फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

Diwali 2024: राजाओं का महालक्ष्मी मंदिर, हर मांग होती है पूरी, सराफा व्यापारी मत्था टेककर शुरू करते हैं काम

Thu, 31 Oct 2024 08:55 AM IST
अर्जुन रिछारिया अमर उजाला, डिजिटल डेस्क, इंदौर
अमर उजाला, डिजिटल डेस्क, इंदौर Published by: अर्जुन रिछारिया Updated Thu, 31 Oct 2024 08:55 AM IST
सार

Diwali 2024: महालक्ष्मी मंदिर में 31 अक्टूबर को ही दीपावली मनाई जाएगी। यह इंदौर का प्रमुख लक्ष्मी मंदिर है। इसका इतिहास और मान्याताएं इसे बेहद खास बनाती हैं।
 

विज्ञापन
mahalakshmi mandir rajwada diwali deepawali 2024 festival puja muhurat
राजबाड़ा पर स्थित प्राचीन लक्ष्मी मंदिर। - फोटो : अमर उजाला, इंदौर
इंदौर के राजवाड़ा में होलकर काल में बना महालक्ष्मी मंदिर है। माना जाता है कि इस मंदिर की वजह से ही होलकर राजाओं को कभी अपने राज्य में धन की कमी नहीं हुई। मंदिर राजबाड़ा महल के दाएं हाथ पर स्थित है। होलकर परिवार के राजा और रानियां इस मंदिर में पूजा अर्चना करने के लिए जाते थे। यह मंदिर लगभग 190 साल पुराना है। यहां पर दीपावली का कार्यक्रम बेहद खास होता है। यह इंदौर का सबसे प्रमुख लक्ष्मी मंदिर है। 
mahalakshmi mandir rajwada diwali deepawali 2024 festival puja muhurat
मंदिर के पुजारी से अमर उजाला की बातचीत। - फोटो : अमर उजाला, इंदौर
यहां के पुजारी पंडित भानु प्रकाश दुबे ने अमर उजाला से बातचीत में बताया कि यहां पर लोग दूर दूर से अपनी मनोकामना मांगने के लिए आते हैं। मैंने खुद कई लोगों की इच्छाएं पूरी होते हुए देखी हैं। वे कहते हैं कि यदि सच्चे दिल से मांगो तो ईश्वर हर इच्छा पूरी करता है। इंदौर के महालक्ष्मी मंदिर का ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व है। यह मंदिर देवी लक्ष्मी को समर्पित है, जो धन, समृद्धि और सुख-शांति की देवी मानी जाती हैं। इंदौर के महालक्ष्मी मंदिर में हर साल दिवाली और विशेष रूप से लक्ष्मी पूजन के दौरान श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ती है। आज भी होलकर परिवार से जुड़े लोग, व्यापारी, कर्मचारी और सराफा कारोबारी सबसे पहले मंदिर पर मत्था टेकते हैं और फिर अपना काम शुरू करते हैं। 

मंदिर की विशेषताएं और इतिहास
इसे होलकर काल में बनवाया गया था। इस मंदिर की वास्तुकला अद्भुत है और इसे सजाने में कई सुंदर शिल्प कार्य और नक्काशी का उपयोग किया गया है। मंदिर के गर्भगृह में मां लक्ष्मी की प्रतिमा स्थापित है, जो सोने के आभूषणों और वस्त्रों से सजी हुई रहती है। इसके अलावा, मंदिर के अंदर अन्य देवी-देवताओं की मूर्तियां भी स्थापित हैं। यह मंदिर कई बार हादसों का भी शिकार हुआ लेकिन जन सहयोग से इसे बनवाया गया। 

मान्यताएं और धार्मिक महत्व
इंदौर के महालक्ष्मी मंदिर में यह मान्यता है कि यहां दर्शन करने से और सच्चे मन से पूजा करने से भक्तों की आर्थिक समस्याएं दूर होती हैं और उन्हें धन, संपत्ति और समृद्धि का आशीर्वाद मिलता है। भक्त यहां आकर अपने कष्टों से मुक्ति और सुख-शांति की कामना करते हैं। विशेषकर व्यापारी वर्ग के लोग यहां आकर मां लक्ष्मी से आशीर्वाद लेते हैं, ताकि उनके व्यवसाय में उन्नति हो।

महोत्सव और उत्सव
महालक्ष्मी मंदिर में दिवाली का पर्व बड़े धूमधाम से मनाया जाता है। लक्ष्मी पूजन के अवसर पर मंदिर को भव्य तरीके से सजाया जाता है, और यहां विशेष पूजा-अर्चना की जाती है। इसके अलावा, हर शुक्रवार को भी यहां विशेष पूजा का आयोजन होता है और भक्त मां लक्ष्मी की कृपा पाने के लिए व्रत रखते हैं। इंदौर का महालक्ष्मी मंदिर न केवल धार्मिक महत्व रखता है, बल्कि यहां का शांत वातावरण और वास्तुकला भी इसे दर्शनीय बनाता है, जिससे यह शहर के प्रमुख पर्यटन स्थलों में गिना जाता है।
 
अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed