{"_id":"687b1f294fba9a072e019576","slug":"mp-news-torrential-rain-in-chhatarpur-disrupts-life-flood-like-situation-in-many-areas-holiday-in-schools-2025-07-19","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"MP News: छतरपुर में मूसलाधार बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त, कई क्षेत्रों में बाढ़ जैसे हालात, देखें तस्वीरें","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
MP News: छतरपुर में मूसलाधार बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त, कई क्षेत्रों में बाढ़ जैसे हालात, देखें तस्वीरें
Sat, 19 Jul 2025 09:59 AM IST
आशुतोष प्रताप सिंह
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, छतरपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, छतरपुर
Published by: आशुतोष प्रताप सिंह
Updated Sat, 19 Jul 2025 09:59 AM IST
सार
मध्यप्रदेश के छतरपुर जिले में लगातार दो दिनों की मूसलधार बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। जिले में अब तक 42.3 इंच बारिश दर्ज की गई, जो औसत से अधिक है।
विज्ञापन
छतरपुर में भारी बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त
- फोटो : अमर उजाला
मध्यप्रदेश के छतरपुर जिले में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने करीब 30 से 35 वर्षों का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। बीते दो दिनों में ही जिले में 22 इंच से अधिक बारिश दर्ज की गई है। 1 जून से 18 जुलाई तक जिले में 42.3 इंच बारिश हो चुकी है, जो औसत आंकड़े के बराबर है। बिजावर में सबसे अधिक 44.9 इंच बारिश दर्ज की गई, जबकि बड़ामलहरा में 42 इंच, नौगांव में 36.5 इंच, गौरिहार 33.8 इंच, राजनगर 29.6 इंच, बकस्वाहा 24.4 इंच और लवकुशनगर में 22.9 इंच बारिश हुई है। बारिश के चलते जिले के लगभग सभी जलस्रोत लबालब हो चुके हैं, जबकि खेतों में पानी भर गया है और कई इलाकों में घरों में पानी घुस गया। पिछले वर्ष की तुलना में इस बार बारिश कई गुना अधिक हुई है।
छतरपुर में घरों में घुसा पानी
- फोटो : अमर उजाला
गुरुवार रात की बारिश से मचा हाहाकार
गुरुवार रात हुई मूसलाधार बारिश से नदियां उफान पर आ गईं और कई पुल-पुलियां बह गईं। प्रताप सागर तालाब के चौपाटी क्षेत्र की सभी सीढ़ियां जलमग्न हो गईं। खजुराहो क्षेत्र के कुटने डेम के गेट दस साल में पहली बार खोले गए, क्योंकि यह पहली बार पूरी तरह भर गया।
गुरुवार रात हुई मूसलाधार बारिश से नदियां उफान पर आ गईं और कई पुल-पुलियां बह गईं। प्रताप सागर तालाब के चौपाटी क्षेत्र की सभी सीढ़ियां जलमग्न हो गईं। खजुराहो क्षेत्र के कुटने डेम के गेट दस साल में पहली बार खोले गए, क्योंकि यह पहली बार पूरी तरह भर गया।
गांवों में पहुंची राहत टीमें
- फोटो : अमर उजाला
प्रशासन सतर्क, संवेदनशील क्षेत्रों में पुलिस तैनात
कलेक्टर पार्थ जैसवाल और एसपी के निर्देश पर प्रशासनिक अमला और पुलिस बल संवेदनशील क्षेत्रों में पहुंच गया। नदियों और पुलों के आसपास लोगों को सचेत किया गया और लगातार निगरानी की जा रही है। छतरपुर विधायक ललिता यादव ने जलभराव वाले क्षेत्रों का निरीक्षण किया और प्रशासन को तत्काल राहत व समुचित व्यवस्था के निर्देश दिए।
कलेक्टर पार्थ जैसवाल और एसपी के निर्देश पर प्रशासनिक अमला और पुलिस बल संवेदनशील क्षेत्रों में पहुंच गया। नदियों और पुलों के आसपास लोगों को सचेत किया गया और लगातार निगरानी की जा रही है। छतरपुर विधायक ललिता यादव ने जलभराव वाले क्षेत्रों का निरीक्षण किया और प्रशासन को तत्काल राहत व समुचित व्यवस्था के निर्देश दिए।
विज्ञापन
विज्ञापन
जलभराव से हालात बिगड़े
- फोटो : अमर उजाला
मौसम विभाग का पूर्वानुमान
मौसम विभाग के अनुसार, बंगाल की खाड़ी और अरब सागर के सर्कुलेशन के मिलन से भारी बारिश हुई है। अब यह सिस्टम ग्वालियर की ओर बढ़ चुका है। विभाग ने 30 जुलाई तक मौसम साफ रहने की संभावना जताई है।
मौसम विभाग के अनुसार, बंगाल की खाड़ी और अरब सागर के सर्कुलेशन के मिलन से भारी बारिश हुई है। अब यह सिस्टम ग्वालियर की ओर बढ़ चुका है। विभाग ने 30 जुलाई तक मौसम साफ रहने की संभावना जताई है।
विज्ञापन
डैम के गेट खुले
- फोटो : अमर उजाला
डैम और नदियों की स्थिति
उर्मिल डैम: नौगांव में 24 घंटे में 5-8 इंच बारिश के बाद उर्मिल डैम के 7 गेट खोलने पड़े।
लहचूरा बांध: 13 गेट खोलकर 2.55 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया।
सिंहपुर-रनगुवां डेम: जलस्तर बढ़ने के कारण गेट खोले गए, विधायक ने निरीक्षण किया।
उर्मिल डैम: नौगांव में 24 घंटे में 5-8 इंच बारिश के बाद उर्मिल डैम के 7 गेट खोलने पड़े।
लहचूरा बांध: 13 गेट खोलकर 2.55 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया।
सिंहपुर-रनगुवां डेम: जलस्तर बढ़ने के कारण गेट खोले गए, विधायक ने निरीक्षण किया।
