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Chhatarpur: पर्यावरण बचाने की अनोखी पहल ने शख्स को बनाया बुंदेलखंड का ट्री-मैन, बांट चुके हैं लाखों पौधे
Mon, 10 Jul 2023 02:51 PM IST
अंकिता विश्वकर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, छतरपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, छतरपुर
Published by: अंकिता विश्वकर्मा
Updated Mon, 10 Jul 2023 02:51 PM IST
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पौधे के साथ जन्मदिन मनाते डॉ. राजेश
- फोटो : अमर उजाला
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वृक्ष मित्र के रूप में ख्याति पा चुके सामाजिक कार्यकर्ता डॉ. राजेश अग्रवाल इस वर्ष अपनी ओर से पर्यावरण को बचाने के लिए एक लाख पौधों का नि:शुल्क वितरण करेंगे। नौ जुलाई को उन्होंने अपने जन्मदिन के अवसर पर इस अभियान की शुरूआत कर दी। डॉ. राजेश अग्रवाल पिछले नौ वर्षों से निरंतर निजी स्तर पर पौधों को खरीदकर इनका वितरण करते आ रहे हैं। पिछले नौ वर्षों में उनके द्वारा दो लाख पौधों का वितरण किया गया है। इस वर्ष वे बागेश्वर धाम सरकार के निर्देश पर एक लाख पौधों का वितरण करने की योजना बना चुके हैं।
इस साल एक लाख पौधे बांटेगे डॉ. राजेश
- फोटो : अमर उजाला
गमलों से नहीं जंगल से बचेगा पर्यावरण
डॉ. राजेश अग्रवाल जिन पौधों का वितरण करते हैं उनमें ज्यादातर पौधे बड़े वृक्ष के रूप में विकसित होते हैं। वे आम, नीम, पीपल, बरगद, जामुन, आंवला, अशोक, गुलमोहर, कचनार, पपीता, सागौन जैसे पौधों का वितरण करते हैं। इसके अलावा कुछ मात्रा में फूल वाले छोटे पौधे भी मंगाते हैं। उनका उद्देश्य है कि ज्यादा से ज्यादा बड़े वृक्षों का रोपण हो ताकि पर्यावरण शुद्ध हो। उनका कहना है कि हम अपने स्तर पर गमले तो रखते हैं लेकिन हमें सार्वजनिक स्थलों पर बड़े पौधों का रोपण करना चाहिए क्योंकि पर्यावरण गमलों से नहीं जंगलों से सुरक्षित होगा।
सिर्फ वितरण नहीं निगरानी भी करते हैं
डॉ. राजेश अग्रवाल सिर्फ पौधों का वितरण ही नहीं करते, बल्कि इन्हें वितरित करने के बाद समय-समय पर उनकी निगरानी भी करते हैं। महोबा रोड मिशन अस्पताल के सामने रहने वाले डॉ. राजेश अग्रवाल के पास गांव और शहर के कई लोग पौधे लेने पहुंचते हैं। कई संस्थाएं भी उनसे पौधे लेकर रोपित कर रही हैं। पौधे देने के पहले वे आवेदक से एक फार्म भरवाते हैं जिसमें नाम, पता, मोबाइल नंबर के अलावा लिए गए पौधों का विवरण भी होता है।
डॉ. राजेश अग्रवाल जिन पौधों का वितरण करते हैं उनमें ज्यादातर पौधे बड़े वृक्ष के रूप में विकसित होते हैं। वे आम, नीम, पीपल, बरगद, जामुन, आंवला, अशोक, गुलमोहर, कचनार, पपीता, सागौन जैसे पौधों का वितरण करते हैं। इसके अलावा कुछ मात्रा में फूल वाले छोटे पौधे भी मंगाते हैं। उनका उद्देश्य है कि ज्यादा से ज्यादा बड़े वृक्षों का रोपण हो ताकि पर्यावरण शुद्ध हो। उनका कहना है कि हम अपने स्तर पर गमले तो रखते हैं लेकिन हमें सार्वजनिक स्थलों पर बड़े पौधों का रोपण करना चाहिए क्योंकि पर्यावरण गमलों से नहीं जंगलों से सुरक्षित होगा।
सिर्फ वितरण नहीं निगरानी भी करते हैं
डॉ. राजेश अग्रवाल सिर्फ पौधों का वितरण ही नहीं करते, बल्कि इन्हें वितरित करने के बाद समय-समय पर उनकी निगरानी भी करते हैं। महोबा रोड मिशन अस्पताल के सामने रहने वाले डॉ. राजेश अग्रवाल के पास गांव और शहर के कई लोग पौधे लेने पहुंचते हैं। कई संस्थाएं भी उनसे पौधे लेकर रोपित कर रही हैं। पौधे देने के पहले वे आवेदक से एक फार्म भरवाते हैं जिसमें नाम, पता, मोबाइल नंबर के अलावा लिए गए पौधों का विवरण भी होता है।
बुंदेलखंड के ट्री मैन के रूप में हो चुके हैं मशहूर
- फोटो : अमर उजाला
पौधे लेकर इन्हें रोपित करने वाले व्यक्ति के साथ डॉ. राजेश अग्रवाल नियमित संपर्क में रहते हैं और समय-समय पर पौधों का निरीक्षण भी करते हैं। इस काम के लिए डॉ. राजेश अग्रवाल को नौगांव में भारतीय थल सेना एवं इंदौर में एक सामाजिक संस्था के द्वारा सम्मानित किया जा चुका है। उन्हें बुन्देलखण्ड में वृक्ष मित्र और ट्री मैन के रूप में जाना जाता है।
