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Chhatarpur: लापरवाही से बारिश में भीगा गरीबों का चावल, 2600 टन चावल की रैक मंडला से एक दिन पहले ही आई थी
Sun, 24 Jul 2022 09:19 PM IST
दिनेश शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, छतरपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, छतरपुर
Published by: दिनेश शर्मा
Updated Sun, 24 Jul 2022 09:19 PM IST
सार
Chhatarpur: लापरवाही से बारिश में भीगा गरीबों का चावल, 2600 टन चावल की रैक मंडला से एक दिन पहले ही आई थी
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हरपालपुर रेल्वे स्टेशन के रैंक पॉइंट पर खुले में रखा 2600 टन चावल बारिश में भीग गया।
- फोटो : सोशल मीडिया
छतरपुर जिले के हरपालपुर रेलवे रैक पॉइंट पर अधिकारियों एवं रैंक पॉइंट के परिवहन ठेकेदार की लापरवाही के चलते चावल की हजारों बोरियां बारिश के पानी में भींग गई। ये चावल गरीबों में वितरण के लिए था। भीगी बोरियों को आनन-फानन में ट्रकों में लोड कर गोदामों में भेजा जा रहा है।
चावल भीगने से खराब हो गया है।
- फोटो : सोशल मीडिया
बता दें कि शनिवार को हुई झमाझम बारिश में हरपालपुर रेल्वे स्टेशन के रैंक पॉइंट पर खुले में रखा 2600 टन चावल बारिश में भीग गया। करीब 50 हजार बोरी चावल शनिवार सुबह मध्यप्रदेश के मंडला जिले की मां शारदा राइस मिल से छतरपुर जिले में राशन की दुकानों पर पीएम कल्याण योजना पीडीएस के तहत गरीबों में वितरण के लिए आया था। शनिवार सुबह 6 बजे मंडला से आई 42 बोगियों की मालगाड़ी में 50 हजार बोरी चावल परिवहन ठेकेदार द्वारा मालगाड़ी से उतार कर रैंक पॉइंट पर डंफ कर दिया।
यहां बारिश से बचाव के लिए नागरिक आपूर्ति निगम के अधिकारियों एवं परिवहन ठेकेदार की लापरवाही सामने आई। बारिश से बचाव के लिए इंतज़ाम समय पर नहीं करने से चावल की बोरियां पूरी तरह पानी मे भीग गईं। हालांकि बारिश से बचाव के लिए चावल की पर कवर डाले गए थे, लेकिन वे नाकाफ़ी साबित हुए।
यहां बारिश से बचाव के लिए नागरिक आपूर्ति निगम के अधिकारियों एवं परिवहन ठेकेदार की लापरवाही सामने आई। बारिश से बचाव के लिए इंतज़ाम समय पर नहीं करने से चावल की बोरियां पूरी तरह पानी मे भीग गईं। हालांकि बारिश से बचाव के लिए चावल की पर कवर डाले गए थे, लेकिन वे नाकाफ़ी साबित हुए।
भीगने के बाद कुछ बोरियों में फफूंद भी लगी नजर आई।
- फोटो : सोशल मीडिया
खराब चावल को श्रमिकों एवं पल्लेदारों को लगाकर ट्रकों में लोड कर सरकारी गोदामो वेयरहाउसों में भेजा जा रहा है। अब सवाल ये है कि क्या यही खराब भीगा हुआ चावल खाद सुरक्षा के तहत जिले बीपीएल कार्डधारियों, पीएम कल्याण अन्न योजना के तहत गरीबों को वितरण किया जाएगा।
रैक पॉइंटप पर परिवहन का ठेका भोपाल की मित्तल कंपनी का है, पर मित्तल कंपनी ने यहां पेटी कांट्रेक्ट पर लोकल ठेकेदार को ठेका दिया है। जिसके चलते सरकारी काम जिम्मेदारी से न होकर हवा-हवाई और सिर्फ कागजों में हो रहा है। और नतीजतन इस तरह की लापरवाही अक्सर आए-दिन देखने को मिलती हैं।
रैक पॉइंटप पर परिवहन का ठेका भोपाल की मित्तल कंपनी का है, पर मित्तल कंपनी ने यहां पेटी कांट्रेक्ट पर लोकल ठेकेदार को ठेका दिया है। जिसके चलते सरकारी काम जिम्मेदारी से न होकर हवा-हवाई और सिर्फ कागजों में हो रहा है। और नतीजतन इस तरह की लापरवाही अक्सर आए-दिन देखने को मिलती हैं।
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भीगी बोरियों को आनन-फानन में ट्रकों में लोड कर गोदामों में भेजा जा रहा है।
- फोटो : सोशल मीडिया
मामले में जिला प्रबंधक नागरिक आपूर्ति निगम छतरपुर रिंकी साहू का कहना है कि अब तक बारिश में चावल भीगने का मामला मेरे संज्ञान में नहीं आया था। आपके द्वारा पता चला है कि बारिश में चावल भीगा और खराब हो रहा है तो फिर भी हम इस को दिखवाते है और जांच करेंगे। वहीं नौगांव तहसीलदार सुनीता साहनी का कहना है कि मानसून के मौसम में बारिश से बचाव के लिए पर्याप्त इंतज़ाम क्यों नहीं किए गए, यह बड़ी लापरवाही है। हम आरआई और पटवारी को भेजकर दिखवाते हैं।
