहीं है। हमारे अपने मापदंड है। जिसको आना है दरवाजे खुले हैं। खुले मन से आओ। भाजपा से लड़ने का दम है तो आओ।
देवास में तीस सालों से कांग्रेस हार रही है, आखिर क्यों कांग्रेस का विधायक नहीं बन रहा?
वर्मा- मप्र में ऐसे कई क्षेत्र हैं जहां हमारी पार्टी नहीं जीत पा रही। देवास की जनता की मानसिकता पर क्या कहूं। मैं कहना चाहूंगा कि अब राजा-महाराजा के दिन गए, क्यों इनको सर पर ढो रहे हो। देश आजाद हुए 75 साल हो गए हैं। मगर देवास में कोई किंग ऑफ देवास का पोस्टर लगाता है, कोई राजमाता बन जाता है।
आरोप तो ये लगते हैं कि यहां कांग्रेस ही कांग्रेस को चुनाव हरवाती है?
वर्मा- वोट जनता देती है, जनता ही नेता बनाती है। नेता अपने आप में कुछ नहीं है। जनता असली नेता चुने। अगर कांग्रेस में आपस में लड़ाई भी है तो जनता को उससे क्या मतलब। वह तो उसे चुने जो विकास कर सके। सज्जन वर्मा ने डंके की चोट पर विकास करके बताया। कोई चाहे तो मुझसे इस विषय में शास्त्रार्थ कर सकता है। मैं ईमानदार राजनेता हूं। जिले की राजनीति में सक्रिय हूं तो मेरा कर्तव्य है कि यहां का विकास हो।
वर्मा- वोट के लिए भाजपा किसी भी सूरत तक जा सकती है। पात्र व्यक्ति का हक मारकर ये लोग भविष्य़ को अंधकारमय कर रहे हैं। पात्रों को दरकिनार कर अपने अनुयायियों को फ्लैट दे देते हैं। अन्याय की परिभाषा ही भाजपा ने लिखी है। इनको न्याय करने की आदत ही नहीं है।
कांग्रेस पर परिवारवाद के आरोप लगाने वाली भाजपा में भी नेता पुत्र सक्रिय हैं, इस पर क्या कहेंगे?
वर्मा- मैं तो कह रहा हूं कि भाजपा मक्कारों, झूठे लोगों की पार्टी है। किसकी औलाद राजनीति में नहीं है मुझे बताओ आप। मोदी की तो है ही नहीं तो क्या कहें मगर क्या राजनाथ सिंह की नहीं है। अमित शाह की नहीं है क्या, कैलाश की नहीं है क्या, गोपाल भार्गव, नरोत्तम मिश्रा, नरेंद्रसिंह तोमर ऐसे कितने नाम गिनाएं। ये तो आडंबर रचने वाले लोग हैं।
प्रशांत किशोर के कांग्रेस में आने की अटकलें थी मगर अब सुना है उन्होंने कांग्रेस में आने से मना कर दिया है?
वर्मा- मेरा हाईकमान से कहना है कि कांग्रेस सक्षम है मगर हमें हर उस अच्छे व्यक्ति की जरुरत है जिसका मन हमारे मन से मिलता हो। जो भाजपा की नीतियों के खिलाफ हो। यदि कोई व्यक्ति अपनी शर्तों पर हमारे पुराने संगठन में आना चाहता हो तो वो चाहे कितना भी बड़ा हो कांग्रेस की अपनी परिपाटी है, अपनी शर्तें हैं उसके हिसाब से ही उसे लिया जाएगा। अगर किसी व्यक्ति की शर्तें मानकर उसे पार्टी में लिया जाएगा तो सज्जन वर्मा पहला व्यक्ति होगा जो पार्टी छोड़कर जाएगा। हमने खून-पसीने से इस पार्टी को सींचा है। किसी एक व्यक्ति की शर्तों पर चलने वाली पार्टी नहीं है। हमारे अपने मापदंड है। जिसको आना है दरवाजे खुले हैं। खुले मन से आओ। भाजपा से लड़ने का दम है तो आओ।
देवास में तीस सालों से कांग्रेस हार रही है, आखिर क्यों कांग्रेस का विधायक नहीं बन रहा?
वर्मा- मप्र में ऐसे कई क्षेत्र हैं जहां हमारी पार्टी नहीं जीत पा रही। देवास की जनता की मानसिकता पर क्या कहूं। मैं कहना चाहूंगा कि अब राजा-महाराजा के दिन गए, क्यों इनको सर पर ढो रहे हो। देश आजाद हुए 75 साल हो गए हैं। मगर देवास में कोई किंग ऑफ देवास का पोस्टर लगाता है, कोई राजमाता बन जाता है।
आरोप तो ये लगते हैं कि यहां कांग्रेस ही कांग्रेस को चुनाव हरवाती है?
वर्मा- वोट जनता देती है, जनता ही नेता बनाती है। नेता अपने आप में कुछ नहीं है। जनता असली नेता चुने। अगर कांग्रेस में आपस में लड़ाई भी है तो जनता को उससे क्या मतलब। वह तो उसे चुने जो विकास कर सके। सज्जन वर्मा ने डंके की चोट पर विकास करके बताया। कोई चाहे तो मुझसे इस विषय में शास्त्रार्थ कर सकता है। मैं ईमानदार राजनेता हूं। जिले की राजनीति में सक्रिय हूं तो मेरा कर्तव्य है कि यहां का विकास हो।
