किसी भी कला प्रदर्शन का मंच कलाकार की कल्पना को साकार करने का एक सशक्त माध्यम होता है। खजुराहो नृत्य समारोह में नेपथ्य प्रदर्शनी के माध्यम से कला को सजीव रूप से प्रदर्शित किया जा रहा है। यह सभी पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। इस वर्ष नेपथ्य में कथकली नृत्य कला से कला रसिक एवं दर्शकों को नृत्य से संबंधित सभी महत्वपूर्ण पक्षों का परिचय कराया जा रहा है। कथकली नृत्य में प्रयोग होने वाली वेशभूषा, परिधान, अलंकरण और मंच सामग्री इत्यादि को आकर्षक रूप में प्रदर्शित किया गया है।
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कला रसिकों का कथक नृत्य के अलंकारों से करा रही परिचय
- फोटो : अमर उजाला
भारत के सभी शास्त्रीय नृत्य परंपरा में वेशभूषा और मंच सामग्री (आहार्य अभिनय) की परिष्कृत परंपरा रही है, जिसमें पीढ़ी दर पीढ़ी नृत्य को संस्कारित करने के साथ ही हर काल में उसका विशिष्ट परिचय भी गढ़ा। नृत्य केवल प्रदर्शन मात्र नहीं है बल्कि एक समेकित प्रयास है जहां कलाकार के द्वारा किया गया अलंकरण, उसके द्वारा पहने गए परिधान, आभूषण और संगीत जैसे सभी घटक एक सूत्र में बंध कर अपनी बात कहते हैं।
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26 फरवरी तक चलेगा डांस फेस्टिवल
- फोटो : अमर उजाला
प्रदर्शनी के माध्यम से हर वर्ष एक विशिष्ट शीर्षक के अंतर्गत दर्शकों को नृत्य प्रदर्शन एवं उसके महत्वपूर्ण घटकों से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियों को साझा किया गया है, जिसे आमजनों के द्वारा कला की समझ को बेहतर बनाने के लिए बहुत सराहा गया है। वर्ष 2023 में समारोह अंतर्गत नेपथ्य में कथकली पर केंद्रित प्रदर्शनी का आयोजन किया जा रहा है।